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Panchkula News: डीसीपी क्राइम ने लंबित मामले निपटाने के निर्देश दिए
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होल्ड खातों वाले केस प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश
लोगों को रिमोट ऐप और फर्जी लिंक से सावधान रहने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश देते हुए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया।
बैठक में साइबर ठगी के उन मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, जिनमें पीड़ितों की राशि संदिग्ध बैंक खातों में होल्ड कराई जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
डीसीपी अमरिंदर सिंह ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगते, इसलिए ऐसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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उन्होंने चेताया कि व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या लॉटरी से जुड़े लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
डीसीपी ने अपील की कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि घटना के 1-2 घंटे के भीतर सूचना देने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।
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लोगों को रिमोट ऐप और फर्जी लिंक से सावधान रहने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश देते हुए स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया।
बैठक में साइबर ठगी के उन मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, जिनमें पीड़ितों की राशि संदिग्ध बैंक खातों में होल्ड कराई जा चुकी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
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डीसीपी अमरिंदर सिंह ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगते, इसलिए ऐसी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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उन्होंने चेताया कि व्हाट्सएप या ईमेल पर आने वाले बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या लॉटरी से जुड़े लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
डीसीपी ने अपील की कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि घटना के 1-2 घंटे के भीतर सूचना देने पर ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।