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पंचकूला गवर्नमेंट कॉलेज में लगाया जाएगा सोलर प्लांट
ब्यूरो, अमर उजाला/पंचकूला
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:18 AM IST
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सोलर प्लांट
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पंचकूला सेक्टर-1 स्थित गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में 22 लाख की लागत से सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इससे रोजाना 160 यूनिट बिजली पैदा होगी। इस प्लांट के लगाने से जहां बिजली की समस्या दूर होगी, वहीं बिजली भी कम खर्च होगी। इस कॉलेज में 40 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए हायर एजुकेशन विभाग की मंजूरी भी मिल गई है। कॉलेज की ओर से प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। कॉलेज में बनी सभी लैब, ऑडिटोरियम, हॉस्टल, क्लास रूम और लाइब्रेरी में सोलर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली इस्तेमाल की जाएगी।
स्टूडेंट्स को झेलनी पड़ती है परेशानी
कॉलेज में कई बार बिजली न होने के कारण स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कक्षाओं में लाइट और पंखे नहीं चलने से स्टूडेंट्स को दिक्कत होती है। कॉलेज में कंप्यूटर, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब हैं, इसमें कई उपकरण बिजली से चलते हैं। कई बार कॉलेज में बिजली न होने से स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर इसका असर पड़ता है। अब सोलर पावर प्लांट लगने से स्टूडेेंट्स की यह परेशानी दूर हो जाएगी।
एक लाख तक आता है बिजली बिल
गवर्नमेंट पीजी कॉलेज की प्रिंसिपल अर्चना मिश्रा ने बताया कि कॉलेज में 6.76 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल आता है। गर्मियों के समय में बिजली की ज्यादा खपत होने की वजह से बिल करीब एक लाख तक का आता है। सर्दियों में और दाखिले के वक्त बिजली की खपत कम होती है, इसलिए बिजली बिल करीब 70 हजार रुपये का महीने में आ जाता है। कॉलेज को ईको फ्रेंडली बनाने के लिए सोलर प्लांट लगाया जा रहा है।
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आमलोग भी लगवा सकते हैं सोलर पावर प्लांट
बिजली की खपत कम करने और जरूरत के हिसाब से आमलोग भी घरों की छत पर सोलर प्लांट लगवा रहे हैं। घरों में 500 वाट से लेकर 3 केवी तक का सोलर प्लांट लगाया जा सकता है। इसमें चार मरले के मकानों में 500 से 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा सकता है, वहीं छह से 10 मरले के मकानों के लिए दो से लेकर चार किलोवाट का प्लांट लगाया जा सकता है। इसके लिए 75 हजार से लेकर चार लाख रुपये का खर्च आ जाता है।
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स्टूडेंट्स को झेलनी पड़ती है परेशानी
कॉलेज में कई बार बिजली न होने के कारण स्टूडेंट्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कक्षाओं में लाइट और पंखे नहीं चलने से स्टूडेंट्स को दिक्कत होती है। कॉलेज में कंप्यूटर, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब हैं, इसमें कई उपकरण बिजली से चलते हैं। कई बार कॉलेज में बिजली न होने से स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर इसका असर पड़ता है। अब सोलर पावर प्लांट लगने से स्टूडेेंट्स की यह परेशानी दूर हो जाएगी।
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एक लाख तक आता है बिजली बिल
गवर्नमेंट पीजी कॉलेज की प्रिंसिपल अर्चना मिश्रा ने बताया कि कॉलेज में 6.76 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल आता है। गर्मियों के समय में बिजली की ज्यादा खपत होने की वजह से बिल करीब एक लाख तक का आता है। सर्दियों में और दाखिले के वक्त बिजली की खपत कम होती है, इसलिए बिजली बिल करीब 70 हजार रुपये का महीने में आ जाता है। कॉलेज को ईको फ्रेंडली बनाने के लिए सोलर प्लांट लगाया जा रहा है।
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आमलोग भी लगवा सकते हैं सोलर पावर प्लांट
बिजली की खपत कम करने और जरूरत के हिसाब से आमलोग भी घरों की छत पर सोलर प्लांट लगवा रहे हैं। घरों में 500 वाट से लेकर 3 केवी तक का सोलर प्लांट लगाया जा सकता है। इसमें चार मरले के मकानों में 500 से 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जा सकता है, वहीं छह से 10 मरले के मकानों के लिए दो से लेकर चार किलोवाट का प्लांट लगाया जा सकता है। इसके लिए 75 हजार से लेकर चार लाख रुपये का खर्च आ जाता है।