पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के डिवीजन नंबर 2 में 2 लाख रुपये के तक सैकड़ों टेंडरों में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये के सरकारी धन के फर्जीवाड़े की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। शिकायतकर्ता की भेजी शिकायत को जांच के लिए पीएमओ ने मुख्य प्रशासक को मार्क किया है। मामले में शिकायतकर्ता हेमंत शर्मा ने बताया है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) में निविदाओं के आवंटन में धोखाधड़ी हो रही है। 45 निविदाएं शुरू में रद्द कर दी गई थीं और बाद में कुछ चेहते आवेदकों को आवंटित कर दी गईं, जो निविदा प्रक्रिया के नियमों के विपरीत है। हेमंत कुमार ने शिकायत में कहा है कि एक ट्यूबवेल आपरेटर से एचएसवीपी में बिना औपचारिक नियुक्ति या आधिकारिक पदनाम के कंप्यूटर आपरेटर का कार्य करवाया जा रहा है। यह व्यक्ति निविदा प्रक्रिया की विश्वसनीयता से समझौता कर चेहते ठेकेदारों का टेंडर खोलता है। विशेष रूप से यह देखते हुए कि निविदाओं का आवंटन कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) और उनके कार्यालय द्वारा प्रबंधित किया जाता है, जो निविदाओं को अधिसूचित करने, खोलने और जारी करने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि 7 से 10 कंपनियां कई टेंडर टेंडर डालती हैं, लेकिन जो कंपनियां इनकी जानकार होती है, उनका टेंडर खोल दिया जाता है और अन्य को बिना कारण बताए रद्द कर दिया जाता है। इस प्रकरण में मुख्य तौर एक ट्यूबवेल आपरेटर पर जिम्मेदार है। हेमंत कुमार ने कहा कि इस मामले में ट्यूबवेल ऑपरेटर के खिलाफ कई बार शिकायत हो चुकी है, लेकिन विभाग कार्रवाई नहीं करता। पीएम को शिकायत में हेमंत कुमार ने अब तक कितने टेंडर जारी किए गए, खोले गए, रद्द किए गए और इन रद्द होने के कारण क्या हैं, बताने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि यह कुछ व्यक्तियों या कंपनियों का पक्ष लेकर अनुचित कमीशन निकालने के लिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।