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हालात : जहरीली गैस से बरवाला के 25 गांवों की डेढ़ हजार एकड़ में लगी फसल तबाह
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पंचकूला। बरवाला ब्लॉक में पंजाब के साथ लगते पांच किलोमीटर क्षेत्र के 25 गांव की 35 हजार आबादी जहरीली गैस से प्रभावित है। इतना ही नहीं चार दिन में किसानों की एक हजार एकड़ से अधिक फसल तबाह हो गई है। इससे किसानों को करीब पांच से सात करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना जताई जा रही है। जहरीली गैस का सबसे ज्यादा असर पत्तेवाली फसल पर देखने को मिल रहा है। किसान चिंतित हैं कि जहरीली गैस से कहीं गेहूं की फसल भी न खराब हो जाए। यदि ऐसा हुआ तो वे बर्बाद हो जाएंगे और परिवार का पालन करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि, बरसात के चलते पहले ही जीरी की फसल को काफी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई कर पाना कठिन है।
गांव के किसानों ने बताया कि जहरीली गैस की बदबू से वह काफी परेशान हैं। पंजाब एरिया के फैक्टरी संचालक आठ से दस दिन में एक से दो बार गैस छोड़ते हैं, जिससे क्षेत्र में इतनी बदबू फैल जाती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वहीं, आंखों और गले में जलन महसूस होती है। गैस के चलते बड़ी संख्या में लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वहीं, इस जहरीली गैस का असर पशुओं पर भी पड़ रहा है। पशुओं ने चारा खाना कम कर दिया है, इससे दूध की मात्रा भी कम हो गई है। किसानों ने बताया कि पहले उन्हें किसी बीमारी का अंदेशा था, लेकिन जब पंजाब प्रशासन जांच में जुटा तो पता चला कि जहरीली गैस से फसल और लोगों को नुकसान पहुंच रहा है।
इन फसलों को हुआ नुकसान
पंजाब सीमावर्ती क्षेत्र के साथ लगते गांव कामी, सुंदरपुर, सुल्तानपुर, बरवाला, नग्गल, जलौली, बतौड़, रिहौड़, भगवानपुर, भरैली, बीड़ फिरौड़ी, मौजा, बीड़ बाबूपुर, सगराना, मट्टावाली के किसानों की बरसीन, सरसों, मूली, पालक, मेथी, मिर्ची, उड़द, आलू, तोड़िया, शलजम, गाजर को जहरीली गैस ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। हालांकि कुछ किसान फसलों को बचाने के लिए कई तरह के उपाय कर रहे हैं, लेकिन उसका असर नहीं दिख रहा है। वह फसलों को बचाने के लिए दवाइयों का लगातार छिड़काव कर रहे हैं।
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प्रशासन गिरदावरी करवाकर मुआवजा दे
जहरीली गैस से प्रभावित किसानों का कहना है कि प्रशासन अपने स्तर पर फसलों की गिरदावरी करवाए और मुआवजा दे। इसके अलावा वह इस मामले को गंभीरता से लेकर पंजाब सीमा क्षेत्र में संचालित केमिकल युक्त फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखे। क्योंकि उन्हें इस गैस के चलते काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन ने संज्ञान न लिया तो यहां भी भोपाल जैसी त्रासदी हो सकती है। पंजाब प्रशासन जितनी तेजी के साथ मामले की जांच में जुटा है। पंचकूला प्रशासन को भी दिखानी चाहिए और जांच करवानी चाहिए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: प्रदीप चौधरी
कालका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक प्रदीप चौधरी ने पंजाब क्षेत्र की फैक्ट्रियों से बरवाला ब्लॉक के सीमावर्ती क्षेत्र में जहरीली गैस के रिसाव को लेकर चिंता जताई है। वह दो दिन से लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने इस मामले को लेकर जब विरोध जताया तो प्रशासन ने जांच शुरू की। पंचकूला प्रशासन को भी जांच करवाकर संबंधित फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करवाना चाहिए।
शिकायत मिलने पर करेंगे सख्त कार्रवाई: ज्ञानचंद गुप्ता
