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हालात : उधार के पुलिस कर्मचारी 13 साल से चला रहे एक थाना और पांच चौकियां
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पंचकूला। उधार के पुलिस कर्मचारी करीब 13 साल से पंचकूला सेक्टर-14 का थाना और पांच चौकियों को चला रहे हैं। 2008 में अस्तित्व में आने के बाद आज तक थाने और चौकियों के पद स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। इसके अलावा पर्याप्त फोर्स नहीं मिलने के कारण जिला पुलिस दबाव में काम कर रही है। डीसीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी कई बार प्रदेश सरकार को चिट्ठियां लिखकर मामले से अवगत करा चुके हैं, इसके बावजूद हालात बदतर हैं।
वर्तमान में पंचकूला पुलिस कुल स्वीकृत पदों का एक चौथाई यानी 25 फीसदी ही है। फोर्स की कमी का आलम यह है कि सेक्टर-14 थाना, सेक्टर-2, सेक्टर-6, सेक्टर-10 और रामगढ़-मढ़ावाला की पांच चौकियों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं। पद स्वीकृत नहीं होने के बावजूद 13 साल से उक्त थाने और चौकियाें में अन्य थानों और चौकियों के कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यह जानकारी शिवालिक विकास मंच के प्रधान एवं राज्य सरकार में चेयरमैन रह चुके एडवोकेट विजय बंसल को आरटीआई में मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो 2013 की रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक थाने में 114 पुलिस बल की आवश्यकता है। वहीं औसतन प्रत्येक थाने में यह संख्या 20 से 30 ही है। अब आलम यह है कि पुलिस आयुक्तालय पंचकूला में कोई भी पुलिस कर्मी डेपुटेशन पर नहीं है जबकि यहां से अन्य जगह कुल 320 पुलिस कर्मचारी डेपुटेशन पर गए हैं। इसके अलावा काफी समय से यहां के 300 पुलिस जवान हरियाणा पुलिस मुख्यालय और हरियाणा पुलिस की अन्य यूनिटों में अस्थायी ड्यूटी पर तैनात हैं।
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गृहमंत्री को पत्र लिखकर की स्टॉफ की मांग
एडवोकेट विजय बंसल ने गृहमंत्री अनिल विज को पत्र भेजकर जिला पंचकूला में आमजन को पुलिस थानों और चौकियों में समय पर न्याय दिलवाने और अपराधों की रोकथाम के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल बढ़ाने की मांग की है। हालांकि जिला पंचकूला पुलिस उपायुक्त द्वारा कई मर्तबा आला अधिकारियों को जिला पंचकूला में आवश्यक पुलिस बल स्वीकृत करने के लिए पत्र लिखे हैं। अब तक इस पर कोई कार्रवाई न किया जाना बेहद चिंता का विषय तो है ही वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपाई नेतृत्व का अपराध मुक्त क्षेत्र सुनिश्चित करने के दावों की पोल भी खोलता है।
वर्तमान में 841 अन्य पदों की स्वीकृत बेहद जरूरी
आंकड़ों की तरफ नजर डालें तो यह साफ पता चलता है कि 1995 में कुल मंजूर पदों पर ही अब तक पुलिस स्टाफ काम कर रहा है। हालांकि मंजूर पदों को बढ़ाया जाना जरूरी है जबकि सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा 8 दिसंबर 2020 को पुलिस अधिकारियों को भेजे पत्र के अनुसार 42 एसआई,106 एएसआई, 215 एचसी, 478 कांस्टेबल समेत कुल 841 पुलिस फोर्स के पद स्वीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसके अलावा भी पुलिस उपायुक्त द्वारा 18 दिसंबर 2020 को पत्र भेजा गया। इसके साथ ही मोटर ट्रांसपोर्ट ब्रांच में कुल 100 चार पहिया वाहनों पर सिर्फ 78 जवान ही स्वीकृत हैं जबकि अब 240 अन्य पुलिस जवान स्वीकृत किए जाने जरूरी है। इसके साथ ही पीसीआर, मोटरसाइकिल राइडर्स, क्यूआर्टिस पर इंचार्ज ड्यूटी के लिए भी कोई पद स्वीकृत नही है। ऐसे में इसके लिए भी 81 पदों की स्वीकृति जरूरी है।
