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Panchkula News: पिंजौर पुलिस ने एचएसवीपी के अधिकारी को जांच के लिए बुलाया
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पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 का साइट।
आवासीय प्रोजेक्ट पर सिंचाई विभाग को है आपत्ति, दो बार रुकवा चुके हैं काम
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 के आवासीय प्रोजेक्ट का काम एनओसी नहीं मिलने के कारण 20 दिन से बंद पड़ा है। इस मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग में ठनी हुई है। सिंचाई विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर एनओसी नहीं लेने का आरोप लगाया था। सिंचाई विभाग की शिकायत पर पुलिस ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी को 19 नवंबर को जांच के लिए बुलाया है। इससे पहले सिंचाई विभाग पिंजौर पुलिस को दो बार शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग कर चुका है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरिंग विंग ने तीन बार काम रुकवाया है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर दोनों विभागों के इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन बार बैठकें भी हो चुकी है। इस पर सहमति भी बन गई थी। प्रोजेक्ट स्थल का दौरा करने के बाद करीब दो माह पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पास एनओसी के लिए 25 हजार रुपये जमा भी करवा दिए थे, लेकिन आज तक एनओसी नहीं मिली है। बता दें कि एचएसवीपी की यहां 20 एकड़ जमीन है। यहां सेक्टर विकसित करने की योजना है। इस पर विभाग काम कर रहा है।
दो बार पुलिस और एक बार डीसीपी को दी शिकायत
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ मुनीष ने बताया कि नहरी क्षेत्र में कोई भी सेक्टर विकसित करने से पहले विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां कौशल्या डैम है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काम शुरू करने से पहले एनओसी नहीं ली है। बिना एनओसी के विभाग यहां काम नहीं शुरू कर सकता है। यह नियम के खिलाफ है। इसलिए विभाग ने आवासीय प्रोजेक्ट को रुकवा दिया था, वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दो बार पिंजौर पुलिस और एक बार डीसीपी को पत्र लिखा गया है।
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8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की है योजना
8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की योजना बनाई गई है। विभाग ने हिमशिखा के पीछे 480 में से 102 प्लॉट काटे हैं। इस सेक्टर में पानी और सीवरेज कनेक्शन डालने की तैयारी चल रही थी। सेक्टर विकसित होने के बाद हिमशिखा सहित आसपास की कॉलोनियों को एक अतिरिक्त सड़क मिल जाएगी। अभी पंचकूला से हिमशिखा तक का सफर तय करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं। सड़क बनने के बाद यह सफर केवल 10 मिनट का रह जाएगा।
इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। पिंजौर के सेक्टर-5 में प्रवेश के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 45 मीटर सड़क टोल प्लाजा से थोड़ी दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के साथ बना रहा है। इसमें शामिल पुल का काम पूरा कर लिया गया है, यह डीएलएफ वैली के पास जाकर मिलेगा। यह सड़क 19.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। अभी यहां भी वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते सड़क का काम अधूरा पड़ा है।
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 में बिना एनओसी काम करने की शिकायत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने दी थी। एचएसवीपी के अधिकारी को 19 नवंबर को मामले की जांच के लिए बुलाया गया है। - विनोद कुमार, एएसआई पिंजौर थाना पुलिस
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 विकसित करने के लिए करीब दो माह पहले एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। सिंचाई विभाग ने अब तक एनओसी जारी नहीं किया है, जिसके चलते प्रोजेक्ट का काम रुका है। - राजीव शर्मा, एसई एचएसवीपी
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 के आवासीय प्रोजेक्ट का काम एनओसी नहीं मिलने के कारण 20 दिन से बंद पड़ा है। इस मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और सिंचाई विभाग में ठनी हुई है। सिंचाई विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर एनओसी नहीं लेने का आरोप लगाया था। सिंचाई विभाग की शिकायत पर पुलिस ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी को 19 नवंबर को जांच के लिए बुलाया है। इससे पहले सिंचाई विभाग पिंजौर पुलिस को दो बार शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग कर चुका है। सिंचाई विभाग के इंजीनियरिंग विंग ने तीन बार काम रुकवाया है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर दोनों विभागों के इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन बार बैठकें भी हो चुकी है। इस पर सहमति भी बन गई थी। प्रोजेक्ट स्थल का दौरा करने के बाद करीब दो माह पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विंग ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पास एनओसी के लिए 25 हजार रुपये जमा भी करवा दिए थे, लेकिन आज तक एनओसी नहीं मिली है। बता दें कि एचएसवीपी की यहां 20 एकड़ जमीन है। यहां सेक्टर विकसित करने की योजना है। इस पर विभाग काम कर रहा है।
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दो बार पुलिस और एक बार डीसीपी को दी शिकायत
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ मुनीष ने बताया कि नहरी क्षेत्र में कोई भी सेक्टर विकसित करने से पहले विभाग से एनओसी लेनी पड़ती है। यहां कौशल्या डैम है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काम शुरू करने से पहले एनओसी नहीं ली है। बिना एनओसी के विभाग यहां काम नहीं शुरू कर सकता है। यह नियम के खिलाफ है। इसलिए विभाग ने आवासीय प्रोजेक्ट को रुकवा दिया था, वहीं संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए दो बार पिंजौर पुलिस और एक बार डीसीपी को पत्र लिखा गया है।
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8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की है योजना
8.03 एकड़ में सेक्टर-5 बसाने की योजना बनाई गई है। विभाग ने हिमशिखा के पीछे 480 में से 102 प्लॉट काटे हैं। इस सेक्टर में पानी और सीवरेज कनेक्शन डालने की तैयारी चल रही थी। सेक्टर विकसित होने के बाद हिमशिखा सहित आसपास की कॉलोनियों को एक अतिरिक्त सड़क मिल जाएगी। अभी पंचकूला से हिमशिखा तक का सफर तय करने में 15 से 20 मिनट लगते हैं। सड़क बनने के बाद यह सफर केवल 10 मिनट का रह जाएगा।
इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। पिंजौर के सेक्टर-5 में प्रवेश के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 45 मीटर सड़क टोल प्लाजा से थोड़ी दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप के साथ बना रहा है। इसमें शामिल पुल का काम पूरा कर लिया गया है, यह डीएलएफ वैली के पास जाकर मिलेगा। यह सड़क 19.80 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। अभी यहां भी वन विभाग की क्लीयरेंस नहीं मिलने के चलते सड़क का काम अधूरा पड़ा है।
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 में बिना एनओसी काम करने की शिकायत सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने दी थी। एचएसवीपी के अधिकारी को 19 नवंबर को मामले की जांच के लिए बुलाया गया है। - विनोद कुमार, एएसआई पिंजौर थाना पुलिस
पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर-5 विकसित करने के लिए करीब दो माह पहले एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। सिंचाई विभाग ने अब तक एनओसी जारी नहीं किया है, जिसके चलते प्रोजेक्ट का काम रुका है। - राजीव शर्मा, एसई एचएसवीपी