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि बरवाला ब्लॉक में जहरीली गैस से फसलों के नष्ट होने की सूचना नहीं है। यदि प्रभावित किसान उन्हें लिखित में शिकायत देंगे तो वह प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के निर्देश देंगे। इतना ही नहीं यदि किसी फैक्ट्री संचालक द्वारा जहरीली गैस या फिर किसी तरह का केमिकल छोड़ गया होता तो उसके खिलाफ पंजाब सरकार को कार्रवाई के लिए भी लिखेंगे। इस तरह की लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कृषि विशेषज्ञ करेंगे फसल की जांच: डॉ. चौहान
पंचकूला कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरएस चौहान का कहना है कि बरवाला ब्लॉक में किसानों की फसल जहरीली गैस या फिर किसी बीमारी से नष्ट हुई है, इसके बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। इस मामले की जानकारी पहले नहीं थी, लेकिन दो दिन के अंदर कृषि विशेषज्ञों की पूरी टीम प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और फसलों का निरीक्षण करेगी। फसलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक और कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके अलावा नुकसान की भरपाई के लिए भी विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
अधिकारियों को दी जानकारी: मंजू गौड
कृषि विभाग बरवाला कार्यालय की एटीएम मंजू गौड का कहना है कि किसानों की तरफ से उन्हें फसल खराब होने के बारे में मौखिक तौर पर अवगत कराया गया है। उन्होंने किसानों से इस समस्या के बारे में एक लिखित शिकायत विभाग के नाम देने के लिए कहा है, ताकि शिकायत के आधार पर जल्द कृषि विशेषज्ञों से खराब हुई फसलों की जांच करवाई जा सके। उन्होंने बताया कि फसल खराब होने की पूरी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी है।
जहरीली गैस छोड़ने की बात गलत : अनुज गोयल
पंजाब प्रांत की सीमा में स्थित एचपी केमिकल इंडस्ट्री समेत अन्य फैक्टरी मालिकों और कर्मचारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि जहरीली गैस छोड़ने का कोई मतलब ही नहीं है। हर फैक्टरी में उपकरण लगे हैं। एचपी केमिकल इंडस्ट्री के एमडी अनुज गोयल ने कहा कि हमारी फैक्ट्रियां पंजाब प्रांत में लगी हैं, जो बरवाला क्षेत्र के गांव से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर हैं। वहीं फैक्ट्री की तरफ से कोई केमिकल गैस नहीं छोड़ी जाती, जिससे कि आसपास का वातावरण प्रभावित हो और किसानों की फसलों को किसी तरह का नुकसान हो। फसलों को नुकसान पहुंचा है इसकी जानकारी मिली है, इसके पीछे क्या कारण है यह भी पता नहीं है।
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गांव के किसानों ने बताया कि जहरीली गैस की बदबू से वह काफी परेशान हैं। पंजाब एरिया के फैक्टरी संचालक आठ से दस दिन में एक से दो बार गैस छोड़ते हैं, जिससे क्षेत्र में इतनी बदबू फैल जाती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वहीं, आंखों और गले में जलन महसूस होती है। गैस के चलते बड़ी संख्या में लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। वहीं, इस जहरीली गैस का असर पशुओं पर भी पड़ रहा है। पशुओं ने चारा खाना कम कर दिया है, इससे दूध की मात्रा भी कम हो गई है। किसानों ने बताया कि पहले उन्हें किसी बीमारी का अंदेशा था, लेकिन जब पंजाब प्रशासन जांच में जुटा तो पता चला कि जहरीली गैस से फसल और लोगों को नुकसान पहुंच रहा है।
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इन फसलों को हुआ नुकसान
पंजाब सीमावर्ती क्षेत्र के साथ लगते गांव कामी, सुंदरपुर, सुल्तानपुर, बरवाला, नग्गल, जलौली, बतौड़, रिहौड़, भगवानपुर, भरैली, बीड़ फिरौड़ी, मौजा, बीड़ बाबूपुर, सगराना, मट्टावाली के किसानों की बरसीन, सरसों, मूली, पालक, मेथी, मिर्ची, उड़द, आलू, तोड़िया, शलजम, गाजर को जहरीली गैस ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। हालांकि कुछ किसान फसलों को बचाने के लिए कई तरह के उपाय कर रहे हैं, लेकिन उसका असर नहीं दिख रहा है। वह फसलों को बचाने के लिए दवाइयों का लगातार छिड़काव कर रहे हैं।
