{"_id":"606f66bc8ebc3e59047621e2","slug":"stray-dogs-became-trouble-it-was-difficult-for-people-to-get-out-of-their-homes-pkl-office-news-pkl409752690","type":"story","status":"publish","title_hn":"लावारिस कुत्ते बने मुसीबत.. लोगों का घरों से निकलना हुआ मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लावारिस कुत्ते बने मुसीबत.. लोगों का घरों से निकलना हुआ मुश्किल
विज्ञापन
टिपरा में मौजूद कुत्तो का झुंड।
- फोटो : PKL OFFICE
कालका। शहर के विभिन्न मोहल्लों में लावारिस कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि लोग घरों से निकलने में भी डर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लावारिस कुत्ते कई बच्चों को काट चुके हैं। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने में नाकाम रहे हैं।
हाऊसिंग बोर्ड, टिपरा व रेलवे रोड निवासी लावारिस कुत्तों की समस्या से ज्यादा परेशान हैं। कई समाजसेवियों ने नगर परिषद कार्यालय में शिकायत पत्र भी भेजा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाऊसिंग बोर्ड निवासी मुकेश सोढी का कहना है कि कुछ महीने में लावारिस कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई है। हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, बसंत विहार, राम नगर, रेलवे रोड नजदीक सरकारी अस्पताल में कुत्तों की भरमार है। यह कुत्ते लोगों के पीछे भागते हैं और कई बार काट भी लेते हैं।
बसंत विहार निवासी रूबल जैन ने बताया कि उनके पीछे कई बार कुत्ते भागते हैं। एक बार तो उन्हें काट भी लिया था। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
टिपरा में ज्यादा समस्या
टिपरा में लावारिस कुत्तों की समस्या सबसे ज्यादा है। यहां कुत्ते घूमते हुए आम देखे जा सकते हैं। पूर्व सरंपच बलराम कुमार ने बताया कि पिछले माह कुत्तों ने स्कूल के तीन बच्चों सहित एक अध्यापक और अभिभावक को काट लिया था। इस संबंधी नगर परिषद कार्यालय में भी शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अभी तक हालात पहले की तरह की बने हुए हैं।
कोट
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस दिशा में काम शुरू करवा दिया जाएगा, ताकि लोगों को समस्या से निजात मिल सके। -निशा शर्मा, ईओ कालका नगर परिषद।
विज्ञापन
हाऊसिंग बोर्ड, टिपरा व रेलवे रोड निवासी लावारिस कुत्तों की समस्या से ज्यादा परेशान हैं। कई समाजसेवियों ने नगर परिषद कार्यालय में शिकायत पत्र भी भेजा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाऊसिंग बोर्ड निवासी मुकेश सोढी का कहना है कि कुछ महीने में लावारिस कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई है। हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी, बसंत विहार, राम नगर, रेलवे रोड नजदीक सरकारी अस्पताल में कुत्तों की भरमार है। यह कुत्ते लोगों के पीछे भागते हैं और कई बार काट भी लेते हैं।
विज्ञापन
बसंत विहार निवासी रूबल जैन ने बताया कि उनके पीछे कई बार कुत्ते भागते हैं। एक बार तो उन्हें काट भी लिया था। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों से समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
विज्ञापन
टिपरा में ज्यादा समस्या
टिपरा में लावारिस कुत्तों की समस्या सबसे ज्यादा है। यहां कुत्ते घूमते हुए आम देखे जा सकते हैं। पूर्व सरंपच बलराम कुमार ने बताया कि पिछले माह कुत्तों ने स्कूल के तीन बच्चों सहित एक अध्यापक और अभिभावक को काट लिया था। इस संबंधी नगर परिषद कार्यालय में भी शिकायत भी दी गई थी, लेकिन अभी तक हालात पहले की तरह की बने हुए हैं।
कोट
लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस दिशा में काम शुरू करवा दिया जाएगा, ताकि लोगों को समस्या से निजात मिल सके। -निशा शर्मा, ईओ कालका नगर परिषद।