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बिजली विभाग के निजीकरण से जुड़े दस्तावेज प्रशासन ने हाईकोर्ट में सौंपे
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चंडीगढ़। बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन ने नीति और वे दस्तावेज सौंपे जिसके तहत निजीकरण किया गया है। इन दस्तावेजों पर गौर करने के लिए पावरमैन यूनियन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से समय की मांग की। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ यूटी पावरमैन यूनियन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर को निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 3 माह में याचिका का निपटारा करने का हाईकोर्ट को आदेश दिया था। इसके बाद यूटी पावरमैन यूनियन ने फिर अर्जी दायर कर विभाग के निजीकरण को लेकर आगे किसी भी किस्म की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने की मांग कर दी थी। हाईकोर्ट ने 10 जून को इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए बिजली विभाग के निजीकरण पर फिर रोक लगा दी थी।
चंडीगढ़ प्रशासन ने इस आदेश को फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के 10 जून के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब इस याचिका पर फिर से सुनवाई शुरू हुई है। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि अभी तो प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है, ऐसे में यह याचिका समय से पहले ही दायर कर दी गई है। याचिकाकर्ता यूटी पावरमैन यूनियन ने कहा था कि उनकी यह याचिका सही समय पर ही दायर हुई है।
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बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ यूटी पावरमैन यूनियन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर को निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 3 माह में याचिका का निपटारा करने का हाईकोर्ट को आदेश दिया था। इसके बाद यूटी पावरमैन यूनियन ने फिर अर्जी दायर कर विभाग के निजीकरण को लेकर आगे किसी भी किस्म की कार्रवाई पर रोक लगाए जाने की मांग कर दी थी। हाईकोर्ट ने 10 जून को इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए बिजली विभाग के निजीकरण पर फिर रोक लगा दी थी।
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चंडीगढ़ प्रशासन ने इस आदेश को फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के 10 जून के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब इस याचिका पर फिर से सुनवाई शुरू हुई है। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि अभी तो प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है, ऐसे में यह याचिका समय से पहले ही दायर कर दी गई है। याचिकाकर्ता यूटी पावरमैन यूनियन ने कहा था कि उनकी यह याचिका सही समय पर ही दायर हुई है।
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