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लिटिल फ्लावर के नमन और सॉपिंस की विहा ने किया टॉप
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पंचकूला। आईसीएसई के 10वीं के रिजल्ट में सेक्टर-14 लिटिल फ्लावर के छात्र नमन भारद्वाज और सॉपिंस की छात्रा विहा सिंगला ने बराबर अंक हासिल कर संयुक्त रूप से ट्राइसिटी में टॉप किया है। स्टूडेंट्स ने कड़ी सफलता से यह मुकाम हासिल किया है। ट्राईसिटी में प्रथम तीनों स्थानों पर रहने वाले विद्यार्थी पंचकूला के हैं। सेक्टर-14 लिटिल फ्लावर स्कूल के नमन भारद्वाज ने 99.2 फीसदी अंक हासिल किया है। वहीं, सॉपिंस स्कूल की छात्रा विहा सिंगला 99.2 फीसदी अंक हासिल कर संयुक्त रूप से ट्राइसिटी में टॉप किया है। करन गर्ग ने 98.8 फीसदी अंक के साथ दूसरा और तीसरा स्थान शानवी नागपाल ने 98.6 फीसदी अंक हासिल किया है। शहर के स्कूलों का रिजल्ट शत प्रतिशत रहने पर अभिभावकों और विद्यार्थियों के चेहरे खिले रहे। सेक्टर-20 स्थित सेंट जेवियर्स, सेक्टर-9 सॉपिंस स्कूल का रिजल्ट भी शत प्रतिशत रहा।
कड़ी मेहनत से मिली सफलता
आईसीएसई के टॉपर्स स्टूडेंट्स नमन भारद्वाज ने बताया कि कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि वह रूटीन में छह घंटे पढ़ाई करते थे। इसके साथ ही उन्हें उनके पैरेंट्स की तरफ से हमेशा प्रोत्साहित किया गया। उनके पिता मित्तर भारद्वाज सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वहीं उनकी मां पूजा भारद्वाज प्राइवेट कंपनी में अकाउंट मैनेजर का काम करती हैं। ट्राइसिटी में टापर रहे नमन भारद्वाज ने बताया कि वह आईआईटी से कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई कर कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होेंने बताया कि वह अपने को तनाव मुक्त रखने के लिए योग भी करते हैं।
पेपर नहीं होने से हुआ था तनाव
ट्राइसिटी में टापर रहे नमन भारद्वाज ने बताया कि जब कोरोना के कारण एग्जाम देना बंद हुआ था तो वह तनाव में आ गए थे। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के पेशेंट को बढ़ते देख परीक्षा देने और नहीं देने में कंफ्यूजन पैदा हो गया था। इस कारण उन्हें परेशानी हुई थी। नमन ने बताया कि उनके छह पेपर हो गए थे। चार पेपर नहीं हुए थे। उन्हें यह मार्क अन्य पेपर की मार्किंग को देखते दिए गए। उन्होंने कहा कि उनके सभी पेपर ठीक हुए थे। उन्हें कड़ी मेहनत का फल मिला है। यह बहुत ही बेहतरीन है। नमन ने बताया कि गणित में लॉजिक वाले सवाल हल करना उसकी पहली पसंद है। इसलिए वह पूरी इमानदारी से मेहनत कर रहा है।
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पांच घंटे पढ़ाई कर विहा सिंगला बनी संयुक्त टॉपर
सॉपिंस स्कूल की विहा सिंगला ने भी दसवीं में संयुक्त रूप से टॉप किया है। विहा सिंगला ने 99.2 फीसदी अंक लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पांच घंटे पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। वह कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनके पिता पूर्व लेफ्टिनेंट चेतन सिंगला हैं। वहीं उनकी मां मंदीप सिंगला हाउस मेकर हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़ाई के दौरान तनाव मुक्त रहने के लिए स्टेट लेवल चेस, बास्केट बाल खेलना पसंद करती हैं। वहीं चेस और बास्केटबाल में स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं।
पांच घंटे पढ़ाई कर हासिल किया बेहतर अंक
