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Panchkula News: आरटीआई आयोग ने जांच करने के लिए एसआईटी गठित करने के दिए आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई करते हुए भगोड़े व्यक्ति को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने संबंधी मामले की जांच करने के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं।
पंजाब राज्य सूचना आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मक्खू तहसील जीरा जिला फिरोजपुर निवासी गीतिका द्वारा लोक सूचना अधिकारी कार्यालय एडीसीपी-3 पुलिस आयुक्त लुधियाना और प्रथम अपीलीय प्राधिकरण कार्यालय पुलिस आयुक्त लुधियाना के विरुद्ध दायर अपील की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि साहिल मल्होत्रा
के खिलाफ वुमन सेल फिरोजपुर में एफआईआर 3 दिसंबर 2018 को दर्ज हुई थी। इसके बावजूद उक्त व्यक्ति
को पंजाब पुलिस द्वारा पासपोर्ट संबंधी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई के उपरांत पंजाब राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह ने आदेश जारी करते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे इस पूरे मामले में एसआईटी बनाकर जांच करवाएं और इसकी रिपोर्ट छह महीने के भीतर आयोग को प्रस्तुत करें। साथ ही आयोग को गलत जानकारी उपलब्ध करवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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चंडीगढ़। पंजाब राज्य सूचना आयोग ने सुनवाई करते हुए भगोड़े व्यक्ति को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने संबंधी मामले की जांच करने के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिए हैं।
पंजाब राज्य सूचना आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मक्खू तहसील जीरा जिला फिरोजपुर निवासी गीतिका द्वारा लोक सूचना अधिकारी कार्यालय एडीसीपी-3 पुलिस आयुक्त लुधियाना और प्रथम अपीलीय प्राधिकरण कार्यालय पुलिस आयुक्त लुधियाना के विरुद्ध दायर अपील की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि साहिल मल्होत्रा
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के खिलाफ वुमन सेल फिरोजपुर में एफआईआर 3 दिसंबर 2018 को दर्ज हुई थी। इसके बावजूद उक्त व्यक्ति
को पंजाब पुलिस द्वारा पासपोर्ट संबंधी पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई के उपरांत पंजाब राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह ने आदेश जारी करते हुए पंजाब पुलिस के महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे इस पूरे मामले में एसआईटी बनाकर जांच करवाएं और इसकी रिपोर्ट छह महीने के भीतर आयोग को प्रस्तुत करें। साथ ही आयोग को गलत जानकारी उपलब्ध करवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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