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अपने राज्यों को पैदल जाने वाले 66 मजदूर किए क्वारंटीन
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बरवाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरवाला में प्रशासन द्वारा बनाए गए अस्थाई शेल्टर होम में पैदल पलायन कर रहे करीब 66 मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है।
घटना कमांडर देवेन्द्र सागवान व ड्यूटी मजिस्ट्रेट बलजीत ने बताया कि ये सभी मजदूर बद्दी, चंडीगढ़ व रोपड़ आदि स्थानों से पैदल ही अपने राज्यों यूपी और बिहार के लिए पलायन कर रहे थे। जिला प्रशासन ने 11 बजे इन मजदूरों को क्वारंटीन करने के निर्देश दिए। शेल्टर होम में कितने दिनों के लिए मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है इसके बारे में अभी कोई समय सीमा निश्चित नहीं है।
इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरवाला की टीम ने इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की और कस्बे की एकमात्र समाज सेवी संस्था पीजीआई लंगर कमेटी द्वारा इन मजदूरों को खाना खिलाया जा रहा है। क्वारंटीन किए गए सब्जी मंडी चंडीगढ़ से आए मजदूर मनोज, जग नारायण, अनिल कुमार, मंटू ने बताया कि सब्जी मंडी के सेक्टर-17 में चले जाने से अब उनके पास काम नहीं रहा और न ही उनके पास किराया बचा है। इस कारण उन्होंने अपने राज्य पैदल जाना ही उचित समझा। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने करीब 15 दिन पहले ट्रेन में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था लेकिन उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी ट्रेन की सुविधा नहीं मिली। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में कैंपस कंपनी से आए मजदूर अतुल, नितिन, संजय, दीपक, अनुराग, राम खिलावन, शिवराम, गोनु, दीपक, सोनू, राहुल, कमल किशोर व राकेश आदि ने बताया कि कंपनी बंद होने से अब उन्हें रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं और अब उनके पास न तो कुछ खाने के लिए बचा और न ही किराए के पैसे। इस कारण वे पैदल ही अपने राज्य को पलायन करने के लिए मजबूर हैं। हिमाचल सरकार की तरफ से उन्हें उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए कोई सहायता नहीं मिली।
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घटना कमांडर देवेन्द्र सागवान व ड्यूटी मजिस्ट्रेट बलजीत ने बताया कि ये सभी मजदूर बद्दी, चंडीगढ़ व रोपड़ आदि स्थानों से पैदल ही अपने राज्यों यूपी और बिहार के लिए पलायन कर रहे थे। जिला प्रशासन ने 11 बजे इन मजदूरों को क्वारंटीन करने के निर्देश दिए। शेल्टर होम में कितने दिनों के लिए मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है इसके बारे में अभी कोई समय सीमा निश्चित नहीं है।
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इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरवाला की टीम ने इनकी थर्मल स्क्रीनिंग की और कस्बे की एकमात्र समाज सेवी संस्था पीजीआई लंगर कमेटी द्वारा इन मजदूरों को खाना खिलाया जा रहा है। क्वारंटीन किए गए सब्जी मंडी चंडीगढ़ से आए मजदूर मनोज, जग नारायण, अनिल कुमार, मंटू ने बताया कि सब्जी मंडी के सेक्टर-17 में चले जाने से अब उनके पास काम नहीं रहा और न ही उनके पास किराया बचा है। इस कारण उन्होंने अपने राज्य पैदल जाना ही उचित समझा। उन्होंने बताया कि हम लोगों ने करीब 15 दिन पहले ट्रेन में जाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था लेकिन उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी ट्रेन की सुविधा नहीं मिली। हिमाचल प्रदेश के बद्दी में कैंपस कंपनी से आए मजदूर अतुल, नितिन, संजय, दीपक, अनुराग, राम खिलावन, शिवराम, गोनु, दीपक, सोनू, राहुल, कमल किशोर व राकेश आदि ने बताया कि कंपनी बंद होने से अब उन्हें रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं और अब उनके पास न तो कुछ खाने के लिए बचा और न ही किराए के पैसे। इस कारण वे पैदल ही अपने राज्य को पलायन करने के लिए मजबूर हैं। हिमाचल सरकार की तरफ से उन्हें उनके राज्य तक पहुंचाने के लिए कोई सहायता नहीं मिली।
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