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Panchkula News: सिविल अस्पताल में निमोनिया के मामले बढ़े
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छाती जाम होने पर बच्चों को आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्ट की पड़ रही जरूरत, पीडियाट्रिक वार्ड में बढ़ा दबाव
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ-साथ निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। हालात ये हैं कि बच्चों की ओपीडी रोज 350 के आसपास पहुंच गई है जबकि छाती जाम और निमोनिया से पीड़ित करीब 20 बच्चों को पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार कई बच्चों की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें ऑक्सीजन और कुछ मामलों में वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे बच्चों को पूरी तरह ठीक होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग रहा है। ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है।
पंचकूला की पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. श्रुति सरीन ने बताया कि मौसम में अचानक ठंड बढ़ने के बाद रोजाना औसतन 20 बच्चे निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि निमोनिया के प्रमुख लक्षणों में छाती में जकड़न या दर्द, सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार और पीले, हरे या कभी-कभी खूनी बलगम के साथ खांसी शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए बच्चे की जांच कराना और डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।
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इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं इंदिरा कॉलोनी निवासी निर्मला देवी ने बताया कि उनके बच्चे की छाती बुरी तरह जाम हो गई थी। अस्पताल में ऑक्सीजन पर रखने के बाद बच्चे को काफी राहत मिली। वहीं बुढ़नपुर से आई सुखजीत सिंह ने बताया कि उनके बेटे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसे करीब दो घंटे तक ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा, तब जाकर हालत में सुधार हुआ।
निमोनिया से बचाव के उपाय
बच्चों का टीकाकरण समय पर और पूरी तरह करवाएं।
पौष्टिक आहार दें और बीमार लोगों से बच्चों को दूर रखें।
हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोने की आदत डालें।
साबुन-पानी उपलब्ध न हो तो अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिशू या कोहनी से ढकें।
कोट
ठंड बढ़ने के साथ बच्चों में निमोनिया के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में पूरी तैयारी है और सभी बच्चों का समुचित इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। कड़ाके की ठंड और शीतलहर का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ-साथ निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। हालात ये हैं कि बच्चों की ओपीडी रोज 350 के आसपास पहुंच गई है जबकि छाती जाम और निमोनिया से पीड़ित करीब 20 बच्चों को पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार कई बच्चों की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें ऑक्सीजन और कुछ मामलों में वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे बच्चों को पूरी तरह ठीक होने में एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग रहा है। ठंड बढ़ने के साथ ही बच्चों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है।
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पंचकूला की पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. श्रुति सरीन ने बताया कि मौसम में अचानक ठंड बढ़ने के बाद रोजाना औसतन 20 बच्चे निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि निमोनिया के प्रमुख लक्षणों में छाती में जकड़न या दर्द, सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार और पीले, हरे या कभी-कभी खूनी बलगम के साथ खांसी शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर बिना देरी किए बच्चे की जांच कराना और डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।
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इलाज के लिए अस्पताल पहुंचीं इंदिरा कॉलोनी निवासी निर्मला देवी ने बताया कि उनके बच्चे की छाती बुरी तरह जाम हो गई थी। अस्पताल में ऑक्सीजन पर रखने के बाद बच्चे को काफी राहत मिली। वहीं बुढ़नपुर से आई सुखजीत सिंह ने बताया कि उनके बेटे को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, जिसे करीब दो घंटे तक ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा, तब जाकर हालत में सुधार हुआ।
निमोनिया से बचाव के उपाय
बच्चों का टीकाकरण समय पर और पूरी तरह करवाएं।
पौष्टिक आहार दें और बीमार लोगों से बच्चों को दूर रखें।
हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोने की आदत डालें।
साबुन-पानी उपलब्ध न हो तो अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिशू या कोहनी से ढकें।
कोट
ठंड बढ़ने के साथ बच्चों में निमोनिया के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में पूरी तैयारी है और सभी बच्चों का समुचित इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6