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Panchkula News: साकेत ने 2500 दिव्यांगों को उपलब्ध कराए हाथ, पैर और अन्य उपकरण

Mon, 26 Aug 2024 02:54 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 02:54 PM IST
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Saket provided hands, legs and other equipment to 2500 disabled people
एक साल में 750 लोगों को हाथ-पैर उपलब्ध कराए, सस्ते अंग मिलने पर बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में दिव्यांग यहां कराते हैं इलाज
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित साकेत अस्पताल के कृत्रिम अंग विभाग ने एक साल में 2500 मरीजों को अंग प्रदान किए हैं। प्रदेश के अलावा दूसरे प्रदेशों के दिव्यांगों के लिए यह विभाग वरदान साबित हो रहा है। विभाग ने एक साल में करीब 750 लोगों को कृत्रिम हाथ और पैर उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा विभाग मरीजों के ऑर्डर पर एग शूज, कृत्रिम पैर, कैलिपर्स सहित अन्य वस्तुएं बनाता है। यहां पर सर्वाधिक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर-प्रदेश सहित अन्य राज्यों से मरीज आते हैं। लोगों को मार्केट से बहुत ही सस्ते दाम पर कृत्रिम अंग दिए जाते हैं। इलाज के साथ कृत्रिम अंग लेने के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ता है।

कृत्रिम अंग विभाग की ओर से बनाई जा रही यह चीजें
साकेत अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. रानी सिंह ने बताया कि विभाग कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ, ऑर्थो शूज, कैलीपर्स, वॉकिंग एड्स, स्टिक, क्रश, स्पोर्ट्स डिवाइस, रिस्ट बैंड, टेनिस एल्बो बैंड, आर्म्स पाउच, मोडिफाइड शूज, एएफओ, केएएफएओ, स्पाइनल बेल्ट, मोलडीड जैकेट सहित अन्य सामान आर्डर करने पर बनाया जाता है। यहां पर काम करने वाले भीमराव, घनश्याम, हरीश कुमार और विकास ने बताया कि कृत्रिम अंग विभाग नो प्रॉफिट, नो लॉस पर यह विभाग चला रहा है। मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए कृत्रिम अंग यहां पर लगातार बनाए जाते हैं। इसमें मरीजों का आर्डर आने के बाद हम दो से पांच दिन में उनकी चीजें बनाते हैं।
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मरीजों की समस्या का होता है तुरंत समाधान
साकेत अस्पताल में रोजाना तीन सौ मरीजों की ओपीडी है। मरीजों की समस्या का समाधान तुरंत किया जाता है। इसमें जैसे ही डॉक्टर द्वारा ऑर्थो शूज पहनने की सलाह दी जाती है, उसकी नाप लेकर एक दिन के अंदर मरीज की डिमांड को पूरा करते हैं। इसमें जूते 390 रुपये से लेकर 59्र0 रुपये तक बनते हैं। मरीज की नाप के बाद जूते आसानी से अच्छे बनते हैं। व्यक्ति अगर 50 फीसदी से अधिक दिव्यांग है, तो उसका शूज बनाने में समय अधिक लगता है।
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6700 में बनते हैं कृत्रिम पैर और हाथ
अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. रानी सिंह ने बताया कि अस्पताल में कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ 6700 रुपये के बनाए जा रहे हैं। वहीं ऑर्थो शूज 590 रुपये, जैकेट सेट-880 रुपये के बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा कैलीपर्स 1800 रुपये और डिवाइस स्टिक बैंड, टेनिस एल्बो बैंड सहित अन्य चीज सौ रुपये तक बनाई जा रही हैं। मरीजों को सस्ते दामों में दिए जाने के कारण इलाज के बाद कृत्रिम अंगों की खरीदारी यहां से करते हैं।


साकेत अस्पताल के कृत्रिम अंग विभाग की तरफ से दिव्यांगों को कृत्रिम अंग बनाकर दिए जाते हैं। इस साल ढाई हजार मरीजों को कृत्रिम अंग के माध्यम से खड़ा किया गया है। इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल के मरीज अधिक आए हैं। अन्य राज्यों से दो से तीन फीसदी मरीज आए हैं। - डॉ. रानी सिंह, डायरेक्टर, साकेत अस्पताल, पंचकूला
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