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इंडस्ट्रियल एरिया : सड़कों का रास्ता साफ, कचरे पर अटकी गुत्थी

Sun, 18 Oct 2026 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:46 AM IST
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Industrial Area: Road access cleared, but the issue of waste remains unresolved
कागजों में सीवरेज और वाटर वर्क्स निगम को ट्रांसफर, मगर सेनिटेशन का मामला साफ नहीं
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एमसी से यूएलबी को भेजा प्रस्ताव, आगे एसीएस के पास भेजा जाएगा
पंचकूला। पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और फेज-2 की सड़कों की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने पिछले तीन दिनों से सड़कों का सर्वे शुरू कर दिया है। अगले हफ्ते से पैचवर्क के बाद कार्पेटिंग का काम शुरू होगा। वहीं, सफाई व्यवस्था नगर निगम को सौंपने पर अब भी सहमति नहीं बन पाई है। मामला शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) विभाग तक पहुंच गया है और सरकार की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है।
इंडस्ट्रियल एसोसिएशनों की मांग पर सेनिटेशन वर्क नगर निगम को सौंपने का मुद्दा मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। मेयर श्याम लाल बंसल ने इंडस्ट्रियल एरिया सहित सेक्टरों के सभी काम निगम को सौंपने की मांग की थी। हालांकि, निगम लिखित मंजूरी के बिना सफाई व्यवस्था संभालने को तैयार नहीं है। एचएसआईआईडीसी का दावा है कि सेनिटेशन का काम पहले से निगम के पास है, जबकि निगम अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं।
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16 करोड़ रुपये में होगा रोड मेकओवर
एचएसआईआईडीसी ने 22 किलोमीटर के सड़क नेटवर्क के लिए टेंडर जारी किया था। शुरुआती अनुमान 22 करोड़ रुपये था, लेकिन बिडिंग के बाद 16 करोड़ रुपये में काम आवंटित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद फर्म को काम सौंप दिया गया है। परियोजना में कार्पेटिंग के साथ फुटपाथ, पेवर ब्लॉक, रोड मार्किंग, ट्रैफिक साइन, प्लॉट इंडिकेटर और रोड स्टड लगाने का काम भी शामिल है। जरूरत के अनुसार सीमेंट कंक्रीट की सड़कें भी बनाई जाएंगी। काम पूरा करने के लिए 12 महीने की समयसीमा तय की गई है। ठेकेदार को पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
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900 प्लॉट और 850 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां
इंडस्ट्रियल एरिया के दोनों फेज में करीब 900 प्लॉट हैं। इनमें फेज-1 में 496 और फेज-2 में 404 प्लॉट शामिल हैं। यहां 850 से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इनकी लंबे समय से सड़कों और सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें रही हैं। फेज-2 की कई सड़कों पर पिछले 20 साल से बड़े स्तर पर कार्पेटिंग नहीं हुई है।
सफाई व्यवस्था पर अब भी असमंजस
इंडस्ट्रियल एरिया में सीवरेज और स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का काम नगर निगम को सौंपा गया है, जबकि इंटरनल सड़कें एचएसआईआईडीसी और मुख्य सड़कें व पार्क पीएमडीए के पास हैं। ऐसे में कचरा, आवारा पशु, खुली रोड गलियां और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं के समाधान के लिए एकल जिम्मेदार एजेंसी तय नहीं हो पाई है।



कोट



इंडस्ट्रियल एरिया के सीवरेज और वाॅटर सप्लाई वर्क्स नगर निगम के पास आए हैं। अभी सेनिटेशन की अधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है। इसके लिए यूएलबी को पत्र लिखा गया है।-विनय कुमार, निगम आयुक्त्, पंचकूला
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