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रिचार्ज वेल से बढ़ेगा भूजलस्तर, कम होगा जलभराव

Tue, 12 Jul 2022 01:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 12 Jul 2022 01:12 AM IST
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Recharge well will increase groundwater level, will reduce water logging
पंचकूला। गिरते भूजल स्तर को सुधारने के लिए नगर निगम ने रिचार्ज वेल बनाने की योजना बनाई है। सभी सेक्टरों में बने बड़े पार्कों में रिचार्ज वेल बनाए जाएंगे। इससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। वहीं शहर को जलभराव की समस्या से भी निजात मिल सकेगी। सेक्टर-19 में 4 रिचार्ज वेल बनाए भी जा चुके हैं। करीब 40 साल पहले शहर की आबादी बहुत कम थी।
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यहां कुछ ही कालोनियां थीं और चारों तरफ गांव बसे थे। गांवों में तालाब और कुएं होते थे। उनसे जमीन में पानी रिचार्ज होता रहता था। लेकिन शहर के विकास के साथ ही पानी की खपत बढ़ने लगी और तालाब, कुएं खत्म होते चले गए। इससे जमीन में पानी रिचार्ज होना बंद हो गया और भूजल स्तर नीचे जाने लगा। अब शहर में 200 से 250 फुट नीचे पानी मिल रहा है। इसे सुधारने के लिए पार्कों में रिचार्ज वेल बनाने की योजना तैयार की है।
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6 मीटर गहराई, 3 मीटर लंबाई-चौड़ाई होगी
पार्कों में बनाए जाने वाले रिचार्ज वेल 6 मीटर गहरे होंगे। वहीं, इनकी लंबाई और चौड़ाई 3 मीटर रखी जाएगी। रिचार्ज वेल बनाने के बाद इनको ढंक दिया जाएगा, ताकि पार्क में सैर के लिए आने वाला कोई भी व्यक्ति इनमें न गिर सके।
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औद्योगिक क्षेत्र में भी बनाए जाएंगे
बारिश के दौरान सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या औद्योगिक क्षेत्र में होती है। इसलिए निगम ने औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में 2 और फेज-2 में एक रिचार्ज वेल बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा सेक्टर-19 में भी 2 और रिचार्ज वेल बनाए जाएंगे। 4 रिचार्ज वेल पहले ही बनाए जा चुके हैं। इससे काफी हद तक सेक्टर की जलभराव की समस्या पर भी काबू पाया जा सका है।
इस तरह कम हुआ शहर का जलस्तर
सेक्टर-16 निवासी वरिष्ठ नागरिक सुभाष पपनेजा ने बताया कि वो वर्ष 1982 में पंचकूला में रहने आए थे। उस समय यहां हाउसिंग बोर्ड की कालोनी होती थी और सेक्टर-15 को विकसित किया जा रहा था। आबादी बहुत ही कम थी। आसपास के क्षेत्र में गांव होते थे। इन गांवों में कुएं और तालाब बनाए गए थे। इन तालाबों में पहाड़ों से पानी आता था। गांवों के किसान पहाड़ों से पानी तालाबों में लेकर आते थे और सिंचाई करते थे। शहर को पानी की आपूर्ति करने के लिए 200 ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जो दिन-रात पानी का दोहन करते हैं। लेकिन जमीन में पानी रिचार्ज करने का कोई साधन नहीं बचा है।
इन जगहों पर होते थे तालाब
सुभाष पपनेजा ने बताया कि शहर का सेक्टर-5 पहले फतेहपुर गांव होता था। सेक्टर-8 धांसू गांव होता था। दोनों ही गांवों में भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध रहता था। इसी तरह हरिपुर, सकेतड़ी, भैंसा टिब्बा और आसपास के अन्य गांवों में तालाब होते थे, जो अब नहीं रहे हैं।
मीटिंग में मेयर ने दिए कई सुझाव
सोमवार को ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की मीटिंग हुई है। मीटिंग में मेयर कुलभूषण गोयल ने भूजल स्तर को सुधारने के कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचकूला के आसपास काफी वन्य क्षेत्र है। यहां नलकूप लगाकर चेक डेम बनाए जा सकते हैं। उस पानी को शहर में लाया जा सकता है। इससे जमीन में पानी भी रिचार्ज होगा।
शहर के सभी सेक्टरों के बड़े पार्कों में रिचार्ज वेल बनाए जाएंगे। इससे जमीन में पानी रिचार्ज हो सकेगा, जिससे शहर का भूजल स्तर सुधरेगा। - विजय गोयल, एसई, नगर निगम

सोमवार को ग्राउंड वाटर अथॉरिटी की मीटिंग हुई है। उसमें रिचार्ज वेल बनाने का प्रपोजल रखा गया। इसे काफी सराहा गया और इस पर सहमति बनी है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। - कुलभूषण गोयल, मेयर, पंचकूला
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