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शिअद क्षेत्रीय पार्टी, अन्य राजनीतिक दल दिल्ली से चलते हैं : अयाली
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चंडीगढ़। पिछले महीने राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार कर अपनी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जाने वाले शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने शिअद प्रधान सुखबीर बादल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने झुंडन कमेटी को लेकर चर्चा की। रविवार को एक वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि पार्टी हित में वह अभी भी अपने बयान पर कायम हैं। शिअद को क्षेत्रीय बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्य राजनीतिक दल दिल्ली से संचालित होते हैं।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो में अयाली ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल से मुलाकात की और उनके साथ इकबाल सिंह झुंडन के नेतृत्व वाले पैनल द्वारा दी गई रिपोर्ट पर चर्चा की, जिसे विधानसभा चुनाव में पार्टी की अपमानजनक हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए बनाया गया था। शिअद ने 117 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ तीन सीटें जीतीं।
18 जुलाई को दाखा विधायक ने राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करते हुए अपनी पार्टी छोड़ दी थी, यह कहते हुए कि पंजाब से संबंधित मुद्दे अनसुलझे हैं। उनकी पार्टी के नेतृत्व ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का फैसला करने से पहले उनसे सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि उनका केवल शिरोमणि अकाली दल को मजबूत करने का केवल एक ही एजेंडा है। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है और पंजाब के अधिकारों के लिए बहुत अच्छी तरह से लड़ सकती है। अन्य पार्टियां दिल्ली से काम करती हैं। शिअद के विधायक दल के नेता अयाली ने कहा, कभी-कभी ऐसी अफवाहें आती हैं कि मैं दूसरी पार्टी में जाना चाहता हूं या मैं लालची हूं। ऐसा कुछ है नहीं।
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28 जुलाई को भंग हो चुका है संगठन
13 सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए बादल ने 28 जुलाई को शिअद के पूरे संगठनात्मक ढांचे को भंग कर दिया था।
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो में अयाली ने कहा कि उन्होंने पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल से मुलाकात की और उनके साथ इकबाल सिंह झुंडन के नेतृत्व वाले पैनल द्वारा दी गई रिपोर्ट पर चर्चा की, जिसे विधानसभा चुनाव में पार्टी की अपमानजनक हार के कारणों का विश्लेषण करने के लिए बनाया गया था। शिअद ने 117 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ तीन सीटें जीतीं।
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18 जुलाई को दाखा विधायक ने राष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करते हुए अपनी पार्टी छोड़ दी थी, यह कहते हुए कि पंजाब से संबंधित मुद्दे अनसुलझे हैं। उनकी पार्टी के नेतृत्व ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का फैसला करने से पहले उनसे सलाह नहीं ली थी। उन्होंने कहा कि उनका केवल शिरोमणि अकाली दल को मजबूत करने का केवल एक ही एजेंडा है। यह एक क्षेत्रीय पार्टी है और पंजाब के अधिकारों के लिए बहुत अच्छी तरह से लड़ सकती है। अन्य पार्टियां दिल्ली से काम करती हैं। शिअद के विधायक दल के नेता अयाली ने कहा, कभी-कभी ऐसी अफवाहें आती हैं कि मैं दूसरी पार्टी में जाना चाहता हूं या मैं लालची हूं। ऐसा कुछ है नहीं।
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28 जुलाई को भंग हो चुका है संगठन
13 सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए बादल ने 28 जुलाई को शिअद के पूरे संगठनात्मक ढांचे को भंग कर दिया था।