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हालात : सेक्टर-16 में 39 साल बाद भी जिला सेंटर नहीं बन पाया स्थानीय बाजार

Sun, 12 Dec 2021 01:18 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:18 AM IST
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Situation: Even after 39 years in Sector-16, the district center could not become a local market
पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 39 साल बाद भी सेक्टर-16 की मार्केट को जिला सेंटर नहीं बना पाया है। यहां तीन दशक बाद भी स्थानीय मार्केट के होटल और मॉल की साइट खाड़ी पड़े हैं। इन सालों में करीब 10-15 दुकानों को एचएसवीपी बेच नहीं पाया है, नतीजा बंद दुकानें जर्जर हालत में हैं। सेक्टर में केरोसिन के लिए रिजर्व साइट को दूसरे प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल करने की प्लानिंग भी नए सिरे से एचएसवीपी नहीं कर पाया। सेक्टर-16 में बनी मार्केट का एंट्री प्वाइंट सही नहीं है।
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मार्केट में प्रवेश करने के लिए स्थायी रास्ता नहीं है। इस कारण ग्राहक भ्रमित रहते हैं। ग्राहक इस सेक्टर की मार्केट में खरीदारी करना उचित नहीं समझते और इस वजह से दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। मार्केट में जहां से प्रवेश करने का स्थायी रास्ता है। वहां पर रेहड़ी-फड़ी वालों का कब्जा रहता है, यहां के दुकानदार भी इस समस्या की शिकायत कई बार नगर निगम को कर चुके हैं पर समाधान आज तक नहीं निकल पाया।
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एक नजर सेक्टर-16
कुल आबादी--10000
कुल मकान--1100
कुल मतदाता--5000
सेक्टर की समस्याएं
1. लावारिस पशु और कुत्ते
2. मरम्मत न होने से सड़कों का बुरा हाल
3. ड्रेनेज सिस्टम ठीक न होने से घरों का पानी सड़क पर आता है
4. सेक्टर के लोगों को है सामुदायिक सेंटर की दरकार
5. घरों के सामने लटकते टेलीफोन के केबल
6 .मार्केट के मार्किंग एरिया की सड़कें टूटी
1982 में एसएसवीपी ने सेक्टर-16 को बसाने का काम शुरू किया था। आज 39 साल बाद भी सेक्टर की मार्केट को विभाग जिला सेंटर नहीं बना पाया। यहां के मॉल और होटल के साइट खाली पड़े हैं। करीब 13 दुकानों को विभाग बेच नहीं पाया है। नतीजा दुकानें बंद पड़ी जर्जर हालत में हैं। शहर के बीचोंबीच होने के बाद भी सेक्टर का मार्केट आजतक विकसित नहीं हो पाया है। यहां मार्केट की एंट्री भी गलत है, जिसके चलते दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित हो रही है। - सुभाष पपनेजा, जनरल सेक्रेटरी आरडब्ल्यूए 16 पंचकूला।
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सेक्टर-16 के सर्कुलर ब्रीक ड्रेन का एचएसवीपी स्थायी व्यवस्था नहीं कर पाया। इसके चलते मकान नंबर-824 से 995 तक हर साल बारिश होने पर घरों के सामने एक से डेढ़ फीट तक बरसाती पानी भर जाता है। हर साल लोग परेशान होते हैं। यहां लावारिस पशुओं की भी बड़ी समस्या है। - एसएल अरोड़ा, स्थानीय निवासी।
एचएसवीपी ने पांच मंजिला कोठियों का नक्शा पास कर लोगों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी। इमारतों में दरार आने लगा है। वहीं लोगों को पांच मंजिल मकान बनाने की वजह से हवा और धूप भी लोगों के घरों तक प्रॉपर नहीं पहुंच पाएगी। - एमएल मल्होत्रा, प्रधान आडब्ल्यूए सेक्टर-16 पंचकूला।

सेक्टर-16 के अर्बन हेल्थ सेंटर में सिजेरियन शुरू होता तो यहां के गर्भवती महिलाओं को सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ते, साथ ही अस्पताल का वर्क लोड भी कम होता। इसके अलावा यहां के स्थानीय लोगों को सामुदायिक सेंटर की भी दरकार है। शिपरा मक्कड़, निवासी सेक्टर 16 पंचकूला।
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