{"_id":"61685f4b65a184704d70191e","slug":"preparations-for-changes-in-old-land-laws-in-punjab-bureau-news-pkl430027283","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब में पुराने भूमि कानूनों में बदलाव की तैयारी, भूमि कानून सुधार से संबंधित कमेटी गठन के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब में पुराने भूमि कानूनों में बदलाव की तैयारी, भूमि कानून सुधार से संबंधित कमेटी गठन के आदेश
विज्ञापन
चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में वीरवार को मुख्यमंत्री चरणजीत स?
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पुराने भूमि कानूनों में तुरंत व्यवस्थित रूप से बदलने का आह्वान किया है, ताकि लोगों की संपत्तियों के मालिकाना हक सुरक्षित रखे जा सकें। उन्होंने कहा कि यह प्रयास जमीन-जायदाद के वितरण के अलावा गिरदावरी, इंतकाल, जमाबंदी की मौजूदा व्यवस्था को आसान बनाने में सहायक होगा। इससे लोगों की संपत्तियों के अधिकारों से वंचित करने के गैर-कानूनी/धोखाधड़ी के कार्यों से बचाव होगा।
वीरवार को सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी डिप्टी उपायुक्तों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए चन्नी ने मुख्य सचिव को वित्त कमिश्नर (राजस्व) से सलाह मशविरे के साथ कमेटी का गठन करने के आदेश दिए। यह कमेटी डिप्टी कमिश्नर, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी पर आधारित होगी। कमेटी राज्य के भूमि कानूनों को आसान बनाने के लिए सुधार लाने संबंधी सुझाव देगी। उन्होंने मुख्य सचिव को गिरदावरी की प्रणाली के खात्मे के लिए विस्तृत प्रस्ताव लाने को भी कहा, ताकि वैध और वास्तविक मालिकों के मालिकाना अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
अफसरों को कैंप आफिस में काम करने की आज्ञा नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को अपने कैंप ऑफिस से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी कि लोगों की शिकायतों को निपटाने के साथ-साथ शाम 5 बजे के बाद भी फील्ड अफसरों के साथ बैठकें की जाएं, ताकि वह प्रशासनिक कामकाज पर ध्यान दे सकें और हफ्ते में दो दिन फील्ड दौरे के लिए आरक्षित रखे जाएं। चन्नी ने डिप्टी कमिश्नरों को सुविधा कैंप लगाने को भी कहा, ताकि आशीर्वाद स्कीम के अलावा बुढ़ापा, दिव्यांग, बेसहारा और विधवाओं की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बकाए का निपटारा किया जा सके। उन्होंने यह भी आदेश दिए कि यह कैंप 20 और 21 अक्टूबर के अलावा 29 और 30 अक्टूबर को तहसील, ब्लॉक और ज़िला स्तर पर लगाए जाएं। इसी तरह ऐसे सुविधा कैंपों के लिए अगला प्रोग्राम मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जल्दी जारी किया जाएगा। विकास कार्यों और कल्याण स्कीम में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को संबंधित विधायकों के साथ मीटिंगें करने को कहा, ताकि उनके हलकों से जुड़ी समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जा सके।
विज्ञापन
अपने अधीनस्थ स्टाफ के कामकाज पर नजर रखें डीसी
मुख्यमंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म व मृत्यु सर्टिफिकेट को समय पर जारी किए जाने की जरूरत का भी जिक्र किया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि जिलों में अपने अधीनस्थ स्टाफ के कामकाज पर नजर रखी जाए, ताकि फाइलों पर अनावश्यक एतराज की प्रथा को खत्म किया जा सके, क्योंकि इससे आम लोगों को अपमानित होना पड़ता है। रजिस्टरी दफ्तरों में खासकर भ्रष्टाचार की प्रचलित प्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने विशेष तौर पर डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि वह तहसीलदारों को शाम 5 बजे के बाद रजिस्टरी करने की आज्ञा न दें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की उनके दफ्तरों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक फील्ड में उपलब्धता को यकीनी बनाया जाए और रजिस्टरी के लिए निर्धारित फीस ही वसूली जाए। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को यह यकीनी बनाने के लिए भी कहा कि बेवजह रजिस्टरी में देरी न की जाए।
