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Panchkula News: जिले में सुअर फार्म मालिक खुद ही सुअरों को मारने के लिए है मजबूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर । गांव धारीवाल कलेर में इन दिनों सुअरों में स्वाइन फीवर फैल चुका है। जिस कारण सुअर मर रहे हैं। अब सुअर फार्मा मालिक खुद ही सुअरों को मारने के लिए मजबूर है। फीवर प्रभावित सुअर जीवित रहा तो उससे अन्य सुअरों को भी स्वाइर फीवर होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन की ओर से आसपास के गांवों में भी सर्वे किया जा रहा है। धालीवाल कलेर में सुअरों की खरीद व बिक्री के लिए मंडी है। स्वाइन फीवर सिर्फ सुअरों को प्रभावित करता है। यह वायरस जनित बीमास्री है, जो संक्रामक होती है। इससे मनुष्यों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन सुअरों के लिए यह जानलेवा है। प्रशासन ने सुआरो के खरीद व बेच पर पाबंदी लगा दी है। अगले आदेशों पर इन के मास की खरीद बेच पर भी जिले में पाबंदी रहेगी।
पशुपालन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी बीमार सुअर की सूचना तुरंत देने को कहा है।
पशु चिकित्सक डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि यह बीमारी केवल सुअरों को प्रभावित करती है। यह वायरस लाइलाज है और यदि एक बार फार्म में फैल जाए तो पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल सकता है। इस से सुअर मरने लग जाते है। इस लिए अब विभाग के निर्देशों पर सुअर फार्मा हाउस के मालिकों की ओर से खुद ही बीमार सुअरों का मारना शुरू कर दिया है और इस के बाद इन को गहरा गड्डा खोद कर दफना दिया जाता है।
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अमृतसर । गांव धारीवाल कलेर में इन दिनों सुअरों में स्वाइन फीवर फैल चुका है। जिस कारण सुअर मर रहे हैं। अब सुअर फार्मा मालिक खुद ही सुअरों को मारने के लिए मजबूर है। फीवर प्रभावित सुअर जीवित रहा तो उससे अन्य सुअरों को भी स्वाइर फीवर होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन की ओर से आसपास के गांवों में भी सर्वे किया जा रहा है। धालीवाल कलेर में सुअरों की खरीद व बिक्री के लिए मंडी है। स्वाइन फीवर सिर्फ सुअरों को प्रभावित करता है। यह वायरस जनित बीमास्री है, जो संक्रामक होती है। इससे मनुष्यों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन सुअरों के लिए यह जानलेवा है। प्रशासन ने सुआरो के खरीद व बेच पर पाबंदी लगा दी है। अगले आदेशों पर इन के मास की खरीद बेच पर भी जिले में पाबंदी रहेगी।
पशुपालन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी बीमार सुअर की सूचना तुरंत देने को कहा है।
पशु चिकित्सक डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि यह बीमारी केवल सुअरों को प्रभावित करती है। यह वायरस लाइलाज है और यदि एक बार फार्म में फैल जाए तो पूरे क्षेत्र में तेजी से फैल सकता है। इस से सुअर मरने लग जाते है। इस लिए अब विभाग के निर्देशों पर सुअर फार्मा हाउस के मालिकों की ओर से खुद ही बीमार सुअरों का मारना शुरू कर दिया है और इस के बाद इन को गहरा गड्डा खोद कर दफना दिया जाता है।
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