सेक्टर-14 थाना और पांच चौकियां बिना मंजूर पदों के चल रहे हैं। अपराध बढ़ने की वजह से थाना और चौकियों की मंजूरी ली है। स्टॉफ के लिए प्रपोजल भेजा है। -मोहित हांडा, डीसीपी
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वर्तमान में पंचकूला पुलिस कुल स्वीकृत पदों का एक चौथाई यानी 25 फीसदी ही है। फोर्स की कमी का आलम यह है कि सेक्टर-14 थाना, सेक्टर-2, सेक्टर-6, सेक्टर-10 और रामगढ़-मढ़ावाला की पांच चौकियों के पद ही स्वीकृत नहीं हैं। पद स्वीकृत नहीं होने के बावजूद 13 साल से उक्त थाने और चौकियाें में अन्य थानों और चौकियों के कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यह जानकारी शिवालिक विकास मंच के प्रधान एवं राज्य सरकार में चेयरमैन रह चुके एडवोकेट विजय बंसल को आरटीआई में मिली है।
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रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो 2013 की रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक थाने में 114 पुलिस बल की आवश्यकता है। वहीं औसतन प्रत्येक थाने में यह संख्या 20 से 30 ही है। अब आलम यह है कि पुलिस आयुक्तालय पंचकूला में कोई भी पुलिस कर्मी डेपुटेशन पर नहीं है जबकि यहां से अन्य जगह कुल 320 पुलिस कर्मचारी डेपुटेशन पर गए हैं। इसके अलावा काफी समय से यहां के 300 पुलिस जवान हरियाणा पुलिस मुख्यालय और हरियाणा पुलिस की अन्य यूनिटों में अस्थायी ड्यूटी पर तैनात हैं।
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गृहमंत्री को पत्र लिखकर की स्टॉफ की मांग
एडवोकेट विजय बंसल ने गृहमंत्री अनिल विज को पत्र भेजकर जिला पंचकूला में आमजन को पुलिस थानों और चौकियों में समय पर न्याय दिलवाने और अपराधों की रोकथाम के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल बढ़ाने की मांग की है। हालांकि जिला पंचकूला पुलिस उपायुक्त द्वारा कई मर्तबा आला अधिकारियों को जिला पंचकूला में आवश्यक पुलिस बल स्वीकृत करने के लिए पत्र लिखे हैं। अब तक इस पर कोई कार्रवाई न किया जाना बेहद चिंता का विषय तो है ही वहीं दूसरी तरफ प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपाई नेतृत्व का अपराध मुक्त क्षेत्र सुनिश्चित करने के दावों की पोल भी खोलता है।
वर्तमान में 841 अन्य पदों की स्वीकृत बेहद जरूरी
आंकड़ों की तरफ नजर डालें तो यह साफ पता चलता है कि 1995 में कुल मंजूर पदों पर ही अब तक पुलिस स्टाफ काम कर रहा है। हालांकि मंजूर पदों को बढ़ाया जाना जरूरी है जबकि सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा 8 दिसंबर 2020 को पुलिस अधिकारियों को भेजे पत्र के अनुसार 42 एसआई,106 एएसआई, 215 एचसी, 478 कांस्टेबल समेत कुल 841 पुलिस फोर्स के पद स्वीकृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। इसके अलावा भी पुलिस उपायुक्त द्वारा 18 दिसंबर 2020 को पत्र भेजा गया। इसके साथ ही मोटर ट्रांसपोर्ट ब्रांच में कुल 100 चार पहिया वाहनों पर सिर्फ 78 जवान ही स्वीकृत हैं जबकि अब 240 अन्य पुलिस जवान स्वीकृत किए जाने जरूरी है। इसके साथ ही पीसीआर, मोटरसाइकिल राइडर्स, क्यूआर्टिस पर इंचार्ज ड्यूटी के लिए भी कोई पद स्वीकृत नही है। ऐसे में इसके लिए भी 81 पदों की स्वीकृति जरूरी है।
सेक्टर-14 थाना और पांच चौकियां बिना मंजूर पदों के चल रहे हैं। अपराध बढ़ने की वजह से थाना और चौकियों की मंजूरी ली है। स्टॉफ के लिए प्रपोजल भेजा है। -मोहित हांडा, डीसीपी