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Panchkula News: पुलिस लाइन से निकल रही ज्ञान की रोशनी, छात्र भर रहे कॅरिअर की उड़ान
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पंचकूला। मोगीनंद गांव स्थित पुलिस लाइन में सरदार पटेल पुलिस पुस्तकालय से ज्ञान की रोशनी निकल रही है। यहां हर दिन करीब 40 से 50 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। इस पुस्तकालय में पुलिस सेवा में तैनात जवानों के बच्चों समेत बाहर के छात्र भी निशुल्क पढ़ाई कर रहे हैं। यह लाइब्रेरी सुबह 8 से रात 8 बजे तक खुली रहती है। इस पुस्तकालय से अध्ययन कर कई छात्रों ने कॅरिअर को उड़ान दी है।
लाइब्रेरी इंचार्ज एएसआई सविंदर ने बताया कि पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर हिंदी और अंग्रेजी साहित्य की करीब 6000 किताबें मौजूद हैं। वहीं, एक लाख से अधिक ई-बुक लाइब्रेरी में मौजूद हैं। युवाओं की भाषा क्षमता संवर्धन के लिए भी किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। जो छात्र वहां बैठ कर पढ़ाई करते हैं, उनकी मांग पर किताबें मंगवाई जाती हैं। साइबर प्लेटफॉर्म के लिए इंटरनेट सुविधा से लेस दर्जनभर कंप्यूटर, वाईफाई और शांत वातावरण छात्रों को मुहैया कराया गया है।
विदेशी भाषा भी सिखाई जाती है
साहित्य अकादमी, एनसीईआरटी और अन्य विश्वविद्यालयों के विदेशी भाषा विभाग के सहयोग से विदेशी भाषा लर्निंग केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जो छात्र विदेशी भाषा सीखने की इच्छा रखते हैं, वह इस केंद्र का हिस्सा बन रहे हैं।
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15 मार्च 2024 को हुआ था शुभारंभ
पुलिस लाइन में पुस्तकालय की पहल हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने की थी। इसका शुभारंभ 15 मार्च 2024 हुआ था। आज यह पुस्तकालय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता प्रशस्त कर रहा है।
एक साल से लाइब्रेरी से ही कर रहा हूं पढ़ाई
सितंबर 2024 में आईआईटी मद्रास में सिलेक्शन हुआ था। तीसरा सेमेस्टर चल रहा है। एक साल से पुलिस लाइब्रेरी से ही पढ़ाई कर रहा हूं। लाइब्रेरी में हर तरह की किताबें मौजूद है। आठ सीजीपी से ऊपर अंक आने पर कॉलेज में लास्ट ईयर स्टडी के लिए बुलाया जाएगा। -आर्यन, निवासी पुलिस लाइन
यूपीएससी की चल रही तैयारी, 10-11 घंटे चल रही है पढ़ाई
पिता पुलिस में हैं इसलिए परिवार पुलिस लाइन में ही रहता है। लाइब्रेरी में यूपीएससी के लिए सेल्फ स्टडी कर रहा हूं। एक अटेंप्ट भी दे चुका हूं। उम्मीद है कि इस बार सफलता मिले। यहां हर तरह की सुविधा है। लाइब्रेरी का वातावरण अच्छा है। हर दिन करीब 10 से 11 घंटे पढ़ाई चल रही है। - तनिज निवासी पुलिस लाइन
सोशियोलोजी से बीए किया है। इस लाइब्रेरी में पढ़ाई करते करीब 8 महीने से अधिक समय हो गया। लाइब्रेरी में इंटरनेट, कंप्यूटर सिस्टम से लेकर हर तरह की सुविधा है, लेकिन एज लिमिट का कोई नियम नहीं है, जो कि होना चाहिए। लाइब्रेरी में 8वीं कक्षा से नीचे के छात्र नहीं आने चाहिए। अगर आएं तो उनके लिए कोई समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि जो लोग बड़े कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। उनको परेशानी झेलनी पड़ती है।- आर्यन ग्रेवाल निवासी पुलिस लाइन पंचकूला।
लाइब्रेरी में कर रहा हूं परीक्षा की तैयारी
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी के एग्जाम की तैयारी कर रही हूं। परीक्षा नजदीक हैं। हर दिन करीब 8 घंटे लाइब्रेरी में बैठकर परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। लाइब्रेरी का सेल्फ स्टडी करने वाले छात्रों के जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। - सविता, निवासी पुलिस लाइन
लाइब्रेरी ने कई युवाओं का जीवन सफल बनाया
