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रामगढ़ टीबीआरएल रेंज में हाई कैलिबर बम का सुबह 11:24 बजे हुआ परीक्षण

Mon, 01 Jun 2026 12:06 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:06 AM IST
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The high-caliber bomb was tested at 11:24 am at the Ramgarh TBRL range.
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला स्थित रामगढ़ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) रेंज में रविवार को हाई कैलिबर बम का परीक्षण हुआ। डीआरडीओ की इस रणनीतिक इकाई में वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों की सीधी निगरानी में यह महा-परीक्षण किया गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने रेंज के आसपास के करीब दो किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह संवेदनशील जोन घोषित कर रखा था, जिसके चलते कई घंटों तक आधा दर्जन से अधिक गांवों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घरों के भीतर दुबके रहे। सुबह ठीक 11:24 बजे जैसे ही परीक्षण हुआ, एक जोरदार धमाके के साथ धरती हिल उठी। हालांकि, जिला प्रशासन, पुलिस और टीबीआरएल की संयुक्त टीमों की कड़ी मुस्तैदी के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। परीक्षण के सफल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और 12.30 बजे के बाद बंद रास्तों को दोबारा आम जनता के लिए खोला गया।
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सड़कों पर बजते रहे सायरन, छावनी में तब्दील हुए गांव
परीक्षण को लेकर रविवार सुबह से ही भानू, बिल्ला, माणक्यां, कोट, आसरेवाली और बेलवाली सहित आसपास के इलाकों में भारी तनाव माहौल था। पुलिस की गाड़ियां लगातार सायरन बजाते हुए गश्त कर रही थीं। सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिल्ला से आसरेवाली और बुंगा जाने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था। गांवों में मुनादी कराकर और लाउडस्पीकर के जरिये लोगों को हिदायत दी जा रही थी कि वे अपने घरों की खिड़की-दरवाजे बंद रखें और किसी भी सूरत में खुले स्थानों पर न निकलें।
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तीन ब्लास्ट होने थे, पर एक धमाके के बाद ही थमा ट्रायल
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सेना और वैज्ञानिकों की योजना इस हाई कैलिबर बम के तीन बैक-टू-बैक परीक्षण करने की थी। इसके लिए सेना के जवान सुबह ही हेलीकॉप्टर के जरिये सीधे टीबीआरएल कैंपस पहुंचे थे, लेकिन किन्हीं रणनीतिक या तकनीकी कारणों से रविवार को केवल एक ही ब्लास्ट किया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के दौरान नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई।
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लोगों बोले- 40 साल में पहली बार देखा ऐसा पहरा
सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां गांव में घूम रही थीं और एरिया के नजदीक दुकानों को बंद रखने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि धमाके की आवाज काफी तेज थी जिससे कुछ देर तक डर का माहौल बना रहा। - कृष्ण कुमार, भानू निवासी
--प्रशासन ने पहले ही लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। धमाके के समय पूरा गांव लगभग घरों में कैद था। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर का सुरक्षा बंदोबस्त और परीक्षण देखा। -दुकानदार अनिल जांगड़ा, गांव बिल्ला

--सुबह से ही गांव में तनाव जैसा माहौल था। हर कोई परीक्षण को लेकर चर्चा कर रहा था। पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी और लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही थी।- राजकुमार


कोट
हाई कैलिबर ट्रायल को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया गया और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। पुलिस, प्रशासन और टीबीआरएल की संयुक्त टीमों ने पूरे अभियान को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया।- तंजिंदर पाल, रामगढ़ चौकी इंचार्ज
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