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पंजीकरण के समय एक्स शोरूम की कीमत पर वसूला जा रहा रोड टैक्स
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चंडीगढ़। हरियाणा में वाहन पंजीकरण के समय खरीदारों से एक्स शोरूम कीमत पर रोड टैक्स वसूला जा रहा है। नियमानुसार खरीदारों से यह टैक्स असल कीमत पर लिया जाना चाहिए। ऐसा न होने से वाहन खरीदने वालों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है।
हरियाणा में पड़ोसी राज्यों की तुलना वाहन खरीदारों को पंजीकरण के समय दोगुना टैक्स देना पड़ रहा है। इसे लेकर एडवोकेट विजय बंसल ने सरकार को कानूनी नोटिस भेजकर एक्स शोरूम कीमत पर टैक्स न लेकर वास्तविक कीमत पर टैक्स लेने की मांग की थी। परिवहन विभाग ने 29 सितंबर 2017 की अपनी अधिसूचना में संशोधन कराने के लिए सरकार से प्रस्ताव अनुमोदित करवाया था। जिसमें वाहन की असल कीमत पर रोड टैक्स वसूलने की मांग भी शामिल थी। वित्त विभाग ने अन्य मांगों को तो स्वीकृति दे दी, लेकिन वाहन खरीददारों से एक्स शोरूम प्राइस की बजाय वास्तविक कीमत पर टैक्स लेने के मामले पर सहमति प्रदान नहीं की।
विजय बंसल के कानूनी नोटिस पर परिवहन विभाग ने सरकार को यह प्रस्ताव दोबारा भेजा है। बंसल ने बताया कि यह मामला वित्त विभाग का है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास ही है। बावजूद इसके जनता की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ की भांति वाहन के मूल्य पर ही टैक्स ले।
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बंसल ने यह भी मांग की है कि 13 जनवरी 2011 की उस अधिसूचना को रदद किया जाए जिसमें वाहन का मूल्य पंजीकरण के समय लगभग मानकर रोड टैक्स के लिए मान्य किया जाता है। इसमें वाहन के एक्स शोरूम मूल्य में सभी प्रकार के कर शामिल हैं।
बंसल ने कहा कि निकाय सीमा से बाहर रहने वाले वाहन मालिकों से नगर निगम टैक्स न वसूला जाए। सरकार अत्यधिक वसूल किए गए टैक्स को वाहन मालिकों को वापस करे। इस समय प्रदेश में यदि कोई नया वाहन खरीदता है तो उस वाहन के लागत मूल्य पर 13 प्रतिशत वैट वसूला जाता है। जब नए वाहन को पंजीकृत करवाया जाता है तो उस समय भी वाहन खरीददार से वाहन की लागत मूल्य के साथ वैट पर रोड टैक्स लिया जाता है, यह नियमनुसार गलत है।
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हरियाणा में पड़ोसी राज्यों की तुलना वाहन खरीदारों को पंजीकरण के समय दोगुना टैक्स देना पड़ रहा है। इसे लेकर एडवोकेट विजय बंसल ने सरकार को कानूनी नोटिस भेजकर एक्स शोरूम कीमत पर टैक्स न लेकर वास्तविक कीमत पर टैक्स लेने की मांग की थी। परिवहन विभाग ने 29 सितंबर 2017 की अपनी अधिसूचना में संशोधन कराने के लिए सरकार से प्रस्ताव अनुमोदित करवाया था। जिसमें वाहन की असल कीमत पर रोड टैक्स वसूलने की मांग भी शामिल थी। वित्त विभाग ने अन्य मांगों को तो स्वीकृति दे दी, लेकिन वाहन खरीददारों से एक्स शोरूम प्राइस की बजाय वास्तविक कीमत पर टैक्स लेने के मामले पर सहमति प्रदान नहीं की।
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विजय बंसल के कानूनी नोटिस पर परिवहन विभाग ने सरकार को यह प्रस्ताव दोबारा भेजा है। बंसल ने बताया कि यह मामला वित्त विभाग का है, जो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास ही है। बावजूद इसके जनता की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ की भांति वाहन के मूल्य पर ही टैक्स ले।
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बंसल ने यह भी मांग की है कि 13 जनवरी 2011 की उस अधिसूचना को रदद किया जाए जिसमें वाहन का मूल्य पंजीकरण के समय लगभग मानकर रोड टैक्स के लिए मान्य किया जाता है। इसमें वाहन के एक्स शोरूम मूल्य में सभी प्रकार के कर शामिल हैं।
बंसल ने कहा कि निकाय सीमा से बाहर रहने वाले वाहन मालिकों से नगर निगम टैक्स न वसूला जाए। सरकार अत्यधिक वसूल किए गए टैक्स को वाहन मालिकों को वापस करे। इस समय प्रदेश में यदि कोई नया वाहन खरीदता है तो उस वाहन के लागत मूल्य पर 13 प्रतिशत वैट वसूला जाता है। जब नए वाहन को पंजीकृत करवाया जाता है तो उस समय भी वाहन खरीददार से वाहन की लागत मूल्य के साथ वैट पर रोड टैक्स लिया जाता है, यह नियमनुसार गलत है।