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पंचकूला में कोरोना का एक साल : दहशत, लॉकडाउन, पलायन और सैकड़ों मौत के बाद जिंदगी की वैक्सीन तक का सफर

Sun, 21 Mar 2021 03:42 PM IST
ajay kumar अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
अरविंद बाजपेयी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 21 Mar 2021 03:42 PM IST
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Panchkula reported its first covid-19 positive case on march 21 in last year
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

एक साल पहले 21 मार्च को जैसे ही जिले में कोरोना संक्रमण का पहला मामला मिला, स्वास्थ्य, पुलिस समेत प्रशासन में हड़कंप मच गया। उच्च स्तर की सतर्कता के साथ स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित के संपर्क में आने वालों को द्रुत गति से चिह्नित करने का काम किया। कोरोना से डर का माहौल पहले ही लोगों के दिलों में घर कर गया था। यहां तक की साधारण बीमारी, खांसी, जुकाम पीड़ितों को लोग कोरोना संक्रमित में रूप में देखने लगे। 

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उधर, बाजारों में मास्क, सैनिटाइजर और दस्ताने मनचाहे दामों में बेचे जाने लगे। मास्क को लेकर भी कई तरह की भ्रांतियां लोगों में फैल गईं। सूरज की तपिश बढ़ते ही एकबार फिर कोरोना के मामलों में आई तेजी ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। तपिश भी वही है.....माहौल भी वैसा है सिर्फ बदला है तो वक्त...पर उसमें भी स्पष्ट कोरोना का भयावह माहौल झलक रहा है। पंचकूला जिले में पहला मामला खड़क मंगोली में सामने आया था।
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इस बार नया केवल यह है कि प्रशासन के पास अन्य विकल्पों के साथ कोविशील्ड भी है। कोरोना को हराने के लिए कई उम्र वर्ग के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। पंचकूला में कोरोना से 149 लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसके अलावा लॉकडाउन ने इंसानियत का नया चेहरा भी दिखाया। पंचकूला के कई समाजसेवी संगठनों ने गरीबों को राशन पहुंचाने का जिम्मा उठाया। कई ने पीपीई किट, सैनिटाइजर और मास्क बांटे। इसमें करीब 15 समाजसेवी संस्थाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

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कोरोना का पहला केस
खड़क मंगोली में 40 वर्षीय महिला संक्रमित मिली। यह एक ब्रिटिश महिला को मालिश करने गई थी। इस महिला में खांसी और बुखार के लक्षण नजर आए थे। जांच करने पर उसे कोरोना संक्रमित पाया गया। 

पहला कंटेनमेंट जोन
खड़क मंगोली पहली कॉलोनी थी, जिसे सील किया गया था। इसमें 50 पुलिसकर्मियों के अलावा स्वास्थ्य की देखभाल करने वाले अधिकारियों के चार दलों को झुग्गी-बस्ती में तैनात किया गया था। 

ड्रोन से रखी नजर
पंचकूला के सेक्टर-15 में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद 15 अप्रैल को पंचकूला सेक्टर-15 को पूरी तरह से सील कर दिया गया था। इस दौरान पंचकूला के इस सेक्टर में नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। 

जिले में पहली मौत
कोरोना संक्रमण से पंचकूला में पहली मौत दो जुलाई 2020 को हुई थी। सेक्टर- 21 स्थित एक निजी अस्पताल में किडनी का इलाज करवाने वाली यह महिला सेक्टर-12 की रहने वाली थी। 

प्लाज्मा थैरेपी शुरू
जिले के सेक्टर-6 अस्पताल में कोरोना काल में ही प्लाज्मा थैरेपी की नई शुरुआत हुई। फरीदाबाद, गुरुग्राम और पीजीआई रोहतक के बाद प्लाज्मा थैरेपी देने वाला पंचकूला चौथा जिला बना। 

पुलिस ने बांटा राशन
पंचकूला में समाजसेवी संस्थाओं के साथ ही पुलिस ने भी आर्थिक रूप से मजबूर लोगों को राशन बांटने का बीड़ा उठाया। पुलिस का एक नया रूप सामने आया। लॉकडाउन में पंचकूला के कई सेक्टरों में पुलिस सामान और राशन बांटती नजर आई। 

प्रवासी मजदूर चले घर
कोरोना काल के दौरान पंचकूला जिले से करीब 50 हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर अपने घर लौटे। इसकी वजह राशन और खाना-पानी का न मिलना था। इस वजह से जिसको जो साधन मिला उसी पर निकल पड़ा।

आयुष विभाग ने बांटा काढ़ा
पंचकूला में आयुष विभाग की टीम ने शानदार काम किया है। आयुष विभाग द्वारा जिले के प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में आयुष काढ़े का वितरण किया गया, जिससे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोत्तरी हुई। 

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