{"_id":"692220a0308dca7264010006","slug":"sewerage-treatment-plant-overflows-at-parsvnath-royal-sector-20-panchkula-news-c-87-1-pan1001-129843-2025-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पार्श्वनाथ रॉयल सेक्टर 20 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ओवरफ्लो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पार्श्वनाथ रॉयल सेक्टर 20 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट ओवरफ्लो
विज्ञापन
सोसाइटी के ग्राउंड फ्लोर पर भरा सीवरेज का पानी।
सोसाइटी के 50 से अधिक निवासियों ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित पार्श्वनाथ रॉयल सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के ओवरफ्लो के कारण निवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोसाइटी के 50 से अधिक निवासियों ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
निवासियों ने शिकायत में बताया कि एसटीपी से गंदा पानी पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है, जिससे बदबू फैल रही है। इस स्थिति को उन्होंने अपने मौलिक मानवाधिकार, विशेष रूप से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन बताया है। पार्श्वनाथ रॉयल सोसाइटी के प्रोजेक्ट मैनेजर विमल कुमार ने बताया कि सोसाइटी का सीवर ट्रीटमेंट का काम उनका नहीं है बल्कि यह प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अलग प्रबंधन की है। लोगों का कहना है कि जल्द कार्रवाई न होने पर स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
निवासियों की समस्याएं
गंध के कारण बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों का स्वास्थ्य खतरे में।
लगातार संपर्क के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं, मतली, चक्कर और मानसिक परेशानी।
घरों में खिड़कियां और दरवाजे बंद रखना पड़ते हैं जिससे वेंटिलेशन और घर का माहौल प्रभावित होता है।
टावर-2 के निवासियों के अनुसार गंध इतनी तेज है कि बालकनी में खड़ा होना मुश्किल हो रहा है।
लोगों ने कहा कि बार-बार लिखित शिकायतों और बैठकों के बावजूद समाधान नहीं हुआ। दावा है कि एसटीपी की खराब स्थिति, अपर्याप्त रखरखाव या रासायनिक उपचार प्रक्रिया की विफल होने से ये हालात हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग से अनुरोध
निवासियों ने आयोग से मांग की है कि एसटीपी के संचालन संबंधी तरीकों की तत्काल जांच की जाए।
बुनियादी ढांचे को उन्नत किया जाए और गंध नियंत्रण तकनीक लागू की जाए।
प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-20 स्थित पार्श्वनाथ रॉयल सोसाइटी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के ओवरफ्लो के कारण निवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोसाइटी के 50 से अधिक निवासियों ने हरियाणा मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
निवासियों ने शिकायत में बताया कि एसटीपी से गंदा पानी पार्किंग और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है, जिससे बदबू फैल रही है। इस स्थिति को उन्होंने अपने मौलिक मानवाधिकार, विशेष रूप से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के अधिकार का उल्लंघन बताया है। पार्श्वनाथ रॉयल सोसाइटी के प्रोजेक्ट मैनेजर विमल कुमार ने बताया कि सोसाइटी का सीवर ट्रीटमेंट का काम उनका नहीं है बल्कि यह प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अलग प्रबंधन की है। लोगों का कहना है कि जल्द कार्रवाई न होने पर स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
विज्ञापन
निवासियों की समस्याएं
गंध के कारण बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों का स्वास्थ्य खतरे में।
लगातार संपर्क के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं, मतली, चक्कर और मानसिक परेशानी।
घरों में खिड़कियां और दरवाजे बंद रखना पड़ते हैं जिससे वेंटिलेशन और घर का माहौल प्रभावित होता है।
टावर-2 के निवासियों के अनुसार गंध इतनी तेज है कि बालकनी में खड़ा होना मुश्किल हो रहा है।
लोगों ने कहा कि बार-बार लिखित शिकायतों और बैठकों के बावजूद समाधान नहीं हुआ। दावा है कि एसटीपी की खराब स्थिति, अपर्याप्त रखरखाव या रासायनिक उपचार प्रक्रिया की विफल होने से ये हालात हैं।
विज्ञापन
मानवाधिकार आयोग से अनुरोध
निवासियों ने आयोग से मांग की है कि एसटीपी के संचालन संबंधी तरीकों की तत्काल जांच की जाए।
बुनियादी ढांचे को उन्नत किया जाए और गंध नियंत्रण तकनीक लागू की जाए।
प्रदूषण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।