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रंधावा मौत मामला: पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी से हाईकोर्ट संतुष्ट, याचिका निपटाई
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चंडीगढ़। पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के जीएम गगनदीप सिंह रंधावा की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। राज्य सरकार की ओर से पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने और उसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने का भरोसा दिए जाने के बाद कोर्ट संतुष्ट हुआ।
जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ के समक्ष राज्य के वकील ने बताया कि रंधावा की पत्नी उपेंद्र कौर के अनुरोध पर अमृतसर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ कराई गई। पूरी कार्यवाही रिकॉर्ड कर सुरक्षित रखी जा रही है ताकि भविष्य में जांच या न्यायिक प्रक्रिया में इसका उपयोग हो सके। अदालत ने कहा कि इससे याचिकाकर्ता की मुख्य चिंता दूर हो गई है। रंधावा की माता भग कौर की ओर से भी इस पर आपत्ति नहीं जताई गई जिसके बाद याचिका निपटा दी गई।
याचिका में भग कौर ने बेटे की मौत में साजिश और दबाव की आशंका जताई थी। मांग की गई थी कि पोस्टमार्टम किसी स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से कराया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। साथ ही आरोप लगाया गया था कि अवैध टेंडरों को मंजूरी के लिए दबाव, मारपीट, धमकियों और मानसिक उत्पीड़न के चलते रंधावा ने आत्महत्या की।
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जस्टिस जगमोहन बंसल की पीठ के समक्ष राज्य के वकील ने बताया कि रंधावा की पत्नी उपेंद्र कौर के अनुरोध पर अमृतसर में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ कराई गई। पूरी कार्यवाही रिकॉर्ड कर सुरक्षित रखी जा रही है ताकि भविष्य में जांच या न्यायिक प्रक्रिया में इसका उपयोग हो सके। अदालत ने कहा कि इससे याचिकाकर्ता की मुख्य चिंता दूर हो गई है। रंधावा की माता भग कौर की ओर से भी इस पर आपत्ति नहीं जताई गई जिसके बाद याचिका निपटा दी गई।
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याचिका में भग कौर ने बेटे की मौत में साजिश और दबाव की आशंका जताई थी। मांग की गई थी कि पोस्टमार्टम किसी स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से कराया जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो। साथ ही आरोप लगाया गया था कि अवैध टेंडरों को मंजूरी के लिए दबाव, मारपीट, धमकियों और मानसिक उत्पीड़न के चलते रंधावा ने आत्महत्या की।
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