एक साल पुलिस लाइब्रेरी में आईआईटी की सेल्फ स्टडी की है। आईआईटी मद्रास में चयन भी हो गया। तीसरा सेमिस्टर चल रहा है। लाइब्रेरी ने कई युवाओं का जीवन सफल बनाया है। आज भी हर दिन करीब 40 से 50 बच्चे यहां से तैयारी कर रहे हैं। हर तरह की सुविधाओं से लेस लाइब्रेरी मिलना सौभाग्य की बात है। - लक्ष्य निवासी पुलिस लाइन पंचकूला
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लाइब्रेरी इंचार्ज एएसआई सविंदर ने बताया कि पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर हिंदी और अंग्रेजी साहित्य की करीब 6000 किताबें मौजूद हैं। वहीं, एक लाख से अधिक ई-बुक लाइब्रेरी में मौजूद हैं। युवाओं की भाषा क्षमता संवर्धन के लिए भी किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। जो छात्र वहां बैठ कर पढ़ाई करते हैं, उनकी मांग पर किताबें मंगवाई जाती हैं। साइबर प्लेटफॉर्म के लिए इंटरनेट सुविधा से लेस दर्जनभर कंप्यूटर, वाईफाई और शांत वातावरण छात्रों को मुहैया कराया गया है।
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विदेशी भाषा भी सिखाई जाती है
साहित्य अकादमी, एनसीईआरटी और अन्य विश्वविद्यालयों के विदेशी भाषा विभाग के सहयोग से विदेशी भाषा लर्निंग केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जो छात्र विदेशी भाषा सीखने की इच्छा रखते हैं, वह इस केंद्र का हिस्सा बन रहे हैं।
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15 मार्च 2024 को हुआ था शुभारंभ
पुलिस लाइन में पुस्तकालय की पहल हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने की थी। इसका शुभारंभ 15 मार्च 2024 हुआ था। आज यह पुस्तकालय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का रास्ता प्रशस्त कर रहा है।
एक साल से लाइब्रेरी से ही कर रहा हूं पढ़ाई
सितंबर 2024 में आईआईटी मद्रास में सिलेक्शन हुआ था। तीसरा सेमेस्टर चल रहा है। एक साल से पुलिस लाइब्रेरी से ही पढ़ाई कर रहा हूं। लाइब्रेरी में हर तरह की किताबें मौजूद है। आठ सीजीपी से ऊपर अंक आने पर कॉलेज में लास्ट ईयर स्टडी के लिए बुलाया जाएगा। -आर्यन, निवासी पुलिस लाइन
यूपीएससी की चल रही तैयारी, 10-11 घंटे चल रही है पढ़ाई
पिता पुलिस में हैं इसलिए परिवार पुलिस लाइन में ही रहता है। लाइब्रेरी में यूपीएससी के लिए सेल्फ स्टडी कर रहा हूं। एक अटेंप्ट भी दे चुका हूं। उम्मीद है कि इस बार सफलता मिले। यहां हर तरह की सुविधा है। लाइब्रेरी का वातावरण अच्छा है। हर दिन करीब 10 से 11 घंटे पढ़ाई चल रही है। - तनिज निवासी पुलिस लाइन
सोशियोलोजी से बीए किया है। इस लाइब्रेरी में पढ़ाई करते करीब 8 महीने से अधिक समय हो गया। लाइब्रेरी में इंटरनेट, कंप्यूटर सिस्टम से लेकर हर तरह की सुविधा है, लेकिन एज लिमिट का कोई नियम नहीं है, जो कि होना चाहिए। लाइब्रेरी में 8वीं कक्षा से नीचे के छात्र नहीं आने चाहिए। अगर आएं तो उनके लिए कोई समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि जो लोग बड़े कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। उनको परेशानी झेलनी पड़ती है।- आर्यन ग्रेवाल निवासी पुलिस लाइन पंचकूला।
लाइब्रेरी में कर रहा हूं परीक्षा की तैयारी
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी के एग्जाम की तैयारी कर रही हूं। परीक्षा नजदीक हैं। हर दिन करीब 8 घंटे लाइब्रेरी में बैठकर परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। लाइब्रेरी का सेल्फ स्टडी करने वाले छात्रों के जीवन में बहुत बड़ा योगदान है। - सविता, निवासी पुलिस लाइन
लाइब्रेरी ने कई युवाओं का जीवन सफल बनाया
एक साल पुलिस लाइब्रेरी में आईआईटी की सेल्फ स्टडी की है। आईआईटी मद्रास में चयन भी हो गया। तीसरा सेमिस्टर चल रहा है। लाइब्रेरी ने कई युवाओं का जीवन सफल बनाया है। आज भी हर दिन करीब 40 से 50 बच्चे यहां से तैयारी कर रहे हैं। हर तरह की सुविधाओं से लेस लाइब्रेरी मिलना सौभाग्य की बात है। - लक्ष्य निवासी पुलिस लाइन पंचकूला