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सेक्टर 11 : डिस्पेंसरी परिसर में जलाया जा रहा मेडिकल वेस्ट, देरी से पहुंचता है स्टाफ, गंदगी का है आलम

Fri, 06 May 2022 12:42 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 06 May 2022 12:42 AM IST
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Sector 11: Medical waste being burnt in the dispensary premises, the staff reaches late, the situation is of filth
पंचकूला। सेक्टरों में बनाई गई डिस्पेंसरी लोगों को राहत देने की जगह मर्ज देने का काम कर रही है। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-11 में बनाई गई डिस्पेंसरी का भी है। डिस्पेंसरी परिसर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। चिकित्सक भी मौजूद पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल वेस्ट को अस्पताल परिसर में ही जलाया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे किए जाते हैं, मगर जमीनी हकीकत इसके उलट है। शहर के पॉश क्षेत्रों में शुमार सेक्टर-11 की डिस्पेंसरी में सफाई व्यवस्था बदहाल है। वहां लावारिस पशु घूमते रहते हैं। लावारिस पशुओं के गोबर को भी हफ्तों तक साफ नहीं किया जाता है। इसके अलावा अंडों की ट्रे और कोल्ड ड्रिंक्स की खाली बोतल डिस्पेंसरी परिसर में पड़ी रहती हैं। अधिकारियों के अनुसार डिस्पेंसरी में केवल एक सफाई कर्मचारी है। वह भी केवल 4 घंटे के लिए ही आता है। इसके अलावा माली को भी हटा दिया गया है, इस कारण वहां पेड़ों की देखभाल और घास की कटाई नहीं हो पाती है। बता दें कि सेक्टर की आबादी लगभग 15 हजार है।
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जला मिला मेडिकल वेस्ट और रिकॉर्ड
लापरवाही का आलम यह है कि डिस्पेंसरी परिसर में ही कचरे को आग के हवाले कर दिया जाता है। इतना ही नहीं रक्त की जांच करने की स्लाइड भी उसी में जलाई जाती है। वीरवार को अस्पताल के दौरा करने पर मिला कि आग में ही रिकॉर्ड रजिस्टर भी जलाया गया है। उसमें क्या रिकॉर्ड था और उसे क्यों जलाया गया, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकता है।
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देरी से पहुंचे कर्मचारी
सेक्टर-11 की डिस्पेंसरी की ओपीडी में हर रोज 100 से 120 लोग उपचार के लिए आते हैं। डिस्पेंसरी में ओपीडी का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक का है। इसके बावजूद कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते हैं। वीरवार को एक एएनएम और एक मेडिकल ऑफिसर सुबह सवा 9 बजे डिस्पेंसरी में पहुंचे थे।
मेडिकल वेस्ट को जलाया नहीं जा सकता। उसके निस्तारण के लिए कंपनी को ठेका दिया गया है। संभव है कि वे स्लाइड मलेरिया विभाग की हों। इसकी जांच कराई जाएगी। जो अव्यवस्थाएं हैं उनको दूर कराया जाएगा। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला।
डिस्पेंसरी में सुविधाओं की कमी है। ऊपर से कर्मचारी लापरवाही करते हैं। अगर डिस्पेंसरी में सफाई व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं है तो फिर वहां लोगों को बीमारियों से मुक्ति दिलाना कैसे संभव हो सकता है। - रविंद्र शर्मा, निवासी सेक्टर-11
मेडिकल वेस्ट जलाया जाना तो गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए, जो भी कर्मचारी इसके लिए दोषी हैं उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। डिस्पेंसरी में सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। - गुरदीप सिंह, निवासी सेक्टर-11
डिस्पेंसरी में बेहतर सुविधाओं की कमी और कर्मचारियों में संजीदगी नहीं होने के चलते ज्यादातर लोगों ने डिस्पेंसरी में जाना ही छोड़ दिया है। लावारिस पशु वहां घूमते रहते हैं। चारों ओर गंदगी फैली रहती है। - जयसिंह दलाल, निवासी सेक्टर-11

छोटी-मोटी बीमारियों का उपचार ही यहां हो पाता है। हालत जरा सी गंभीर होती है तो सेक्टर-6 रेफर कर दिया जाता है। यहां समय बर्बाद करने की जगह लोग दूसरे अस्पतालों में जाना ज्यादा पसंद करते हैं। - मीनाक्षी, निवासी सेक्टर-11
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