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Panchkula News: करोड़ों के एमसीएच में बच्चों के वार्ड में बह रहा सीवरेज
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हफ्तेभर से सीवरेज जाम, पहली मंजिल के शौचालयों से ओपीडी तक फैली गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल (एमसीएच) में सीवरेज की समस्या गंभीर हो गई है। बुधवार को पीडियाट्रिक वार्ड की पहली मंजिल पर शौचालयों से मल निकलकर पूरे तल और ओपीडी में फैल गया। हफ्तेभर से जारी इस समस्या के कारण अस्पताल में दुर्गंध फैल रही है। बच्चों और नवजातों में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
पुरानी सीवरेज लाइन पर खड़ी की इमारत
सूत्रों के अनुसार एमसीएच की इमारत करीब 30 साल पुरानी सीवरेज लाइन पर बनाई गई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि निर्माण से पहले ही संबंधित विभागों को लीकेज की समस्या से अवगत कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजट मंजूर होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
पीएमओ के निर्देश के बाद भी राहत नहीं
मेंटेनेंस विंग के अधिकारियों ने नाली में प्लास्टिक की बोतल फंसने को जाम का कारण बताया। पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने चार दिन पहले समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भूतल पर पानी का बहाव रोक दिया गया, लेकिन पहली मंजिल के शौचालय अब भी जाम हैं। गंदा पानी बच्चों के वार्ड तक पहुंच रहा है। परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बच्चों को गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। सवाल यह है कि समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल (एमसीएच) में सीवरेज की समस्या गंभीर हो गई है। बुधवार को पीडियाट्रिक वार्ड की पहली मंजिल पर शौचालयों से मल निकलकर पूरे तल और ओपीडी में फैल गया। हफ्तेभर से जारी इस समस्या के कारण अस्पताल में दुर्गंध फैल रही है। बच्चों और नवजातों में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
पुरानी सीवरेज लाइन पर खड़ी की इमारत
सूत्रों के अनुसार एमसीएच की इमारत करीब 30 साल पुरानी सीवरेज लाइन पर बनाई गई है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि निर्माण से पहले ही संबंधित विभागों को लीकेज की समस्या से अवगत कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बजट मंजूर होने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।
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पीएमओ के निर्देश के बाद भी राहत नहीं
मेंटेनेंस विंग के अधिकारियों ने नाली में प्लास्टिक की बोतल फंसने को जाम का कारण बताया। पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने चार दिन पहले समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भूतल पर पानी का बहाव रोक दिया गया, लेकिन पहली मंजिल के शौचालय अब भी जाम हैं। गंदा पानी बच्चों के वार्ड तक पहुंच रहा है। परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बच्चों को गंदगी के बीच रहना पड़ रहा है। सवाल यह है कि समस्या का स्थायी समाधान कब होगा।
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