{"_id":"60fb2b228ebc3e587500a49a","slug":"revenue-relation-committee-raided-saral-kendra-pkl-office-news-pkl421130944","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेवेन्यू रिलाइजेशन कमेटी ने सरल केंद्र पर मारा छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेवेन्यू रिलाइजेशन कमेटी ने सरल केंद्र पर मारा छापा
विज्ञापन
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला की रेवेन्यू रिलाइजेशन कमेटी के सदस्य और पार्षद सुरेश वर्मा व जय कौशिक ने शुक्रवार को सेक्टर 4 सामुदायिक केंद्र में चल रहे नगर निगम की विभिन्न ब्रांचों का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि निगम की बिल्डिंग में एक प्राइवेट व्यक्ति को साल केंद्र एवं आधार कार्ड अपडेट करने की अनुमति दे रखी है, जिसका कोई किराया निगम को नहीं मिल रहा है।
सुरेश वर्मा और जय कौशिक ने जब सेंटर प्रबंधक मोहन कुमार से पूछा कि यहां पर किसकी इजाजत से सेंटर चला रहे हैं, तो उन्होंने एक पत्र दिखाया, जिसमें निगम के क्षेत्रीय व काराधान अधिकारी की ओर से सेंटर चलाने की इजाजत दी गई है, लेकिन किसी भी तरह का किराया नहीं लिया जा रहा। केवल हरियाणा सरकार के आदेशानुसार ही काम करने की हिदायत दी गई है। जय कौशिक ने कहा कि निगम कार्यालय में रोजाना लगभग 100 से 150 लोग अपने विभिन्न कामों के लिए आते हैं। यदि प्रति व्यक्ति सेंटर चालक 50 रुपये ले रहा है, तो रोजाना 5 से 7000 रुपये की आय है। जबकि, निगम को कोई किराया तक नहीं दे रहा और निगम की बिजली का भी मुफ्त लाभ उठा रहा है।
मासिक किराया निर्धारित करने की मांग
सुरेश वर्मा और जय कौशिक ने नगर निगम आयुक्त से इस संबंध में कार्रवाई कर पिछले डेढ़ साल का किराया लेने और आने वाले समय के लिए मासिक किराया निर्धारित करने के लिए कहा, ताकि निगम की आय हो सके। बाकी सामुदायिक केंद्रों में इस तरह के सेंटर खोले गए हैं, तो उनसे भी किराया लिया जाना चाहिए। पिछले दिनों हाउस आनर्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 के चेयरमैन भारत हितैषी ने इस मुद्दे को उठाया था। इसमें उन्होंने कहा कि सेक्टर-4 निगम कार्यालय में लोगों से 50 रुपये लेकर किसी भी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती थी। यह पता नहीं चलता कि यह 50 रुपये किसके खाते में जाते हैं। अब पार्षदों के निरीक्षण के बाद खुलासा हुआ है कि यह सेंटर प्राइवेट व्यक्ति की ओर से फ्री में निगम की इमारत में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुरेश वर्मा और जय कौशिक ने जब सेंटर प्रबंधक मोहन कुमार से पूछा कि यहां पर किसकी इजाजत से सेंटर चला रहे हैं, तो उन्होंने एक पत्र दिखाया, जिसमें निगम के क्षेत्रीय व काराधान अधिकारी की ओर से सेंटर चलाने की इजाजत दी गई है, लेकिन किसी भी तरह का किराया नहीं लिया जा रहा। केवल हरियाणा सरकार के आदेशानुसार ही काम करने की हिदायत दी गई है। जय कौशिक ने कहा कि निगम कार्यालय में रोजाना लगभग 100 से 150 लोग अपने विभिन्न कामों के लिए आते हैं। यदि प्रति व्यक्ति सेंटर चालक 50 रुपये ले रहा है, तो रोजाना 5 से 7000 रुपये की आय है। जबकि, निगम को कोई किराया तक नहीं दे रहा और निगम की बिजली का भी मुफ्त लाभ उठा रहा है।
विज्ञापन
मासिक किराया निर्धारित करने की मांग
सुरेश वर्मा और जय कौशिक ने नगर निगम आयुक्त से इस संबंध में कार्रवाई कर पिछले डेढ़ साल का किराया लेने और आने वाले समय के लिए मासिक किराया निर्धारित करने के लिए कहा, ताकि निगम की आय हो सके। बाकी सामुदायिक केंद्रों में इस तरह के सेंटर खोले गए हैं, तो उनसे भी किराया लिया जाना चाहिए। पिछले दिनों हाउस आनर्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10 के चेयरमैन भारत हितैषी ने इस मुद्दे को उठाया था। इसमें उन्होंने कहा कि सेक्टर-4 निगम कार्यालय में लोगों से 50 रुपये लेकर किसी भी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती थी। यह पता नहीं चलता कि यह 50 रुपये किसके खाते में जाते हैं। अब पार्षदों के निरीक्षण के बाद खुलासा हुआ है कि यह सेंटर प्राइवेट व्यक्ति की ओर से फ्री में निगम की इमारत में चलाया जा रहा है।
विज्ञापन