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Panchkula News: किताबों की लाइनों में लगकर लुट रहे अभिभावक, पत्र जारी कर विभाग कर रहा इतिश्री

Fri, 05 Apr 2024 02:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 02:23 AM IST
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Parents are being looted while standing in queues of books, the department is doing so by issuing letters
स्कूल चुनिंदा दुकानों पर अभिभावकों को भेज रहे, कई जगह स्कूल बेच रहे किताब-कॉपियां
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नए सत्र की शुरूआत होते ही हर बार प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की बुक्स चलवाने का दिखावा शिक्षा विभाग की तरफ से किया जाता है। इसे लागू करने में विभाग बेबस है। शहर के प्राइवेट स्कूलों के अभिभावकों को प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स चुनिंदा दुकानों में मिल रही है। अभिभावक लंबी लाइनों में लगकर लुटने को मजबूर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग हर वर्ष की तरह पत्र जारी कर इतिश्री करने में लगा है, जबकि कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं कर रहा है। पिछले साल की तरह इस साल भी स्कूल चुनिंदा दुकानों पर अभिभावकों की लिस्ट भेज रहे हैं लेकिन उनका नाम नहीं लिख रहे हैं। अभिभावकों को पेमेंट देने के एक दिन बाद स्कूल किताब और कॉपियां भेज रहे हैं।
बुक्स लेने के लिए लोग लंबी लाइनों में लगे
सेक्टर-15 की मार्केट में पहुंची सुमित्रा रानी ने बताया कि बच्चे की चौथी क्लास की बुक्स चाहिए थी। स्कूल की तरफ से कॉपी और बुक्स का सेट पांच हजार चार सौ रुपये में खरीदा है। इसके लिए स्कूल की तरफ से दुकानों पर भेजा गया है। यह बुक्स अन्य दुकानों पर नहीं मिल रही है।
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स्कूल में पेमेंट देने के बाद मिल रही हैं किताबें
सेक्टर-7 के निजी स्कूल में बुक्स खरीदने आए सुधीर कुमार ने बताया कि बच्चे की बुक्स मनीमाजरा के वेंडर से मिल रही है। स्कूल अपने स्तर पर किताब और कॉपी पेमेंट लेने के एक दिन बाद दे रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से कोई काम नहीं किया जा रहा है। एनसीईआरटी की बुक्स तो किसी भी स्कूल में नहीं चल रही हैं।
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स्कूल मनमानी पर उतरे, शिक्षा विभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
पंचकूला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान मनीष बांगड़ ने बताया कि शहर के प्राइवेट स्कूल पूरी तरह मनमानी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग उनके सामने बेबस है। अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई विभाग ने नहीं की है। इसलिए स्कूल ड्रेस, किताबों की सुनिश्चित दुकानों पर ही अभिभावकों को भेज रहे हैं। अभी तक इस पर कोई काम नहीं किया जा सका है।


वीरवार को शहर के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों और विद्यार्थियों को पुस्तकें, कार्य-पुस्तिकाएं, लेखन सामग्री, जूते, मोजे खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। नियम के साथ वह स्कूल में इनकी बिक्री नहीं कर सकते हैं। प्राइवेट स्कूलों को निर्देश हैं कि विद्यालय से संबंधित पाठ्यक्रम से संबंधित सभी पुस्तकों और वर्दी का विवरण विद्यालय के वेबसाइट और नोटिस बोर्ड के माध्यम से सार्वजनिक करें। अगर ऐसा प्राइवेट स्कूल नहीं करेंगे तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों की मनमानी की रोक पर कमेटी का गठन किया जाएगा। - सतपाल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला
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