डीसी की जानकारी के बिना बहाल न हों सस्पेंडेड मुलाजिम
जो भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने में गैर-हाजिर पाया गया, उसे तुरंत मुअत्तल किया जाये। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह भी कहा कि वह सभी विभागीय मुखियों को संबंधित डिप्टी कमिश्नर को भरोसे में लिए बगैर ऐसे गलत कर्मचारियों को बहाल न करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी करें।
विज्ञापन
वीरवार को सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय में सभी डिप्टी उपायुक्तों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए चन्नी ने मुख्य सचिव को वित्त कमिश्नर (राजस्व) से सलाह मशविरे के साथ कमेटी का गठन करने के आदेश दिए। यह कमेटी डिप्टी कमिश्नर, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी पर आधारित होगी। कमेटी राज्य के भूमि कानूनों को आसान बनाने के लिए सुधार लाने संबंधी सुझाव देगी। उन्होंने मुख्य सचिव को गिरदावरी की प्रणाली के खात्मे के लिए विस्तृत प्रस्ताव लाने को भी कहा, ताकि वैध और वास्तविक मालिकों के मालिकाना अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।
विज्ञापन
अफसरों को कैंप आफिस में काम करने की आज्ञा नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी को अपने कैंप ऑफिस से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी कि लोगों की शिकायतों को निपटाने के साथ-साथ शाम 5 बजे के बाद भी फील्ड अफसरों के साथ बैठकें की जाएं, ताकि वह प्रशासनिक कामकाज पर ध्यान दे सकें और हफ्ते में दो दिन फील्ड दौरे के लिए आरक्षित रखे जाएं। चन्नी ने डिप्टी कमिश्नरों को सुविधा कैंप लगाने को भी कहा, ताकि आशीर्वाद स्कीम के अलावा बुढ़ापा, दिव्यांग, बेसहारा और विधवाओं की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बकाए का निपटारा किया जा सके। उन्होंने यह भी आदेश दिए कि यह कैंप 20 और 21 अक्टूबर के अलावा 29 और 30 अक्टूबर को तहसील, ब्लॉक और ज़िला स्तर पर लगाए जाएं। इसी तरह ऐसे सुविधा कैंपों के लिए अगला प्रोग्राम मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जल्दी जारी किया जाएगा। विकास कार्यों और कल्याण स्कीम में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को संबंधित विधायकों के साथ मीटिंगें करने को कहा, ताकि उनके हलकों से जुड़ी समस्याओं को पहल के आधार पर हल किया जा सके।
विज्ञापन
अपने अधीनस्थ स्टाफ के कामकाज पर नजर रखें डीसी
मुख्यमंत्री ने ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म व मृत्यु सर्टिफिकेट को समय पर जारी किए जाने की जरूरत का भी जिक्र किया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि जिलों में अपने अधीनस्थ स्टाफ के कामकाज पर नजर रखी जाए, ताकि फाइलों पर अनावश्यक एतराज की प्रथा को खत्म किया जा सके, क्योंकि इससे आम लोगों को अपमानित होना पड़ता है। रजिस्टरी दफ्तरों में खासकर भ्रष्टाचार की प्रचलित प्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने विशेष तौर पर डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि वह तहसीलदारों को शाम 5 बजे के बाद रजिस्टरी करने की आज्ञा न दें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की उनके दफ्तरों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक फील्ड में उपलब्धता को यकीनी बनाया जाए और रजिस्टरी के लिए निर्धारित फीस ही वसूली जाए। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को यह यकीनी बनाने के लिए भी कहा कि बेवजह रजिस्टरी में देरी न की जाए।
डीसी की जानकारी के बिना बहाल न हों सस्पेंडेड मुलाजिम
जो भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाने में गैर-हाजिर पाया गया, उसे तुरंत मुअत्तल किया जाये। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को यह भी कहा कि वह सभी विभागीय मुखियों को संबंधित डिप्टी कमिश्नर को भरोसे में लिए बगैर ऐसे गलत कर्मचारियों को बहाल न करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी करें।