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विरोध : कब्जा हटाने गई एचएसवीपी टीम को बलटाना के पार्षदों और नगर काउंसिल ने रोका
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पंचकूला। सेक्टर-19 और बलटाना में सीमा विवाद को लेकर मंगलवार को एचएसवीपी और नगर परिषद एक बार फिर आमने-सामने आ गईं। मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम बलटाना क्षेत्र में कब्जा की गई जमीन को छुड़ाने पहुंचीं तो बलटाना के पार्षद और प्रशासनिक अमले ने प्राधिकरण को काम करने से रोक दिया। मौके पर पंजाब और हरियाणा की पुलिस फोर्स भी पहुंच गई। घंटों बहस के बाद प्राधिकरण की टीम को लौटना पड़ा। प्राधिकरण का दावा है कि सर्वे ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि जीरकपुर के लोगों द्वारा पंचकूला की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है।
जानकारी के अनुसार प्राधिकरण के संपदा अधिकारी राकेश संधू, एसडीओ जोगिंद्र बेनीवाल, कैलाश काला, जेई अमित कुमार और पुलिस फोर्स के साथ अपनी जमीन पर पोल लगाने गए थे। खड्ढे खोद दिए गए। इस बात की भनक लगते ही बलटाना की पार्षद शिवानी गोयल और नेहा शर्मा मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद कागज दिखाने के लिए दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत होती रही। जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि अभी चुनाव के चलते वे व्यस्त हैं। उनके पास कागजात नहीं हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में एक बैठक दोबारा बुलाने पर सहमति बनी।
पानी का कनेक्शन पंजाब का, सीवर लाइन पंचकूला की
बलटाना का क्षेत्र पंचकूला के सेक्टर-19 से मिला हुआ है। इसका फायदा उठाकर बिल्डर्स ने सेक्टर-19 और बलटाना के बॉर्डर पर हरियाणा की खाली जमीन पर कब्जा कर बेच दिया है। इस जमीन पर लोगों ने मकान तक भी बना लिए हैं। यही नहीं हरियाणा की इस जमीन पर बने मकानों को पानी का कनेक्शन पंजाब की तरफ से दिया जा रहा है। लोग सीवर पंचकूला का इस्तेमाल कर रहे हैं। बॉर्डर एरिया में कब्जे के विवाद को लेकर पंचकूला प्रशासन और जीरकपुर नगर परिषद पांच-छह माह में कई बार आमने-सामने आ चुके हैं।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की पूर्व इस्टेट अफसर ममता शर्मा ने पहले स्वयं मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की जांच की। उन्होंने हरियाणा की जमीन से कब्जे हटाने को कहा। उनका तबादला होने के बाद मामले को फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पंचकूला प्रशासन ने सेक्टर-19 और बलटाना के बीच कुछ क्षेत्र में दीवार भी बनाई थी, जिसे जीरकपुर नगर परिषद की टीम ने तोड़ दिया। पांच माह पहले इस दीवार को तोड़ने पर भी पंचकूला प्रशासन ने सख्त एतराज जताया था। कुछ क्षेत्रों में एचएसवीपी ने सीवरेज लाइन डाली थी। इस सीवरेज के ऊपर बिल्डर्स ने मकान बनाकर बेच दिए हैं। वहां अब तीन-तीन मंजिला मकान खड़े हैं। एक जगह एचएसवीपी ने सड़क बनाई थी, इस सड़क के ऊपर पंजाब ने इंटरलॉकिंग टाइलें डाल दी हैं। सड़क के आसपास का क्षेत्र बिल्डर्स ने बेच दिया है।
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जानकारी के अनुसार प्राधिकरण के संपदा अधिकारी राकेश संधू, एसडीओ जोगिंद्र बेनीवाल, कैलाश काला, जेई अमित कुमार और पुलिस फोर्स के साथ अपनी जमीन पर पोल लगाने गए थे। खड्ढे खोद दिए गए। इस बात की भनक लगते ही बलटाना की पार्षद शिवानी गोयल और नेहा शर्मा मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद कागज दिखाने के लिए दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत होती रही। जीरकपुर नगर परिषद के अधिकारियों ने कहा कि अभी चुनाव के चलते वे व्यस्त हैं। उनके पास कागजात नहीं हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में एक बैठक दोबारा बुलाने पर सहमति बनी।
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पानी का कनेक्शन पंजाब का, सीवर लाइन पंचकूला की
बलटाना का क्षेत्र पंचकूला के सेक्टर-19 से मिला हुआ है। इसका फायदा उठाकर बिल्डर्स ने सेक्टर-19 और बलटाना के बॉर्डर पर हरियाणा की खाली जमीन पर कब्जा कर बेच दिया है। इस जमीन पर लोगों ने मकान तक भी बना लिए हैं। यही नहीं हरियाणा की इस जमीन पर बने मकानों को पानी का कनेक्शन पंजाब की तरफ से दिया जा रहा है। लोग सीवर पंचकूला का इस्तेमाल कर रहे हैं। बॉर्डर एरिया में कब्जे के विवाद को लेकर पंचकूला प्रशासन और जीरकपुर नगर परिषद पांच-छह माह में कई बार आमने-सामने आ चुके हैं।
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हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की पूर्व इस्टेट अफसर ममता शर्मा ने पहले स्वयं मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की जांच की। उन्होंने हरियाणा की जमीन से कब्जे हटाने को कहा। उनका तबादला होने के बाद मामले को फिर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। पंचकूला प्रशासन ने सेक्टर-19 और बलटाना के बीच कुछ क्षेत्र में दीवार भी बनाई थी, जिसे जीरकपुर नगर परिषद की टीम ने तोड़ दिया। पांच माह पहले इस दीवार को तोड़ने पर भी पंचकूला प्रशासन ने सख्त एतराज जताया था। कुछ क्षेत्रों में एचएसवीपी ने सीवरेज लाइन डाली थी। इस सीवरेज के ऊपर बिल्डर्स ने मकान बनाकर बेच दिए हैं। वहां अब तीन-तीन मंजिला मकान खड़े हैं। एक जगह एचएसवीपी ने सड़क बनाई थी, इस सड़क के ऊपर पंजाब ने इंटरलॉकिंग टाइलें डाल दी हैं। सड़क के आसपास का क्षेत्र बिल्डर्स ने बेच दिया है।