{"_id":"63f523b8f9c6338df0008825","slug":"punjabs-private-bus-operators-seek-tax-relief-from-chief-minister-pkl-office-news-c-16-1-sml1026-68071-2023-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पंजाब के निजी बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री से मांगी टैक्स में राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पंजाब के निजी बस ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री से मांगी टैक्स में राहत
विज्ञापन
प्रेस वार्ता में अपनी बात रखते पंजाब मोटर यूनियन के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़। पंजाब मोटर यूनियन (पीएमयू) ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान से उन्हें विभिन्न टैक्सों में राहत प्रदान करने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि पंजाब में डीजल सबसे महंगा है और सरकार की नीति के तहत मुफ्त सवारियों के चलते उनके लिए अपना खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को सरकार ने राहत नहीं दे तो वे आंदोलन की राह पर जाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
इन्वेस्ट पंजाब समिट से पहले पीएमयू के पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में उन्हें सरकार से गंभीर आर्थिक संकट से उबारने का आग्रह किया है। अन्यथा निजी बस ऑपरेटर्स आंदोलन की राह पर चल पड़ेंगे। गौर हो कि निजी बस ऑपरेटरों की एक यूनियन साधारण श्रेणी के तहत लगभग 2000 बसों का संचालन करती है। पीएमयू के सचिव आरएस बाजवा ने कहा कि राज्य सरकार 23-24 फरवरी को इन्वेस्ट पंजाब समिट के माध्यम से निवेश आकर्षित करने की इच्छुक है, लेकिन नए निवेश के लिए कॉल करने से पहले घरेलू निवेशकों, विशेष रूप से पंजाब के अपने स्वदेशी प्राइवेट पैसेंजर बस इंडस्ट्री पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
बस ऑपरेटरों के बढ़ते घाटे को पीएमयू की अधिकार प्राप्त सब-कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों ने राज्य सरकार के साथ प्राइवेट बस इंडस्ट्री के मुद्दों को उठाने के लिए हरी झंडी दिखाई। पीएमयू के सदस्यों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा, प्रति किलोमीटर पर सर्वाधिक करों का बोझ और बस किराये में करीब जीरो बढ़ोतरी ने उनको काफी अधिक नुकसान पहुंचाया है। वे इस समय पूरी तरह से बर्बाद होने के कगार पर हैं, जिससे इंडस्ट्री पर निर्भर करीब सवा लाख परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है।
विज्ञापन
पीएमयू की अधिकार प्राप्त सब-कमेटी के सदस्य शुभकरमन बराड़ ने कहा कि निजी ऑपरेटरों पर प्रति किलोमीटर कर का बोझ 2.69 रुपये था और इस पर 10 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा उपकर (सोशल सिक्योरिटी सेस) भी लगाया गया है। नतीजतन प्रति किमी कर का बोझ अब 2.96 रुपये हो गया है। वहीं हाल ही में सरकार ने डीजल पर 90 पैसे प्रति लीटर सेस भी लगाया गया है, जिससे उनके लिए रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। बराड़ ने कहा कि अगर इस इंडस्ट्री को बचाना है तो प्रति किलोमीटर कर का बोझ घटाकर एक रुपये किया जाए। इस मौके पर संदीप शर्मा, अजीत सिंह खटड़ा और इकबाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इन्वेस्ट पंजाब समिट से पहले पीएमयू के पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में उन्हें सरकार से गंभीर आर्थिक संकट से उबारने का आग्रह किया है। अन्यथा निजी बस ऑपरेटर्स आंदोलन की राह पर चल पड़ेंगे। गौर हो कि निजी बस ऑपरेटरों की एक यूनियन साधारण श्रेणी के तहत लगभग 2000 बसों का संचालन करती है। पीएमयू के सचिव आरएस बाजवा ने कहा कि राज्य सरकार 23-24 फरवरी को इन्वेस्ट पंजाब समिट के माध्यम से निवेश आकर्षित करने की इच्छुक है, लेकिन नए निवेश के लिए कॉल करने से पहले घरेलू निवेशकों, विशेष रूप से पंजाब के अपने स्वदेशी प्राइवेट पैसेंजर बस इंडस्ट्री पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
बस ऑपरेटरों के बढ़ते घाटे को पीएमयू की अधिकार प्राप्त सब-कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों ने राज्य सरकार के साथ प्राइवेट बस इंडस्ट्री के मुद्दों को उठाने के लिए हरी झंडी दिखाई। पीएमयू के सदस्यों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा, प्रति किलोमीटर पर सर्वाधिक करों का बोझ और बस किराये में करीब जीरो बढ़ोतरी ने उनको काफी अधिक नुकसान पहुंचाया है। वे इस समय पूरी तरह से बर्बाद होने के कगार पर हैं, जिससे इंडस्ट्री पर निर्भर करीब सवा लाख परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है।
विज्ञापन
पीएमयू की अधिकार प्राप्त सब-कमेटी के सदस्य शुभकरमन बराड़ ने कहा कि निजी ऑपरेटरों पर प्रति किलोमीटर कर का बोझ 2.69 रुपये था और इस पर 10 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा उपकर (सोशल सिक्योरिटी सेस) भी लगाया गया है। नतीजतन प्रति किमी कर का बोझ अब 2.96 रुपये हो गया है। वहीं हाल ही में सरकार ने डीजल पर 90 पैसे प्रति लीटर सेस भी लगाया गया है, जिससे उनके लिए रोजमर्रा का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है। बराड़ ने कहा कि अगर इस इंडस्ट्री को बचाना है तो प्रति किलोमीटर कर का बोझ घटाकर एक रुपये किया जाए। इस मौके पर संदीप शर्मा, अजीत सिंह खटड़ा और इकबाल सिंह आदि मौजूद रहे।