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Panchkula News: रायपुररानी थाने के बाहर टेंट लगा रहे सात लोगों को हिरासत में लिया, हंगामा, रविदास मंदिर में धरना, सांसद को भी रोका

Wed, 30 Apr 2025 01:17 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला Updated Wed, 30 Apr 2025 01:17 AM IST
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Seven people who were putting up tents outside Raipur Rani police station were taken into custody
गांव मौली में फ्लैग मार्च करती पुलिस।
अनुसूचित जाति समाज के दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ने से रोकने और छात्राओं से मारपीट के मामले में गिरफ्तारी न होने पर गुस्सा
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रायपुररानी थाने के बाहर टेंट लगा रहे सात लोगों को हिरासत में लिया, हंगामा, रविदास मंदिर में धरना, सांसद भी रोके
मौली गांव की 60 महिलाओं को हिरासत में लिया, रायपुररानी आ रहे नगीना के सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बीते आठ अप्रैल को अनुसूचित जाति समाज के दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ने से रोकने और छात्राओं से मारपीट के मामले में गिरफ्तारी न होने पर रायपुररानी थाने के बाहर सोमवार रात साढ़े 11 बजे टेंट लगा रहे भीम आर्मी के सात सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए समाज के सैकड़ों लोग रविदास मंदिर में धरने पर बैठ गए। हालांकि, समाज के लोगों के भारी विरोध के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोग बिना अनुमति के बड़े नेताओं को बुलाकर धरना प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे थे, जो धारा 163 का उल्लंघन था। जब पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो वे नहीं माने, जिसके बाद पुलिस ने टेंट उखाड़कर सात लोगों को हिरासत में ले लिया। मंगलवार सुबह करीब दस बजे हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने के लिए अनुसूचित जाति समाज के लोग रविदास मंदिर में जुटने लगे। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहीं गांव मौली की करीब 60 महिलाओं को भी पुलिस ने सुबह नौ बजे हिरासत में लेकर चंडीमंदिर थाने भेज दिया, जिन्हें शाम को प्रदर्शनकारियों की मांगें माने जाने के बाद छोड़ा गया।
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दिन में धरने में शामिल होने रायपुररानी आ रहे नगीना के सांसद चंद्रशेखर को पुलिस ने मुलाना के पास रोककर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में करीब ढाई घंटे तक बिठाए रखा। इसके अलावा, भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष कमल बराड़ा को भी हिरासत में लेकर शाम करीब पांच बजे छोड़ा गया, जिसके बाद वे रविदास मंदिर पहुंचकर धरना दे रहे लोगों के बीच शामिल हुए। शाम सात बजे तक कोई समाधान न निकलने पर प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पंचकूला के पुलिस कमिश्नर को बुलाने की मांग की, जिसे पुलिस अधिकारियों ने मानने से इन्कार कर दिया। अनुसूचित जाति के लोगों की मांग थी कि हिरासत में ली गईं महिलाओं और लोगों को मौली गांव से रायपुररानी धरनास्थल पर लाया जाए।
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थाने से देव समाज स्कूल तक का रास्ता दिनभर सील रहा, 300 पुलिसकर्मी रहे तैनात

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान रायपुररानी में करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहे और सभी रास्तों पर नाकेबंदी की गई। रायपुररानी थाने से देव समाज स्कूल तक का रास्ता दिनभर सील रहा। देर रात सांसद चंद्रशेखर ने प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए पुलिस को 12 दिन के अंदर मांगें पूरी न होने पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी, जिसमें वे स्वयं भी शामिल होंगे। हिरासत में लेकर छोड़ी गईं महिलाओं ने एसआईटी के सामने कई समस्याएं बताईं और पुलिस पर मारपीट के आरोप भी लगाए। हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने का सिलसिला देर रात दस बजे तक जारी रहा।
मौली में क्षत्रिय समाज में रोष
उधर, मौली गांव में क्षत्रिय समाज के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर समाज के लोगों में भारी रोष है। क्षत्रिय समाज के लोगों ने कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है और इस तरह रोज-रोज गलत तरीके से उनके लोगों की गिरफ्तारी की मांग ठीक नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पुलिस कोई भी फर्जी कार्रवाई करती है तो क्षत्रिय समाज भी भड़क सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

थाना प्रभारी का बयान..
रायपुररानी के थाना प्रभारी सोमवीर ढाका ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हिरासत में ली गईं प्रदर्शनकारी महिलाओं को छोड़ दिया गया है और बिना अनुमति टेंट गाड़ने के मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई रंजिश सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।


दलित दूल्हे को घोड़ी पर बैठने से रोकने पर पैदा हुए विवाद पर महापंचायत
मुलाना (अंबाला)। रायपुररानी में महापंचायत में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पहुंचना था, लेकिन दोपहर पौने तीन बजे उन्हें साहा में पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें मुलाना रेस्ट हाउस में लेकर पहुंची। विश्राम गृह मुलाना में भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां पुलिस प्रशासन और सांसद चंद्रशेखर आजाद के बीच लगभग ढाई घंटे बात हुई। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद शाम सवा पांच बजे सांसद को छोड़ दिया। सांसद ने बताया कि पुलिस ने 15 दिन का आश्वासन दिया है। अगर तय दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। सांसद ने कहा कि 16 मई को हरियाणा सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को संसद में उठाएंगे। संवाद
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