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राज्य सरकार को नहीं है स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन स्कीम आवेदन रद्द करने का अधिकार: हाईकोर्ट

Sat, 14 Mar 2020 10:15 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2020 10:15 PM IST
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State government does not have the right to cancel the Independence Sainik Samman Pension Scheme application: High Court
ब्रिटिश काल में भारतीय सेना का हिस्सा रहे व्यक्ति की विधवा द्वारा दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार को स्वतंत्रता सैनिक सम्मान स्कीम का आवेदन रद्द करने का अधिकार नहीं है। साथ ही हाईकोर्ट ने याची के आवेदन को 4 सप्ताह में केंद्र सरकार को भेजने के हरियाणा सरकार को तथा आवेदन पर 4 सप्ताह में निर्णय लेकर ब्याज सहित राशि उपलब्ध करवाने के केंद्र सरकार को आदेश दिए हैं।
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रेवाड़ी निवासी चंद कौर ने याचिका दाखिल करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने 1990 में स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पैंशन स्कीम निकाली थी। इस स्कीम के तहत 64 एंटी एयरक्राफ्ट आर्टिलिरी गनर को शामिल किया गया था। इसमें याचिकाकर्ता के पति का भी नाम था। ज्यादातर को पेंशन मिल रही है और जो मृतक हो गए उनके आश्रितों को भी पेंशन मिल रही है लेकिन याची के आवेदन के बाद भी उसे पेंशन नहीं दी जा रही है। हरियाणा सरकार ने कहा कि स्कीम के तहत वह योग्य नहीं है इस लिए उसका आवेदन रद्द किया गया है। वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि याची के पति ने पेंशन के लिए आवेदन नहीं किया था इसलिए अब उसकी पत्नी को पेंशन नहीं दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि राज्य सरकार को यह अधिकार ही नहीं है कि वह पेंशन के लिए सौंपी गई अर्जी को खारिज कर सके। राज्य का काम केंद्र को आवेदन की प्रति भेज कर योग्यता से जुड़ी सिफारिश करना है। केंद्र सरकार का काम सभी मानकों पर तौल कर पेंशन पर निर्णय लेना है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेंशन मंजूरी के अगले ही दिन याची के पति की मौत हो गई तो वह कैसे आवेदन कर सकता था। इस योजना का उद्देश्य स्वतंत्रता सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मान देना है। यदि इस प्रकार की शर्त रखी जाएगी कि आश्रित आवेदन नहीं कर सकते तो योजना का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को 4 सप्ताह में आवेदन को केंद्र सरकार को भेजने और केंद्र सरकार को पेंशन पर निर्णय लेकर 4 सप्ताह के भीतर राशि को ब्याज सहित याची को जारी करने के आदेश दिए हैं।
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