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Panchkula News: आप विधायक जसवंत सिंह को झटका, ईडी की कार्रवाई के खिलाफ याचिका खारिज

Tue, 28 May 2024 05:31 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2024 05:31 AM IST
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Shock to AAP MLA Jaswant Singh, petition against ED action rejected
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पंजाब के विधायक जसवंत सिंह को बड़ा झटका देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी व रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। विधायक जसवंत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए ईडी की गिरफ्तारी व बाद में जारी रिमांड आदेश को चुनौती दी थी। मेसर्स टीसीएल ने 46 करोड़ रुपये का लोन व क्रेडिट सुविधा हासिल की थी और याची इसका निदेशक था। ईडी ने इसके बाद याची को गिरफ्तार कर लिया था और बाद में अदालत ने उनको रिमांड पर भेज दिया था। याची पर आरोप है कि लोन सुविधाएं देने के नियमों और शर्तों के विपरीत यह राशि अन्य कंपनियों को हस्तांतरित कर दी गई।
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आरोप के अनुसार 3.12 करोड़ रुपये आप नेता के व्यक्तिगत खाते में भेजे गए थे। फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर 9 फरवरी, 2018 को मेसर्स टीसीएल के खाते में धोखाधड़ी के चलते आरबीआई को इसके बारे में सूचित किया गया। इसके बाद याची को बार-बार जांच में शामिल होने को कहा गया, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बाद नवंबर 2023 में ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इसी कार्रवाई को उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए चुनौती दी थी।
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याची ने दलील दी कि गिरफ्तारी के मेमो और आधार सहित उसके खिलाफ मौजूद सामग्री दो दिन बाद सक्षम प्राधिकारी को भेजी गई, जबकि इसे तुरंत भेजना चाहिए था। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस कीर्ति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि प्रावधान के अनुसार गिरफ्तारी के तुरंत बाद यह सामग्री भेजने का प्रावधान है, कहीं भी गिरफ्तारी के दिन ही भेजने का जिक्र नहीं है। ऐसे में भले ही यह सामग्री दो दिन बाद भेजी गई हो, तो भी यह नहीं कहा जा सकता कि तय प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया। साथ ही रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट है कि उन्हें समन जारी किए गए थे और गिरफ्तारी के लिए उन्हें लिखित आधार भी दिए गए थे। ऐसे में याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि हमें रिमांड के आदेश और उसके बाद की कार्रवाई में कोई अवैधता नहीं मिली है।
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