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Panchkula News: पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने के मामलों ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर भारत पर असर
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पीयू-पीजीआई टीम की चेतावनी, आने वाले दिनों में हालात होंगे खराब
पाकिस्तान के पंजाब में 3472 मामले, एक ही दिन 1750 जगह जली पराली
भारतीय पंजाब में अब तक 471 मामले आए सामने, सैटेलाइट डाटा की रिपोर्ट
राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। पाकिस्तान पंजाब में भी पराली जलाने के मामलों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। वहां भारतीय पंजाब से भी अधिक पराली जल रही है। पूरे उत्तर भारत पर इसका असर देखने को मिल रहा है क्योंकि पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों की वायु गुणवत्ता खराब होनी शुरू हो गई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ की संयुक्त टीम की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है जिनके अनुसार आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। अगले दो सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाले हैं क्योंकि धान की कटाई के साथ पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार 1 सितंबर से 20 अक्तूबर तक पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने के अब तक 3472 मामले सामने आ चुके हैं जबकि भारतीय पंजाब में सिर्फ 471 और हरियाणा में अब तक 281 जगह पराली जली है। अगर पिछले साल से तुलना की जाए तो पंजाब में पराली जलाने के अब तक 58 प्रतिशत मामले कम हो गए हैं जबकि हरियाणा में 65 प्रतिशत कमी आई है। अगर दिवाली के दिन की बात की जाए तो 20 अक्तूबर को पाकिस्तान के पंजाब में 1750 जगह पराली जली है वहीं भारतीय पंजाब में 200 और हरियाणा में 61 जगह पराली जलाने के मामले पकड़ में आए हैं।
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पीयू-पीजीआई की टीम सैटेलाइट से पराली जलाने की मामलों की निगरानी कर रही है। विभागीय टीम की पकड़ से जो मामले बच जाते हैं यह टीम उन मामलों पर भी नजर रख रही है। एक ही दिन में पराली जलाने के इतने मामले सामने आने के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में पराली जलने के मामलों में बढ़ोतरी होगी जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर देखने को मिलेगा। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर के पहले सप्ताह में हर बार ही एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।
पीजीआई से इस टीम का नेतृत्व सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डाॅ. रविंद्र खैवाल कर रहे हैं। खैवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी क्योंकि धान की कटाई अब रफ्तार पकड़ेगी। पाक पंजाब में जल रही पराली का असर पूरे उत्तर भारत में अधिक देखने को मिल सकता है क्योंकि वहां पराली जलाने के मामलों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है।
दिवाली पर पराली जलाने के मामलों की स्थिति :
पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई है। वर्ष 2024 में दिवाली के दिन 1 नवंबर को पंजाब में 1315 और हरियाणा में 165 जगह दिवाली जली थी जबकि पाकिस्तान पंजाब में पराली जलाने के 1786 मामले सामने आए थे लेकिन इस बार इनकी संख्या कम हो गई है। इसी तरह वर्ष 2023 में 12 नवंबर को दिवाली के दिन पंजाब में 9097 और हरियाणा में 301 जगह पराली जली थी। पाकिस्तान के पंजाब में उस दौरान पराली जलाने के 1622 मामले सामने आए थे। इस तरह प्रदेश में दिवाली के दिन पिछले कई साल के मुकाबले पराली जलाने के मामले कम हुए हैं।
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पाकिस्तान के पंजाब में 3472 मामले, एक ही दिन 1750 जगह जली पराली
भारतीय पंजाब में अब तक 471 मामले आए सामने, सैटेलाइट डाटा की रिपोर्ट
राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। पाकिस्तान पंजाब में भी पराली जलाने के मामलों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। वहां भारतीय पंजाब से भी अधिक पराली जल रही है। पूरे उत्तर भारत पर इसका असर देखने को मिल रहा है क्योंकि पंजाब, हरियाणा समेत अन्य राज्यों की वायु गुणवत्ता खराब होनी शुरू हो गई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) चंडीगढ़ की संयुक्त टीम की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है जिनके अनुसार आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं। अगले दो सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाले हैं क्योंकि धान की कटाई के साथ पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
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रिपोर्ट के अनुसार 1 सितंबर से 20 अक्तूबर तक पाकिस्तान के पंजाब में पराली जलाने के अब तक 3472 मामले सामने आ चुके हैं जबकि भारतीय पंजाब में सिर्फ 471 और हरियाणा में अब तक 281 जगह पराली जली है। अगर पिछले साल से तुलना की जाए तो पंजाब में पराली जलाने के अब तक 58 प्रतिशत मामले कम हो गए हैं जबकि हरियाणा में 65 प्रतिशत कमी आई है। अगर दिवाली के दिन की बात की जाए तो 20 अक्तूबर को पाकिस्तान के पंजाब में 1750 जगह पराली जली है वहीं भारतीय पंजाब में 200 और हरियाणा में 61 जगह पराली जलाने के मामले पकड़ में आए हैं।
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पीयू-पीजीआई की टीम सैटेलाइट से पराली जलाने की मामलों की निगरानी कर रही है। विभागीय टीम की पकड़ से जो मामले बच जाते हैं यह टीम उन मामलों पर भी नजर रख रही है। एक ही दिन में पराली जलाने के इतने मामले सामने आने के बाद यह साफ है कि आने वाले दिनों में पराली जलने के मामलों में बढ़ोतरी होगी जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर देखने को मिलेगा। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर के पहले सप्ताह में हर बार ही एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।
पीजीआई से इस टीम का नेतृत्व सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डाॅ. रविंद्र खैवाल कर रहे हैं। खैवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी क्योंकि धान की कटाई अब रफ्तार पकड़ेगी। पाक पंजाब में जल रही पराली का असर पूरे उत्तर भारत में अधिक देखने को मिल सकता है क्योंकि वहां पराली जलाने के मामलों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है।
दिवाली पर पराली जलाने के मामलों की स्थिति :
पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में पिछले सालों के मुकाबले कमी आई है। वर्ष 2024 में दिवाली के दिन 1 नवंबर को पंजाब में 1315 और हरियाणा में 165 जगह दिवाली जली थी जबकि पाकिस्तान पंजाब में पराली जलाने के 1786 मामले सामने आए थे लेकिन इस बार इनकी संख्या कम हो गई है। इसी तरह वर्ष 2023 में 12 नवंबर को दिवाली के दिन पंजाब में 9097 और हरियाणा में 301 जगह पराली जली थी। पाकिस्तान के पंजाब में उस दौरान पराली जलाने के 1622 मामले सामने आए थे। इस तरह प्रदेश में दिवाली के दिन पिछले कई साल के मुकाबले पराली जलाने के मामले कम हुए हैं।