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Panchkula News: श्रीकाली माता मंदिर में आरती के दौरान श्रद्धालुओं पर गिरा प्लास्टर का कुछ हिस्सा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। प्राचीन श्री काली माता मंदिर में शाम की आरती के समय प्लास्टर का मलबा अचानक श्रद्धालुओं गिर पड़ा। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा नुकसान नही हुआ। जिस समय प्लास्टर का मलबा गिरा उस समय मंदिर में आरती हुई थी। समाज सेवी संतराम शर्मा ने बताया कि वह रोजाना मंदिर में शाम की आरती के समय दर्शनों के लिए आते हैं। वीरवार को जैसे ही आरती हुई तब मंदिर की छत से अचानक प्लास्टर का एक बड़ा भाग श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गया।
उन्होंने बताया कि मंदिर की छत कुछ दिनों से लीक हो रही है। मंदिर के अंदर जगह-जगह बाल्टी और बर्तन रखकर काम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिस जगह से प्लास्टर उखड़ा है, वहां छत पर दरार दिख रही है। इसकी जल्द मरम्मत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरती के समय यहां भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद होते हैं, ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इस काम के लिए उन्हें इजाजत देता है तो वह इस काम को कराने की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। शर्मा ने कहा कि मंदिर के इस हाल में भारी संख्या में श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हैं। अब यहां पर बैठना खतरे से खाली नही है। शर्मा ने कहा कि मंदिर प्रशासन को इस समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए।
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भजन-कीर्तन करने में होती है परेशानी
मंदिर में भजन-कीर्तन करने वाली श्रद्धालु सुनीता वर्मा, पूनम रानी, निर्मला, मालती ने बताया कि मंदिर का अधिग्रहण किए कई साल हो गए हैं लेकिन व्यवस्था शून्य है। छत टपक रही है जगह-जगह बर्तन रखे हुए हैं। मंदिर प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। मंदिर में जिस मैट पर बैठकर श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हैं, वह भी गिला पड़ा है। उसमें से दुर्गंध आने लगी थी। श्रद्धालुओं ने उठाकर बाहर रखा गया है और अब दूसरा मैट बिछाया गया है। मंदिर की छत टपकने के चलते भजन-कीर्तन करने में भी दिक्कत आ रही है।
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काली माता मंदिर का अलग से बने श्राइन बोर्ड
शर्मा का कहना है कि उनके सहित शहर की अनेक संस्थाएं, व्यापार मंडल और स्थानीय लोग लंबे समय से काली माता मंदिर का श्राइन बोर्ड अलग बनाने की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से मंदिर में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। मंदिर को भव्य स्वरूप भी आज तक नहीं दिया गया है। प्राचीन श्री काली माता मंदिर का अलग से श्राइन बोर्ड बनाने के बाद ही यहां का विकास और सौंदर्यीकरण संभव है। मंदिर की एक अलग कमेटी बनाई जानी चाहिए, शहरवासियों को उसमें शामिल करना चाहिए, क्योंकि लोकल कमेटी होने से लोकल मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सकेगा। शर्मा ने बताया कि साल 2010 से कालका काली माता मंदिर का अधिग्रहण करके इसके रखरखाव का काम माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। इतना समय बीतने के बाद भी मंदिर को पार्किंग नसीब नही हो पाई है।
जेई को मौके पर बुलवाकर छत इत्यादि जगह का निरीक्षण करवाया गया है। बारिश के चलते मंदिर के अंदर छत पर हुई पीओपी का कुछ भाग गिर गया था, वैसे छत सही है। छत के कुछ हिस्सों में हो रही लीकेज का समाधान जल्द करवा दिया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से शुक्रवार को दान केंद्र के ऊपर बने छज्जे का कुछ हिस्सा जोकि जर्जर अवस्था में पहुंच गया था, उसे भी झड़वाया गया है। -पृथ्वीराज, सचिव प्राचीन श्री काली माता मंदिर।