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मां दुर्गा के दिव्य मंत्रों के जाप से लोग निरोग होते हैं : स्वामी

Wed, 22 Jan 2025 01:36 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:36 AM IST
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People get cured by chanting divine mantras of Maa Durga: Swami
समागम में मौजूद श्रद्धालु। संवाद 
पंचकूला। विश्व में कीटाणुओं का प्रबल दुष्प्रभाव बढ़ता जा रहा है। लोग पढ़ लिखकर जैसे ही धन कमा लेते हैं, वैसे ही रोगी हो जाते हैं और सारा धन रोगों के इलाज में खर्च हो जाता है। दुनिया में इतने कीटाणु बढ़ गए हैं कि जिनका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। केवल दुर्गा मां का पाठ ही इन कीटाणुओं को नष्ट कर सकता है। मां दुर्गा ही कीटाणुओं को उत्पन्न करने वाली है और यही नष्ट करने वाली है।
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ये उद्गार महाब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी ने मंगलवार को सेक्टर-20 अनाज मंडी में आयोजित ज्योति दिवस एवं प्रभु कृपा दुख निवारण समागम में श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में समागम के प्रथम दिन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कीटाणुओं ने पूरे विश्व में त्राहि-त्राहि मचा दी थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी भी पूरे वातावरण में न जाने कितने ऐसे रोग पैदा करने वाले भयंकर कीटाणु उपस्थित हैं, जिनका कोई इलाज भी नहीं है। इन सब रोगों का एक मात्रा निवारण केवल मां दुर्गा के दिव्य मंत्रों का पाठ और दैवव्यपाश्रय है।
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यह आलोक मां दुर्गा ने भगवान शिव को दिया और भगवान शिव से महाब्रह्मर्षियों को मिला तथा उनके माध्यम से जनसाधारण तक पहुंचा है। इस औषधि का मूलाधार पर प्रयोग करने से तुरंत ही रोग समाप्त हो जाते हैं। जिन दुखों, कष्टों का दुनिया कहीं कोई उपाय नहीं है वह मां दुर्गा के दैवव्य पाठ से जड़ से समाप्त हो जाते हैं।
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महाब्रह्मर्षि ने कहा कि परमात्मा स्वरूप मां दुर्गा के पाठ को छोड़ने से ही दुख और रोग आते हैं। सभी रोगों की औषधि परमात्मा का नाम है। मां दुर्गा परमात्माओं की परमात्मा है। मां दुर्गा ने ही भगवान राम, भगवान श्री कृष्ण को बनाया है। मां ने चंद्रमा, सूरज, तारे, पृथ्वी को बनाया है।
भगवान शिव ने मां दुर्गा की स्तुति की और पूछा कि हे मां, इस संसार का कल्याण करने वाली तुम ही हो, तुम ही सबकी रक्षक हो। दुर्गा सप्तशती में मां ने कहा है कि मैं आनंद और आनंदरूपा हूं। इनके द्वारा ही आनंद प्राप्त होता है।

समागम में सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं के विद्वानों, प्रशासनिक अधिकारियों व राजनीतिक क्षेत्र से संबंधित गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और प्रभु कृपा ग्रहण की। समागम में आए श्रद्धालुओं के लिए अटूट लंगर चलता रहा। इस मौके पर भक्तों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
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