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सरकार के प्रस्ताव पर शनिवार को फैसला लेंगे मुलाजिम
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चंडीगढ़। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में खामियां और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन पर उतारे मुलाजिम संगठनों ने शुक्रवार को प्रस्तावित कलम छोड़, कंप्यूटर बंद व ऑनलाइन काम बंद हड़ताल को वापस ले लिया, लेकिन 9 से 15 अगस्त तक राज्यव्यापी हड़ताल के अपने फैसले को बरकरार रखा है। गत 4 अगस्त को कैबिनेट सब-कमेटी के साथ हुई बैठक में सरकार द्वारा मुलाजिमों को दिए गए प्रस्ताव पर विचार के लिए मुलाजिम संगठनों ने 7 अगस्त को लुधियाना में बैठक बुलाई है।
मुलाजिमों के साझा फ्रंट की ओर से आंदोलन में हिस्सा ले रहे सभी अन्य संगठनों के नाम एक पत्र जारी कर कहा है कि पटियाला रैली के बाद राज्य सरकार के रुख में नरमी आई है और 30 जुलाई व 3 अगस्त को हुई बैठकें बेनतीजा रहने के बाद सरकार ने 4 अगस्त की बैठक में अपने पत्ते खोले हैं। पत्र में कहा गया कि कैबिनेट सब-कमेटी के बाद बैठक में मुलाजिमों की साझा मांगों के अलावा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर चर्चा की गई। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सिफारिशें लागू होने से प्रत्येक मुलाजिम के वेतन में कम से कम 15 फीसदी का इजाफा होगा और पहले से लागू भत्तों में कोई कटौती भी नहीं की जाएगी। इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम के अधीन फैमिली पेंशन, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने जैसी मांगों पर अभी विचार किया जा रहा है।
पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर विचार के लिए 7 अगस्त को लुधियाना में सभी मुलाजिम संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा की जाएगी। चर्चा का मुख्य विषय यह रहेगा कि सरकार वेतन में 15 फीसदी इजाफा कैसे करेगी। सरकार के कैलकुलेशन के तरीके पर ध्यान दिया जा रहा है और अगर यह सही नहीं होगा तो 8 अगस्त को सभी मुलाजिम जत्थेबंदियों को 9 अगस्त से हड़ताल पर जाने संबंधी रूपरेखा की जानकारी दी जाएगी।
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एनपीए के मुद्दे पर डाक्टर राजी, वापस ली हड़ताल
गत बुधवार को प्रदेश के वित्तमंत्री की ओर से एनपीए को बेसिक वेतन के साथ जोड़ने का एलान किए जाने के बाद ज्वाइंट गवर्नमेंट डाक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बीते सवा महीने से चली आ रही हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। कोऑर्डिनेशन कमेटी की तरफ से कहा गया कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने तक प्रदेश के सभी डाक्टर काले बैज लगाकर विरोध जारी रखते हुए ड्यूटी करेंगे। कमेटी से जुड़े पीसीएमएस एसोसिएशन के प्रधान डा. गगनदीप सिंह, वेटरिनरी ऑफिसर एसोसिएशन के प्रधान डा. सर्बजीत सिंह रंधावा, पीसीएमएसए के सीनियर उपाध्यक्ष डा. गगनदीप सिंह शेरगिल, डेंटल एसोसिएशन की प्रधान डा. पवनप्रीत कौर, आयुर्वेदिक एसोसिएशन के प्रधान डा. संजीव पाठक, आरएमओ एसोसिएशन के प्रधान डा. दीपइंदर सिंह, होम्योपैथिक एसोसिएशन के प्रधान डा. बलविंदर सिंह, रूरल मेडिकल अफसर एसोसिएशन के प्रधान डा. जगजीत सिंह बाजवा ने एक संयुक्त बयान में बताया कि डाक्टरों की ओर से 25 फीसदी एनपीए बहाल करने और उसे बेसिक वेतन से जोड़ने की मांग की गई थी लेकिन वीरवार को सरकार द्वारा डाक्टरों को पहले से मिल रहे 25 फीसदी एनपीए में कटौती करके 20 फीसदी करते हुए बेसिक वेतन से जोड़ने का एलान किया गया है। इस एलान के बाद सभी डाक्टरों ने हड़ताल तो वापस ले ली है, लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने तक विरोध जारी रहेगा।
मनरेगा मुलाजिमों को नहीं मिलेगा हड़ताल की अवधि का वेतन
राज्य भर में गत 9 जुलाई से हड़ताल कर रहे, पंजाब ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। पंचायत विभाग के अधीन संयुक्त विकास आयुक्त व मनरेगा आयुक्त की तरफ से सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों व एडिशनल जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर (मनरेगा) के नाम पत्र जारी करते हुए कहा है कि मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब द्वारा 9 जुलाई से राज्य में पूर्ण हड़ताल की जा रही है, जिसकी वजह से मनरेगा योजना के अधीन विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। ऐसे में मनरेगा योजना के अधीन कार्यरत कर्मचारी जोकि हड़ताल में शामिल हैं, को नो वर्क नो पे नीति के अनुसार 9 जुलाई से वेतन जारी न किया जाए।
