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एक साल में भी नहीं हटी धारा-7ए, आर्थिक संकट से गुजर रहे प्रॉपर्टी कारोबारी

Wed, 13 Oct 2021 12:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 12:57 AM IST
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Section-7A not removed even in a year, property businessmen going through economic crisis
पिंजौर। जिले में धारा-7ए लागू होने से छोटे प्लाट आदि की रजिस्ट्री पर लगी रोक को करीब एक साल होने वाला है। इससे जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़े कारोबारियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आम जनता भी इससे परेशान है।
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स्थानीय लोगों ने धारा-7ए का विरोध करते हुए सरकार से इसे खत्म करने करने की मांग की थी। बावजूद क्षेत्र से पूरी तरह से धारा-7ए को नहीं हटाया गया। इतना ही नहीं बीजेपी व जजपा के स्थानीय नुमाइंदों ने भी गठबंधन सरकार के सामने लोगों की समस्या का हवाला देते हुए धारा-7ए को निरस्त करने की मांग की परंतु सरकार ने अपने पदाधिकारियों की मांग को भी अनसुना कर दिया और क्षेत्र से अभी पूरी तरह से धारा-7ए को नहीं हटाया गया।
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बता देें कि पंचकूला के नगरीय क्षेत्र में हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियम अधिनियम 1975 की धारा से लागू होने से नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 113 गांवों में रजिस्ट्री पर रोक लगी है। इससे प्रॉपर्टी से जुड़े कारोबारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बीते साल 25 नवंबर को अधिसूचना जारी कर धारा-7ए से लागू कर दी। धारा लागू होने से जिले में छोटे प्लाट की रजिस्ट्री पर रोक लग गई। इसका असर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े व्यवसाइयों, मिस्त्री, मजदूर, दुकानदार आदि पर पड़ा। जमीनी खरोद फरोख्त से जुड़े प्रॉपर्टी डीलर तो सीधे तौर पर आर्थिक संकट का शिकार हो रहे हैं।
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घर बनाने का सपना अधूरा : पवन कुमारी
धारा-7ए लागू होने से प्रॉपर्टी से जुड़े कारोबारियों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर मध्यवर्गीय आम जनता का अपना आशियाना बनाने का सपना भी अधूरा रह गया है। मध्य वर्गीय लोग दो चार बिसवे में अपना अशियाना बना सकते हैं परंतु धारा-7ए लागू रहने से वे जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं। बहुत से लोग जमीन खरीदने के लिए बयाना दे चुके हैं तो वहीं कुछ लोगों ने बैंक से कर्ज भी ले रखा है परंतु रजिस्ट्री न होने की वजह से उन्हें घाटा उठाना पड़ रहा है। लोगों की समस्या देखते हुए सरकार को धारा-7ए को क्षेत्र से निरस्त कर देनी चाहिए।

-पवन कुमारी, प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस
सरकार ने लोगों को बेराजगार किया : प्रदीप चौधरी
कोरोना के चलते एक तरफ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं, दूसरी ओर बहुत से लोगों का रोजगार खत्म हो गया। सरकार लोगों को रोजगार देना तो दूर की बात धारा-7ए जैसी धारा लगा कर उनके लिए समस्याएं पैदा कर रही है। लोगों के कारोबार थे परंतु सरकार ने धारा-7ए लगाकर उनका हक छीनते हुए बेरोजगारी बढ़ाने का काम किया है। मुख्यमंत्री को मुलाकात कर बताया कि क्षेत्र की एसीसी कंपनी, एचएमटी कंपनी पहले ही बंद हो चुकी है। लोगों की समस्याओं का हवाला देकर उन्होंने मुख्यमंत्री को धारा-7ए खत्म करने की मांग थी। लोगों के हितों को देखते हुए क्षेत्र से धारा-7ए को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।
-प्रदीप चौधरी, विधायक हलका कालका
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