रक्षाबंधन: हरियाणा रोडवेज चलाएगा अतिरिक्त बसें, महिलाओं को नहीं होगी दिक्कत
हरियाणा सरकार रक्षाबंधन के मद्देनजर सोमवार को यात्रियों की मांग के अनुसार पर्याप्त बसें चलाएगी। भाई-बहन के इस पावन पर्व पर जनसाधारण को किसी तरह की असुविधा न हो, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए 50 प्रतिशत यात्रियों के हिसाब से बसों का संचालन किया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसलिए सभी डिपो महाप्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों की मांग के अनुसार पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन किया जाए।
उन्होंने बताया कि बसों के संचालन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए और सैनिटाइजर आदि की पूरी व्यवस्था हो। इसके अलावा बसों में सफर करने वाले सभी यात्रियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
राज्यपाल, सीएम, डिप्टी सीएम ने दी रक्षाबंधन की बधाई
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य, सीएम मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने रक्षाबंधन की प्रदेश वासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व पारिवारिक एकता का प्रतीक है। यह भाई-बहन के अटूट प्यार को और ज्यादा मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस पर्व के अवसर पर कोई भी सार्वजनिक या सामूहिक कार्यक्रम आयोजित न करें। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए अपने-अपने घरों में ही रहकर हर्षोल्लास के साथ मनाएं। यह पर्व प्रदेश में शांति, सौहार्द व भाईचारे को मजबूत करेगा।
रक्षाबंधन पर फ्री बस सेवा बंद करने का हुड्डा ने किया विरोध
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा जारी रखने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार का रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज की फ्री बस सेवा बंद करने का फैसला सही नहीं है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 साल में ये पहली बार होगा, जब रक्षाबंधन पर सरकार बहन-बेटियों से किराया वसूली करेगी।
कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा देते हुए फ्री बस सेवा शुरू की थी। उनकी सरकार के दौरान हरियाणा रोडवेज से दूसरे राज्यों तक का सफर तय करने पर भी रक्षाबंधन वाले दिन महिलाओं से किराया नहीं लिया जाता था। कांग्रेस सरकार के दौरान रोडवेज बसों में बुजुर्ग महिलाओं का आधा किराया भी माफ किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि मौजूदा सरकार को उनके कार्यकाल में शुरू हुई योजनाओं को बंद करने के बजाय जनहित में नई योजनाएं चलाने पर जोर देना चाहिए। रक्षाबंधन पर भी फ्री सेवा बंद करने के बजाय सरकार को ज्यादा बसें चलानी चाहिए, ताकि बसों में भीड़ न हो पाए और महिलाएं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सुरक्षित अपना सफर तय कर सकें।
महिलाएं त्योहार मनाने के लिए बसों का सफर कर रही हैं। ऐसे में उनका किराया माफ करने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इससे पहले भी सरकार स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए फ्री बस सेवा बंद कर चुकी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आने वाली छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।