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14.25 करोड़ की लागत से पांच एमएलडी क्षमता के कालका-पिंजौर में लगेंगे एसटीपी

Fri, 23 Jul 2021 01:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:42 AM IST
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STP will be set up in Kalka-Pinjore at a cost of 14.25 crores
पंचकूला। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से उपायुक्त विनय प्रताप सिंह के साथ बैठक कर जिले में सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और परिवार पहचान पत्र कार्यक्रम के तहत इनकम वेरिफिकेशन की प्रगति की समीक्षा की। उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना के तहत पंचकूला जिले में उपचारित अपशिष्ट जल का प्रयोग करने के लिए 5 एमएलडी क्षमता के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट कालका और पिंजौर में लगाए जा रहे हैं। जिसके लिए करीब 8 करोड़ रुपये की राशि कालका में लगने वाले एसटीपी और 7.25 करोड़ रुपये की राशि पिंजौर एसटीपी के लिए स्वीकृत हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों एसटीपी को लगाने के लिए टेंडर एक सप्ताह में अलॉट कर दिए जाएंगे।
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उपायुक्त ने बताया कि जिला में कुल 60 हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 37 हजार एकड़ ट्यूबवेल पर आधारित है। 23 हजार एकड़ बरसाती पानी पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि जिले में भूमिगत जल स्तर बेहतर है इसलिए 100 एकड़ भूमि को सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के तहत लिया गया है। सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के तहत 17 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये सभी आवेदन ट्यूबवेल आधारित सिंचाई योजनाओं के लिए हैं, जिसके तहत 50 एकड़ भूमि का लक्ष्य रखा गया है। जिला स्तरीय सिंचाई समिति के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाएगा, ताकि जिला में वर्षा के पानी पर निर्भर किसान सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं का लाभ उठा सकें।
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उपायुक्त ने कहा कि जिला स्तरीय सिंचाई समिति की बैठक 28 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं तथा लिफ्ट सिंचाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी। जिले में 23 हजार एकड़ भूमि पर सिंचाई नहीं की जाती है। इसमें से अधिकतम क्षेत्र पिंजौर का है। उन्होंने कहा कि मोरनी क्षेत्र के लिए एक योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत बरसाती पानी का संग्रहण कर सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से खेती में प्रयोग किया जा सकेगा। जिला परिवार पहचान पत्र के तहत इनकम वेरिफिकेशन का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। 30 प्रतिशत काम आगामी एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। बैठक के उपरांत विनय प्रताप सिंह ने सूक्ष्म सिंचाई और कमांड क्षेत्र विकास प्राधिकरण (मिकांडा), सिंचाई व कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि वे जिला में 100 एकड़ भूमि पर स्थापित सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों का सर्वे करें तथा अपनी रिपोर्ट 28 जुलाई को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय सिंचाई समिति की बैठक में प्रस्तुत करें। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अनुराग गोयल, डीआईओ सतपाल शर्मा व अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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