लिटिल फ्लावर स्कूल सेक्टर-14 से दूसरा स्थान हासिल करने वाले करन गर्ग पांच घंटे नियमित पढ़ाई करते थे। उन्होंने 98.8 फीसदी अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया है। करन गर्ग ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनके पिता विजय गर्ग की दवा कंपनी है। मां रितु गर्ग हाउस वाइफ हैं। वह पढ़ाई के दौरान तनाव को दूर करने के लिए क्रिकेट और वालीबाल खेलते थे। वहीं पंचकूला मेें 98.6 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान हासिल करने वाली शानवी भी डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह सात घंटे पढ़ाई करती रही हैं। वह तनाव मुक्त रहने के लिए चेस खेलती थी।
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कड़ी मेहनत से मिली सफलता
आईसीएसई के टॉपर्स स्टूडेंट्स नमन भारद्वाज ने बताया कि कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि वह रूटीन में छह घंटे पढ़ाई करते थे। इसके साथ ही उन्हें उनके पैरेंट्स की तरफ से हमेशा प्रोत्साहित किया गया। उनके पिता मित्तर भारद्वाज सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वहीं उनकी मां पूजा भारद्वाज प्राइवेट कंपनी में अकाउंट मैनेजर का काम करती हैं। ट्राइसिटी में टापर रहे नमन भारद्वाज ने बताया कि वह आईआईटी से कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई कर कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उन्होेंने बताया कि वह अपने को तनाव मुक्त रखने के लिए योग भी करते हैं।
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पेपर नहीं होने से हुआ था तनाव
ट्राइसिटी में टापर रहे नमन भारद्वाज ने बताया कि जब कोरोना के कारण एग्जाम देना बंद हुआ था तो वह तनाव में आ गए थे। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के पेशेंट को बढ़ते देख परीक्षा देने और नहीं देने में कंफ्यूजन पैदा हो गया था। इस कारण उन्हें परेशानी हुई थी। नमन ने बताया कि उनके छह पेपर हो गए थे। चार पेपर नहीं हुए थे। उन्हें यह मार्क अन्य पेपर की मार्किंग को देखते दिए गए। उन्होंने कहा कि उनके सभी पेपर ठीक हुए थे। उन्हें कड़ी मेहनत का फल मिला है। यह बहुत ही बेहतरीन है। नमन ने बताया कि गणित में लॉजिक वाले सवाल हल करना उसकी पहली पसंद है। इसलिए वह पूरी इमानदारी से मेहनत कर रहा है।
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पांच घंटे पढ़ाई कर विहा सिंगला बनी संयुक्त टॉपर
सॉपिंस स्कूल की विहा सिंगला ने भी दसवीं में संयुक्त रूप से टॉप किया है। विहा सिंगला ने 99.2 फीसदी अंक लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पांच घंटे पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। वह कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनके पिता पूर्व लेफ्टिनेंट चेतन सिंगला हैं। वहीं उनकी मां मंदीप सिंगला हाउस मेकर हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़ाई के दौरान तनाव मुक्त रहने के लिए स्टेट लेवल चेस, बास्केट बाल खेलना पसंद करती हैं। वहीं चेस और बास्केटबाल में स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं।
पांच घंटे पढ़ाई कर हासिल किया बेहतर अंक
लिटिल फ्लावर स्कूल सेक्टर-14 से दूसरा स्थान हासिल करने वाले करन गर्ग पांच घंटे नियमित पढ़ाई करते थे। उन्होंने 98.8 फीसदी अंक हासिल कर दूसरा स्थान हासिल किया है। करन गर्ग ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनके पिता विजय गर्ग की दवा कंपनी है। मां रितु गर्ग हाउस वाइफ हैं। वह पढ़ाई के दौरान तनाव को दूर करने के लिए क्रिकेट और वालीबाल खेलते थे। वहीं पंचकूला मेें 98.6 फीसदी अंक हासिल कर तीसरा स्थान हासिल करने वाली शानवी भी डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह सात घंटे पढ़ाई करती रही हैं। वह तनाव मुक्त रहने के लिए चेस खेलती थी।