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Panchkula News: मॉडल वार्ड की राह में पार्किंग सबसे बड़ी चुनौती, सेक्टर-9 और 10 में रोज जाम से लोग बेहाल
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शाम होते ही सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ता, ग्राहक लौट रहे खाली हाथ; दुकानदारों ने गार्ड, नो-एंट्री जोन और पार्किंग मार्किंग का दिया सुझाव
पार्षद बोले- निगम सदन में उठेगा मुद्दा, खाली सरकारी जमीन पर पार्किंग बनाने पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला वार्ड नंबर-4 को शहर का पहला मॉडल वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सफाई के दावों के बीच सेक्टर-9 और 10 में पार्किंग की गंभीर समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। शाम होते ही इन दोनों सेक्टरों में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे जाम, चालान और विवाद की स्थिति बन जाती है। इसका असर स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और ग्राहकों तीनों पर पड़ रहा है।
सेक्टर-9 और 10 शहर के सबसे पुराने और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां 100 से अधिक बूथ और 50 से ज्यादा शोरूम संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद अब तक व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शिव मंदिर से यवनिका चौक तक दोनों ओर सड़क पर वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
कोचिंग सेंटरों से शाम के समय बढ़ रहा दबाव
सेक्टर-10 में पहले से करीब 200 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। क्षेत्र में संचालित 30 से अधिक कोचिंग सेंटरों के कारण शाम चार बजे के बाद छात्रों को छोड़ने और लेने आने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। बूथ मार्केट की पार्किंग में सीमित वाहन ही खड़े हो पाते हैं, जबकि बाकी वाहन सड़क, गलियों और फुटपाथों पर खड़े कर दिए जाते हैं।
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पार्किंग नहीं मिलने से लौट रहे ग्राहक
सेक्टर-9 बूथ मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि सुबह से ही ग्राहकों को पार्किंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। शाम के समय हालात और खराब हो जाते हैं। कई ग्राहक वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलने पर बिना खरीदारी किए लौट जाते हैं। दुकानदारों ने अपने स्तर पर गार्ड रखने का फैसला लिया है, लेकिन उनका कहना है कि स्थायी पार्किंग व्यवस्था के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने मार्केट में गार्ड तैनात करने, नो-एंट्री जोन बनाने और पार्किंग के लिए सफेद लाइन से मार्किंग कराने का सुझाव दिया है।
रेजिडेंट्स बोले- 200 मीटर का रास्ता तय करने में लगते हैं 20 मिनट
सेक्टर-10 निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि शाम के समय बच्चों को कोचिंग से लाने-ले जाने के दौरान अक्सर लंबा जाम लग जाता है। कई बार 200 मीटर का रास्ता तय करने में 20 मिनट तक लग जाते हैं। उनका कहना है कि कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। पुलिस ने गलत पार्किंग पर चालान तो किए हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
अतिक्रमण भी बना बड़ी वजह
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पार्किंग की कमी के साथ-साथ अतिक्रमण भी समस्या को बढ़ा रहा है। कई दुकानदारों ने सामान सड़क तक फैला रखा है, जबकि कुछ स्थानों पर बी-रोड पर भी कब्जा किया गया है। निगम ने जल्द अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।
पार्षद बोले- खाली सरकारी जमीन पर बनेगी पार्किंग की योजना
वार्ड-4 के पार्षद भारत हितैषी ने कहा कि मॉडल वार्ड के लिए पार्किंग व्यवस्था सबसे अहम मुद्दा है। सेक्टर-9 और 10 में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए दुकानदारों के सुझावों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस मुद्दे को नगर निगम की आगामी सदन बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मार्केट के आसपास उपलब्ध खाली सरकारी जमीन को पार्किंग के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण हटाकर उपलब्ध पार्किंग क्षेत्र को भी मुक्त कराया जाएगा, ताकि मॉडल वार्ड में नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
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पार्षद बोले- निगम सदन में उठेगा मुद्दा, खाली सरकारी जमीन पर पार्किंग बनाने पर होगा विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। नगर निगम पंचकूला वार्ड नंबर-4 को शहर का पहला मॉडल वार्ड बनाने की तैयारी कर रहा है। बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सफाई के दावों के बीच सेक्टर-9 और 10 में पार्किंग की गंभीर समस्या सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। शाम होते ही इन दोनों सेक्टरों में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, जिससे जाम, चालान और विवाद की स्थिति बन जाती है। इसका असर स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और ग्राहकों तीनों पर पड़ रहा है।
सेक्टर-9 और 10 शहर के सबसे पुराने और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां 100 से अधिक बूथ और 50 से ज्यादा शोरूम संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद अब तक व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है। शिव मंदिर से यवनिका चौक तक दोनों ओर सड़क पर वाहनों की कतारें लग जाती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
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कोचिंग सेंटरों से शाम के समय बढ़ रहा दबाव
सेक्टर-10 में पहले से करीब 200 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। क्षेत्र में संचालित 30 से अधिक कोचिंग सेंटरों के कारण शाम चार बजे के बाद छात्रों को छोड़ने और लेने आने वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। बूथ मार्केट की पार्किंग में सीमित वाहन ही खड़े हो पाते हैं, जबकि बाकी वाहन सड़क, गलियों और फुटपाथों पर खड़े कर दिए जाते हैं।
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पार्किंग नहीं मिलने से लौट रहे ग्राहक
सेक्टर-9 बूथ मार्केट के दुकानदारों का कहना है कि सुबह से ही ग्राहकों को पार्किंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। शाम के समय हालात और खराब हो जाते हैं। कई ग्राहक वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलने पर बिना खरीदारी किए लौट जाते हैं। दुकानदारों ने अपने स्तर पर गार्ड रखने का फैसला लिया है, लेकिन उनका कहना है कि स्थायी पार्किंग व्यवस्था के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने मार्केट में गार्ड तैनात करने, नो-एंट्री जोन बनाने और पार्किंग के लिए सफेद लाइन से मार्किंग कराने का सुझाव दिया है।
रेजिडेंट्स बोले- 200 मीटर का रास्ता तय करने में लगते हैं 20 मिनट
सेक्टर-10 निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि शाम के समय बच्चों को कोचिंग से लाने-ले जाने के दौरान अक्सर लंबा जाम लग जाता है। कई बार 200 मीटर का रास्ता तय करने में 20 मिनट तक लग जाते हैं। उनका कहना है कि कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। पुलिस ने गलत पार्किंग पर चालान तो किए हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
अतिक्रमण भी बना बड़ी वजह
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पार्किंग की कमी के साथ-साथ अतिक्रमण भी समस्या को बढ़ा रहा है। कई दुकानदारों ने सामान सड़क तक फैला रखा है, जबकि कुछ स्थानों पर बी-रोड पर भी कब्जा किया गया है। निगम ने जल्द अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।
पार्षद बोले- खाली सरकारी जमीन पर बनेगी पार्किंग की योजना
वार्ड-4 के पार्षद भारत हितैषी ने कहा कि मॉडल वार्ड के लिए पार्किंग व्यवस्था सबसे अहम मुद्दा है। सेक्टर-9 और 10 में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए दुकानदारों के सुझावों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस मुद्दे को नगर निगम की आगामी सदन बैठक में उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मार्केट के आसपास उपलब्ध खाली सरकारी जमीन को पार्किंग के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। साथ ही अतिक्रमण हटाकर उपलब्ध पार्किंग क्षेत्र को भी मुक्त कराया जाएगा, ताकि मॉडल वार्ड में नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।