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तरनतारन उपचुनाव : चुनाव आयोग ने डीजीपी पंजाब को किया तलब
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चंडीगढ़। तरनतारन उपचुनाव के दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में चुनाव आयोग ने पंजाब के डीजीपी को तलब किया है। डीजीपी को 25 नवंबर को पेश होना होगा और चुनाव के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
उपचुनाव का नतीजा घोषित होने से एक दिन पहले 13 नवंबर को डीजीपी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा के बाद उन्हें तलब किया गया है। प्रदेश के चार शहरों तरनतारन, अमृतसर, मोगा और बटाला में ये एफआईआर दर्ज की गईं थी। अकाली दल की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रवजोत कौर ग्रेवाल को निलंबित करने का आदेश दिया था।
शिरोमणि अकाली दल ने तरनतारन हलके में अकाली नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और राजनीतिक बदले का आरोप लगाया था। साथ ही चुनाव आयोग को इसकी शिकायत देकर स्वतंत्र जांच की मांग की थी। पंजाब पुलिस ने डीजीपी के माध्यम से एडीजीपी राम सिंह द्वारा तैयार एक गोपनीय रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी थी जिसमें कथित तौर पर तरनतारन की पूर्व एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल की कार्रवाई को उचित ठहराया गया था।
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इसी तरह तरनतारन निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव पर्यवेक्षक की एक अलग रिपोर्ट में कथित तौर पर पूर्व एसएसपी को गिरफ्तारियों में शामिल होने का आरोप लगाया था जिसमें विभिन्न जिलों में एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी के बीच कम समय को उजागर किया गया था। नौ एफआईआर में चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है जबकि छह को मामलों में नामजद किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब सिबिन सी ने बताया कि डीजीपी को इस मामले में तलब किया गया है। वहीं अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने तरनतारन उपचुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। इन उल्लंघनों के संबंध में अकाली दल ने चुनाव आयोग और उसके ऑब्जर्वरों को कई लिखित शिकायतें दी हैं।
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उपचुनाव का नतीजा घोषित होने से एक दिन पहले 13 नवंबर को डीजीपी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की समीक्षा के बाद उन्हें तलब किया गया है। प्रदेश के चार शहरों तरनतारन, अमृतसर, मोगा और बटाला में ये एफआईआर दर्ज की गईं थी। अकाली दल की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रवजोत कौर ग्रेवाल को निलंबित करने का आदेश दिया था।
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शिरोमणि अकाली दल ने तरनतारन हलके में अकाली नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और राजनीतिक बदले का आरोप लगाया था। साथ ही चुनाव आयोग को इसकी शिकायत देकर स्वतंत्र जांच की मांग की थी। पंजाब पुलिस ने डीजीपी के माध्यम से एडीजीपी राम सिंह द्वारा तैयार एक गोपनीय रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी थी जिसमें कथित तौर पर तरनतारन की पूर्व एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल की कार्रवाई को उचित ठहराया गया था।
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इसी तरह तरनतारन निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव पर्यवेक्षक की एक अलग रिपोर्ट में कथित तौर पर पूर्व एसएसपी को गिरफ्तारियों में शामिल होने का आरोप लगाया था जिसमें विभिन्न जिलों में एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी के बीच कम समय को उजागर किया गया था। नौ एफआईआर में चार नेताओं को गिरफ्तार किया गया है जबकि छह को मामलों में नामजद किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब सिबिन सी ने बताया कि डीजीपी को इस मामले में तलब किया गया है। वहीं अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने तरनतारन उपचुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। इन उल्लंघनों के संबंध में अकाली दल ने चुनाव आयोग और उसके ऑब्जर्वरों को कई लिखित शिकायतें दी हैं।