{"_id":"61d2051e46cca47c476090cf","slug":"phirni-controversy-officials-misled-the-minister-by-hiding-facts-panchkula-news-pkl43806121","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरनी विवाद: अधिकारियों ने तथ्य छुपा मंत्री को किया गुमराह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिरनी विवाद: अधिकारियों ने तथ्य छुपा मंत्री को किया गुमराह
विज्ञापन
पंचकूला। गांव महेशपुर की सात फुट फिरनी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। इसका खुलासा इंडियन पैलेस के मालिक द्वारा भेजे गए शिकायती पत्र से हुआ है। उन्होंने पत्र में इस बात का खुलासा किया है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम तथ्य छुपाकर कष्ट निवारण कमेटी के चेयरमैन खेल मंत्री संदीप सिंह को गुमराह किया है। यही कारण है कि मामले की पूरी जानकारी न होने के कारण मंत्री ने निगम अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
पंचकूला सेक्टर-6 निवासी एवं इंडियन पैलेस के मालिक चौधरी बलबीर पाल दंदयान ने आरोप लगाया है कि गांव महेशपुर की फिरनी की रद्द की गई निशानदेही की रिपोर्ट कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने मंत्री के सामने पेश की है। जबकि इस रिपोर्ट को पूर्व डीसी विनय प्रताप सिंह ने 04 अक्तूबर 2021 को रद्द कर दी थी। उन्होंने पत्र में लिखा है कि फिरनी का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 14 जनवरी 2022 को सुनवाई होनी है। इस मामले में नगर निगम पंचकूला भी एक पार्टी है। वहीं, नगर निगम पहले ही पंचकूला न्यायालय में इस जगह पर कब्जा न होने के बारे में जवाब दाखिल कर चुका है। अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने लिखा है कि खसरा नंबर-79 की फिरनी पर अवैध कब्जे के बारे में उनके पास 6 अगस्त 2018 की कोर्ट की डिग्री है। इसमें किसी प्रकार के कब्जे का उल्लेख नहीं है। इस केस में हरियाणा सरकार और नगर निगम दोनों पार्टी थे।
खेल मंत्री को 140 पेज की भेजी रिपोर्ट
इंडियन पैलेस के मालिक चौधरी बलबीर दंदयान ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट को बिना तथ्यों की सच्चाई जाने ही पेश कर दिया गया, जबकि इस रिपोर्ट की सारी जानकारी उन्होंने मीटिंग से पहले उपायुक्त को दी थी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी देने के लिए खेल मंत्री संदीप सिंह, उपायुक्त महावीर कौशिक और एडीएम रिचा राठी, निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह को पत्र भेजा है। इसके अलावा खेल मंत्री संदीप सिंह को पत्र के साथ 140 पन्ने का रिकॉर्ड भी भेजा गया है।
विज्ञापन
किसी तरह की कार्रवाई से पहले करेंगे जांच: निगम आयुक्त
नगर निगम के आयुक्त धर्मवीर सिंह का कहना है कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह मामला उठा था। खेल मंत्री ने कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। लेकिन, इससे पहले इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी। यदि मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो फैसले का इंतजार किया जाएगा। वह जल्द ही इस मामले को लेकर उपायुक्त से भी बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
पंचकूला सेक्टर-6 निवासी एवं इंडियन पैलेस के मालिक चौधरी बलबीर पाल दंदयान ने आरोप लगाया है कि गांव महेशपुर की फिरनी की रद्द की गई निशानदेही की रिपोर्ट कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों ने मंत्री के सामने पेश की है। जबकि इस रिपोर्ट को पूर्व डीसी विनय प्रताप सिंह ने 04 अक्तूबर 2021 को रद्द कर दी थी। उन्होंने पत्र में लिखा है कि फिरनी का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और 14 जनवरी 2022 को सुनवाई होनी है। इस मामले में नगर निगम पंचकूला भी एक पार्टी है। वहीं, नगर निगम पहले ही पंचकूला न्यायालय में इस जगह पर कब्जा न होने के बारे में जवाब दाखिल कर चुका है। अब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने लिखा है कि खसरा नंबर-79 की फिरनी पर अवैध कब्जे के बारे में उनके पास 6 अगस्त 2018 की कोर्ट की डिग्री है। इसमें किसी प्रकार के कब्जे का उल्लेख नहीं है। इस केस में हरियाणा सरकार और नगर निगम दोनों पार्टी थे।
विज्ञापन
खेल मंत्री को 140 पेज की भेजी रिपोर्ट
इंडियन पैलेस के मालिक चौधरी बलबीर दंदयान ने आरोप लगाया है कि रिपोर्ट को बिना तथ्यों की सच्चाई जाने ही पेश कर दिया गया, जबकि इस रिपोर्ट की सारी जानकारी उन्होंने मीटिंग से पहले उपायुक्त को दी थी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी देने के लिए खेल मंत्री संदीप सिंह, उपायुक्त महावीर कौशिक और एडीएम रिचा राठी, निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह को पत्र भेजा है। इसके अलावा खेल मंत्री संदीप सिंह को पत्र के साथ 140 पन्ने का रिकॉर्ड भी भेजा गया है।
विज्ञापन
किसी तरह की कार्रवाई से पहले करेंगे जांच: निगम आयुक्त
नगर निगम के आयुक्त धर्मवीर सिंह का कहना है कि कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह मामला उठा था। खेल मंत्री ने कब्जे के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। लेकिन, इससे पहले इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी। यदि मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो फैसले का इंतजार किया जाएगा। वह जल्द ही इस मामले को लेकर उपायुक्त से भी बातचीत करेंगे।