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प्रशासन गिरदावरी करवाकर मुआवजा दे
जहरीली गैस से प्रभावित किसानों का कहना है कि प्रशासन अपने स्तर पर फसलों की गिरदावरी करवाए और मुआवजा दे। इसके अलावा वह इस मामले को गंभीरता से लेकर पंजाब सीमा क्षेत्र में संचालित केमिकल युक्त फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखे। क्योंकि उन्हें इस गैस के चलते काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन ने संज्ञान न लिया तो यहां भी भोपाल जैसी त्रासदी हो सकती है। पंजाब प्रशासन जितनी तेजी के साथ मामले की जांच में जुटा है। पंचकूला प्रशासन को भी दिखानी चाहिए और जांच करवानी चाहिए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: प्रदीप चौधरी
कालका विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक प्रदीप चौधरी ने पंजाब क्षेत्र की फैक्ट्रियों से बरवाला ब्लॉक के सीमावर्ती क्षेत्र में जहरीली गैस के रिसाव को लेकर चिंता जताई है। वह दो दिन से लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों ने इस मामले को लेकर जब विरोध जताया तो प्रशासन ने जांच शुरू की। पंचकूला प्रशासन को भी जांच करवाकर संबंधित फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ केस दर्ज करवाना चाहिए।
शिकायत मिलने पर करेंगे सख्त कार्रवाई: ज्ञानचंद गुप्ता
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि बरवाला ब्लॉक में जहरीली गैस से फसलों के नष्ट होने की सूचना नहीं है। यदि प्रभावित किसान उन्हें लिखित में शिकायत देंगे तो वह प्रशासनिक अधिकारियों को जांच के निर्देश देंगे। इतना ही नहीं यदि किसी फैक्ट्री संचालक द्वारा जहरीली गैस या फिर किसी तरह का केमिकल छोड़ गया होता तो उसके खिलाफ पंजाब सरकार को कार्रवाई के लिए भी लिखेंगे। इस तरह की लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कृषि विशेषज्ञ करेंगे फसल की जांच: डॉ. चौहान
पंचकूला कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरएस चौहान का कहना है कि बरवाला ब्लॉक में किसानों की फसल जहरीली गैस या फिर किसी बीमारी से नष्ट हुई है, इसके बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगा। इस मामले की जानकारी पहले नहीं थी, लेकिन दो दिन के अंदर कृषि विशेषज्ञों की पूरी टीम प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और फसलों का निरीक्षण करेगी। फसलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासनिक और कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके अलावा नुकसान की भरपाई के लिए भी विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
अधिकारियों को दी जानकारी: मंजू गौड
कृषि विभाग बरवाला कार्यालय की एटीएम मंजू गौड का कहना है कि किसानों की तरफ से उन्हें फसल खराब होने के बारे में मौखिक तौर पर अवगत कराया गया है। उन्होंने किसानों से इस समस्या के बारे में एक लिखित शिकायत विभाग के नाम देने के लिए कहा है, ताकि शिकायत के आधार पर जल्द कृषि विशेषज्ञों से खराब हुई फसलों की जांच करवाई जा सके। उन्होंने बताया कि फसल खराब होने की पूरी जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी है।
जहरीली गैस छोड़ने की बात गलत : अनुज गोयल
पंजाब प्रांत की सीमा में स्थित एचपी केमिकल इंडस्ट्री समेत अन्य फैक्टरी मालिकों और कर्मचारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि जहरीली गैस छोड़ने का कोई मतलब ही नहीं है। हर फैक्टरी में उपकरण लगे हैं। एचपी केमिकल इंडस्ट्री के एमडी अनुज गोयल ने कहा कि हमारी फैक्ट्रियां पंजाब प्रांत में लगी हैं, जो बरवाला क्षेत्र के गांव से करीब 5 से 6 किलोमीटर दूर हैं। वहीं फैक्ट्री की तरफ से कोई केमिकल गैस नहीं छोड़ी जाती, जिससे कि आसपास का वातावरण प्रभावित हो और किसानों की फसलों को किसी तरह का नुकसान हो। फसलों को नुकसान पहुंचा है इसकी जानकारी मिली है, इसके पीछे क्या कारण है यह भी पता नहीं है।