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Panchkula News: सुखबीर बादल को फिर मिल सकती है शिअद की कमान
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की कमान एक बार फिर से सुखबीर बादल के हाथों में आ सकती है, क्योंकि पार्टी ने प्रधान पद के चुनाव कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसे लेकर मंगलवार को वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें प्रधान पद के साथ ही पदाधिकारियों के चुनाव के लिए भी तारीख फाइनल की जाएगी।
शिअद में लंबे समय से उठापटक चल रही है। पार्टी के कई नेता साथ छोड़ चुके हैं। बागी गुट भी लगातार पार्टी नेतृत्व पर हमलावर है। अब शिअद को दोबारा खड़ा करना पार्टी नेतृत्व के सामने प्रमुख चुनौती है। सीनियर अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह ने रविवार को जानकारी दी कि मंगलवार को दोपहर 2 बजे पार्टी कार्यालय में वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें जनरल डेलीगेट्स सेशन की तारीख तय की जाएगी। यह बैठक कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूदंड की अध्यक्षता में होगी।
जानकारी के अनुसार पार्टी की तरफ से पहले ही डेलीगेट्स का चुनाव किया जाएगा और सभी डेलीगेट्स मिलकर पार्टी प्रधान को चुनेंगे। अगर पार्टी में एक नाम पर सहमति बनती है तो पदाधिकारियों की तरफ से उसे सर्वसम्मति से चुन लिया जाएगा। अगर एक से अधिक उम्मीदवार प्रधानगी के लिए चुनाव में उतरे तो चुनाव करवाकर प्रधान चुना जाएगा।
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भूंदड़ को कमान सौंप सुखबीर ने दिया था इस्तीफा
सुखबीर ने अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ को कमान सौंप दी थी और उनको पार्टी का कार्यकारी प्रधान लगा दिया था। इसके बाद ही श्री अकाल तख्त साहिब ने पूर्व अकाली सरकार के दौरान हुई गलतियों और गुनाहों के लिए सुखबीर को धार्मिक सजा सुनाते हुए तनखाहिया घोषित कर दिया था। इस दौरान उन्होंने प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। काफी जद्दोजहद के बाद ही शिअद वर्किंग कमेटी ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया था।
बागी गुट लगातार हमलावर, पांच सदस्यीय कमेटी चल रही सदस्यता अभियान :
शिअद को बागी गुट के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है, जो शिअद में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। शिअद ने अपना सदस्यता अभियान तो पूरा कर लिया है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर गठित पांच सदस्यीय कमेटी अलग से सदस्यता अभियान चला रही हैं। यह भी एक कारण है कि शिअद नेतृत्व सभी पदाधिकारियों व प्रधानगी का तेजी से चुनाव कराने में लगा हुआ है, ताकि आगे उनको किसी भी तरह के विरोध का सामना न करना पड़ा। हाल ही में जत्थेदारों को भी बदल दिया गया था, जिसका काफी विरोध हुआ था।
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शिअद में लंबे समय से उठापटक चल रही है। पार्टी के कई नेता साथ छोड़ चुके हैं। बागी गुट भी लगातार पार्टी नेतृत्व पर हमलावर है। अब शिअद को दोबारा खड़ा करना पार्टी नेतृत्व के सामने प्रमुख चुनौती है। सीनियर अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह ने रविवार को जानकारी दी कि मंगलवार को दोपहर 2 बजे पार्टी कार्यालय में वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई है। इसमें जनरल डेलीगेट्स सेशन की तारीख तय की जाएगी। यह बैठक कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूदंड की अध्यक्षता में होगी।
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जानकारी के अनुसार पार्टी की तरफ से पहले ही डेलीगेट्स का चुनाव किया जाएगा और सभी डेलीगेट्स मिलकर पार्टी प्रधान को चुनेंगे। अगर पार्टी में एक नाम पर सहमति बनती है तो पदाधिकारियों की तरफ से उसे सर्वसम्मति से चुन लिया जाएगा। अगर एक से अधिक उम्मीदवार प्रधानगी के लिए चुनाव में उतरे तो चुनाव करवाकर प्रधान चुना जाएगा।
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भूंदड़ को कमान सौंप सुखबीर ने दिया था इस्तीफा
सुखबीर ने अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ को कमान सौंप दी थी और उनको पार्टी का कार्यकारी प्रधान लगा दिया था। इसके बाद ही श्री अकाल तख्त साहिब ने पूर्व अकाली सरकार के दौरान हुई गलतियों और गुनाहों के लिए सुखबीर को धार्मिक सजा सुनाते हुए तनखाहिया घोषित कर दिया था। इस दौरान उन्होंने प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया था। काफी जद्दोजहद के बाद ही शिअद वर्किंग कमेटी ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया था।
बागी गुट लगातार हमलावर, पांच सदस्यीय कमेटी चल रही सदस्यता अभियान :
शिअद को बागी गुट के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है, जो शिअद में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। शिअद ने अपना सदस्यता अभियान तो पूरा कर लिया है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर गठित पांच सदस्यीय कमेटी अलग से सदस्यता अभियान चला रही हैं। यह भी एक कारण है कि शिअद नेतृत्व सभी पदाधिकारियों व प्रधानगी का तेजी से चुनाव कराने में लगा हुआ है, ताकि आगे उनको किसी भी तरह के विरोध का सामना न करना पड़ा। हाल ही में जत्थेदारों को भी बदल दिया गया था, जिसका काफी विरोध हुआ था।