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पंजाबः निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर लगाए गंभीर आरोप

Tue, 25 Feb 2020 04:30 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 25 Feb 2020 04:30 PM IST
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Suspended DSP Balwinder singh Sekhon accused Cabinet Minister Bharat Bhushan Ashu
मंत्री भारत भूषण आशु - फोटो : फाइल फोटो
निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर आतंकवाद के दौर में बम ब्लास्ट, वीरों की हत्या और आतंकियों को पनाह देने जैसे गंभीर आरोप लगाकर नया सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है। हालांकि आशु ने देर शाम सेखों के आरोपों को झूठा और अपने खिलाफ राजनीतिक साजिश करार दिया, लेकिन सूबे के विपक्षी दलों को एक और मुद्दा मिल गया है।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में रविवार को दस्तावेजों के साथ लेकर पहुंचे सेखों ने कहा कि पंजाब की कैबिनेट में ही एक आतंकवादी मंत्री बनकर बैठा है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सिखों ने आशु की ओर से 1992 में टाडा के तहत गिरफ्तारी के बाद दिया गया कबूलनामा पढ़कर सुनाया।
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सेखों का दावा है कि आशु ने अपने माता-पिता की हत्या में शामिल अपने ताया को मरवाने के लिए न सिर्फ आतंकियों को अपने घर में शरण दी, बल्कि अपने ही घर में बम बनाने और लुधियाना की गुड़ मंडी में भीड़भाड़ वाले इलाके में ब्लास्ट करने का सुझाव भी दिया। इसके अलावा तीन मुखबिर महिलाओं की हत्या करने वाले आतंकियों को भी अपने घर में पनाह दी। एक पुलिस अफसर की हत्या करने वालों को भी ठहरने के लिए आशु ने ही जगह उपलब्ध कराई।
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सेखों ने कहा कि आशु द्वारा हस्ताक्षरित कबूलनामे में यह सारे गुनाह कलमबद्ध हैं। सेखों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक पहुंच के चलते आशु के खिलाफ कबूलनामे को छुपाया गया, जिसके कारण तकनीकी आधार पर अदालत ने आशु को छोड़ दिया था। सेखों ने कहा कि आशु के खिलाफ इन सभी दस्तावेजों को लेकर भाव एक बार फिर कोर्ट जाएंगे।

मेरी राजनीतिक छवि खराब करने की साजिश : आशु

निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों द्वारा रविवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर लगाए गए आरोपों के जवाब में देर शाम आशु में कहा कि दागी डीएसपी सेखों राजनीतिक कारणों के चलते 30 साल पुराने मामले को उठाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें उन्हें विधिवत कानूनी प्रक्रिया के बाद ही कोर्ट ने निर्दोष करार दिया था। एक प्रेस बयान में, आशु ने कहा कि दागी डीएसपी के झूठ का पुलिंदा उनकी राजनीतिक छवि को खराब करने के लिए एक हताश प्रयास के अलावा और कुछ नहीं।

उन्होंने कहा कि एक दागी पुलिस अधिकारी ने अब एक मनगढ़ंत कहानी रची है, जिसमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तथाकथित ‘खुलासे’ का समय उसके अपने उद्देश्य के बारे में खुलासा करता है, जिसे वह प्राप्त करना चाहता है। आशु ने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और एक पुलिस अधिकारी जिसे अपने सार्वजनिक व्यवहार के चलते बार-बार निलंबित किया गया हो, परदे के पीछे छिप नहीं सकता, जिसे वह झूठ और गलत आरोपों द्वारा तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

मंत्री ने कहा कि इन शर्मनाक झूठ का जवाब देना मेरे लिए जरूरी था। आशु ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक बात है कि मेरे परिवार के एक सदस्य का नाम इसमें घसीटा जा रहा है जो संयोगवश अब जीवित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मेरे चाचा जी की एक स्वाभाविक मृत्यु हुई थी। आशु ने कहा कि मैं किसी भी जांच के लिए पूर्ण रूप से तैयार हूं और उन्हें केवल संपूर्ण कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही निर्दोष करार दिया गया था।

सियासी आकाओं के इशारे को काम कर रहा सेखों : बिट्टू

लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा है कि निलंबित डीएसपी बलविंदर सिंह सेखों स्पष्ट रूप से अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रहा है। एक प्रेस बयान में बिट्टू ने कहा कि डीएसपी सेखों अकाली-भाजपा नेताओं का केवल एक मोहरा है और उनकी इच्छानुसार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि डीएसपी सेखों का एकमात्र ऐजंडा उन सभी लोगों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखने का है जो लुधियाना का विकास करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि डीएसपी सेखों की प्रेस कांफ्रेंस झूठे बयान और दुष्प्रचार से भरी हुई है, जिससे साफ पता चलता है कि निलंबित डीएसपी अकाली दल और भाजपा में अपने आकाओं से केवल भारत भूषण आशु को बदनाम करने के लिए दिशा-निर्देश ले रहा है। सांसद बिट्टू ने आगे कहा कि डीएसपी सेखों विवादों में कोई नया नहीं है। उन्होंने कहा कि उसके विरुद्ध जाली नोटों की छपाई, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, रिश्वत स्वीकार करने के अलावा कई और मुकदमे दर्ज हैं।

यह पहली बार नहीं है कि उसे निलंबित किया गया है, क्योंकि पहले भी वह अपने पद से बर्खास्त हो चुका है। यहां तक कि भाजपा के पूर्व राज्य अध्यक्ष के साथ भी उसके करीबी संबंध थे और फिरोजपुर में उस पर भाजपा नेता के निजी सहायक के खिलाफ दर्ज एफआरआई में सह-अभियुक्त था। इससे स्पष्ट होता है कि डीएसपी सेखों अकाली-भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहा है और वह केवल उनका एक मोहरा है।
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