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परेशानी : विशेषज्ञों से संपर्क कर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने में जुटे

Sun, 31 Oct 2021 01:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 01:21 AM IST
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Problem: Engaged in increasing the fertile power of the land by contacting the experts
पंचकूला। बरवाला ब्लॉक के 25 गांवों के किसान जहरीली गैस से खराब हुई एक हजार एकड़ से अधिक फसल और सब्जियों को बचाने में जुट गए हैं। वह इसके लिए कृषि विभाग और विशेषज्ञों से संपर्क कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह विशेषज्ञों की सलाह को अमलीजामा भी पहना रहे हैं, लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं। जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं, प्रभावित गांव के कुछ किसान अपने अनुभव के अनुसार सब्जियों को बटाने का प्रयास कर रहे हैं।
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गांव सुंदरपुर और कामी के किसानों ने बताया कि फसल और सब्जियों को बचाने के लिए उन्होंने कई उपाय किए। उन्होंने बताया कि पहले खाद का प्रयोग किया। इसके बाद फसल के ऊपर दवाई का भी छिड़काव किया। लेकिन, जहरीली गैस से खराब हुई फसल पर दवाई का कोई असर नहीं हो रहा है। किसानों का कहना है कि अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती गेहूं की फसल है। वह असमंजस की स्थिति में हैं कि गेहूं की फसल के लिए खेत को तैयार करें या नहीं। क्योंकि, जहरीली गैस से प्रभावित खेतों को तैयार कर उसमें गेहूं डाला गया वह अंकुरित न हुए तो उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी। क्योंकि गेहूं की फसल के लिए खेत तैयार करने में ही हजारों रुपये का खर्च आएगा।
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बारिश से जीरी की फसल हो चुकी है प्रभावित
पंजाब सीमावर्ती के पांच किलोमीटर के साथ लगते गांव के किसानों का कहना है कि इस बार बरसात होने से जीरी की फसल पहले ही प्रभावित हो चुकी है। उन्हें जीरी से जो कमाई उम्मीद थी वह हाथ नहीं लगी। वहीं, अब डेराबस्सी स्थित केमिकल की फैक्ट्रियों से छोड़ी गई जहरीली गैस से शलगम, मूली, गाजर, पालक, बरसीन सरसों, आलू और गोभी की फसल भी नष्ट हो गई है। ऐसी स्थिति में यदि वह गेहूं की फसल करते हैं तो वह भी नष्ट न हो जाए। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान खेत की मिट्टी को अच्छी तरह उलट-पलट दें तो काफी हद तक सफलता मिल सकती है।
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प्रशासनिक अधिकारी जुटा रहे जानकारी
गांव कामी, सुंदरपुर, सुल्तानपुर, बरवाला, नग्गल, जलौली, बतौड़, रिहौड़, भगवानपुर, भरैली, बीड़ फिरौड़ी, मौजा, बीड़ बाबूपुर, सगराना, मट्टावाली के किसानों की नष्ट हुई फसल को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी गंभीर हैं। वह अपने स्तर पर प्रभावित गांव के किसानों से संपर्क कर जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। वहीं, कुछ विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर वह सोमवार को प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेंगे। किसान अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाया जाए।

शिकायत मिलते ही करेंगे सख्त कार्रवाई
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि बरवाला ब्लॉक के किसानों की समस्या उनके संज्ञान में है। जैसे ही किसानों द्वारा शिकायत मिलेगी उचित कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक पंजाब सीमा के साथ लगते किसी भी गांव के किसान ने कोई शिकायत नहीं की है और न ही संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं, जैसे ही शिकायत मिलेगी वह पंजाब सरकार को केमिकल फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखेंगे।
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