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मुलाजिमों के साझा फ्रंट की ओर से आंदोलन में हिस्सा ले रहे सभी अन्य संगठनों के नाम एक पत्र जारी कर कहा है कि पटियाला रैली के बाद राज्य सरकार के रुख में नरमी आई है और 30 जुलाई व 3 अगस्त को हुई बैठकें बेनतीजा रहने के बाद सरकार ने 4 अगस्त की बैठक में अपने पत्ते खोले हैं। पत्र में कहा गया कि कैबिनेट सब-कमेटी के बाद बैठक में मुलाजिमों की साझा मांगों के अलावा छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर चर्चा की गई। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सिफारिशें लागू होने से प्रत्येक मुलाजिम के वेतन में कम से कम 15 फीसदी का इजाफा होगा और पहले से लागू भत्तों में कोई कटौती भी नहीं की जाएगी। इसके अलावा पुरानी पेंशन स्कीम के अधीन फैमिली पेंशन, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने जैसी मांगों पर अभी विचार किया जा रहा है।
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पत्र में कहा गया है कि सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर विचार के लिए 7 अगस्त को लुधियाना में सभी मुलाजिम संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा चर्चा की जाएगी। चर्चा का मुख्य विषय यह रहेगा कि सरकार वेतन में 15 फीसदी इजाफा कैसे करेगी। सरकार के कैलकुलेशन के तरीके पर ध्यान दिया जा रहा है और अगर यह सही नहीं होगा तो 8 अगस्त को सभी मुलाजिम जत्थेबंदियों को 9 अगस्त से हड़ताल पर जाने संबंधी रूपरेखा की जानकारी दी जाएगी।
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एनपीए के मुद्दे पर डाक्टर राजी, वापस ली हड़ताल
गत बुधवार को प्रदेश के वित्तमंत्री की ओर से एनपीए को बेसिक वेतन के साथ जोड़ने का एलान किए जाने के बाद ज्वाइंट गवर्नमेंट डाक्टर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बीते सवा महीने से चली आ रही हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी है। कोऑर्डिनेशन कमेटी की तरफ से कहा गया कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने तक प्रदेश के सभी डाक्टर काले बैज लगाकर विरोध जारी रखते हुए ड्यूटी करेंगे। कमेटी से जुड़े पीसीएमएस एसोसिएशन के प्रधान डा. गगनदीप सिंह, वेटरिनरी ऑफिसर एसोसिएशन के प्रधान डा. सर्बजीत सिंह रंधावा, पीसीएमएसए के सीनियर उपाध्यक्ष डा. गगनदीप सिंह शेरगिल, डेंटल एसोसिएशन की प्रधान डा. पवनप्रीत कौर, आयुर्वेदिक एसोसिएशन के प्रधान डा. संजीव पाठक, आरएमओ एसोसिएशन के प्रधान डा. दीपइंदर सिंह, होम्योपैथिक एसोसिएशन के प्रधान डा. बलविंदर सिंह, रूरल मेडिकल अफसर एसोसिएशन के प्रधान डा. जगजीत सिंह बाजवा ने एक संयुक्त बयान में बताया कि डाक्टरों की ओर से 25 फीसदी एनपीए बहाल करने और उसे बेसिक वेतन से जोड़ने की मांग की गई थी लेकिन वीरवार को सरकार द्वारा डाक्टरों को पहले से मिल रहे 25 फीसदी एनपीए में कटौती करके 20 फीसदी करते हुए बेसिक वेतन से जोड़ने का एलान किया गया है। इस एलान के बाद सभी डाक्टरों ने हड़ताल तो वापस ले ली है, लेकिन नोटिफिकेशन जारी होने तक विरोध जारी रहेगा।
मनरेगा मुलाजिमों को नहीं मिलेगा हड़ताल की अवधि का वेतन
राज्य भर में गत 9 जुलाई से हड़ताल कर रहे, पंजाब ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को हड़ताल की अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। पंचायत विभाग के अधीन संयुक्त विकास आयुक्त व मनरेगा आयुक्त की तरफ से सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों व एडिशनल जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर (मनरेगा) के नाम पत्र जारी करते हुए कहा है कि मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब द्वारा 9 जुलाई से राज्य में पूर्ण हड़ताल की जा रही है, जिसकी वजह से मनरेगा योजना के अधीन विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। ऐसे में मनरेगा योजना के अधीन कार्यरत कर्मचारी जोकि हड़ताल में शामिल हैं, को नो वर्क नो पे नीति के अनुसार 9 जुलाई से वेतन जारी न किया जाए।