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भक्तों के लिए डेढ़ घंटे बाद खुला मंदिर का प्रवेश द्वार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Apr 2016 12:41 AM IST
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मात मनसा देवी मंदिर में भक्तों की लगी कतार।
- फोटो : अमर उजाला
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माता मनसा देवी मंदिर में वीरवार की सुबह दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को निराश लौटना पड़ा। क्योंकि श्रद्धालुओं को माता की आरती में शामिल नहीं होने दिया गया। जिसकी वजह से पिछले छह सालों से सुबह माता के दर्शन के लिए रोजाना मंदिर में आने वाले श्रद्धालु काफी निराश हैं।
दरसल वीरवार की सुबह करीब दो बजे मंदिर के गेट पर माता की आरती के लिए साढ़े पांच सौ श्रद्धालु मंदिर के बाहर लाइन में खड़े थे। लेकिन मंदिर का गेट श्रद्धालुओं के लिए आरती के बाद खोला गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सुबह ढाई बजे के करीब माता की आरती हुई।
उसके आधे घंटे बाद मंदिर का प्रवेश द्वारा श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। ऐसे में करीब डेढ़ घंटे तक मंदिर के बाहर श्रद्धालु प्रवेश द्वारा खुलने के इंतजार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से माता के दर्शन के लिए सुबह आते हैं, लेकिन ऐसा उनके साथ पहली बार हुआ, कि वे माता की बिना आरती लिए घर लौटे हों।
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गर्भगृह के बाहर तैनात पुलिस कर्मी भी ठीक नहीं
चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में तैनात पुलिस मुलाजिमों का व्यवहार भी श्रद्धालुओं के प्रति ठीक नहीं है। वे श्रद्धालुओं के साथ सख्ती से पेश आ रहे हैं। खासकर मंदिर के गर्भगृह के बाहर तैनात पुलिस मुलाजिम । जब भी कोई श्रद्धालु उनसे मदद की गुहार लगाता है तो पुलिस मुलाजिम कहते है कि हम तुम्हारे नौकर लगे हैं। पब्लिक की सेवा सुरक्षा और सहयोग का नारा लगाने वाली पुलिस को ये बरताव भी श्रद्धालुओं को झेलना पड़ रहा है।
घंटों लाइन में लगने के बाद भी धक्के
चैत्र नवरात्र में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगने के बाद भी पुलिस के धक्के खाने पड़ रहे हैं। क्योंकि मंदिर परिसर में तैनात पुलिस मुलाजिम आम पब्लिक की मदद के लिए नहीं खड़े किए गए हैं। वे तो वीवीआईपी को दर्शन करवाने के लिए मंदिर के बारह तैनात किए गए हैं। जब भी कोई आम पब्लिक अपनी परेशानी बताता है तो उसे बाहर का रास्ता दिखा देते हैं।
कोट्स
पिछले छह सालों से मंदिर में माता के दर्शन के लिए सुबह जाता हूं। पहली बार वीरवार को ऐसा हुआ है कि सुबह की आरती में श्रद्धालुओं के लिए गेट नहीं खोला गया।
पिंकल बंसल, निवासी मनीमाजरा चंडीगढ़।
कोट्स
पिछले कई सालों से माता की दर्शन के लिए रोजाना माता मनसा देवी मंदिर में जाते हैं। ऐसा पहली बार देखने को मिला कि करीब 500 श्रद्धालु मंदिर परिसर के बारह खड़े हैं और श्रद्धालुओं के आरती के लिए मंदिर का गेट नहीं खोला गया।
बिट्टू, निवासी, मनीमाजरा चंडीगढ़।
कोट्स
इस घटना की पूरी तरह जानकारी नहीं हैं। इस मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बीजी गोयल, सीईओ, श्रीमाता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला।
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दरसल वीरवार की सुबह करीब दो बजे मंदिर के गेट पर माता की आरती के लिए साढ़े पांच सौ श्रद्धालु मंदिर के बाहर लाइन में खड़े थे। लेकिन मंदिर का गेट श्रद्धालुओं के लिए आरती के बाद खोला गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि सुबह ढाई बजे के करीब माता की आरती हुई।
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उसके आधे घंटे बाद मंदिर का प्रवेश द्वारा श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। ऐसे में करीब डेढ़ घंटे तक मंदिर के बाहर श्रद्धालु प्रवेश द्वारा खुलने के इंतजार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से माता के दर्शन के लिए सुबह आते हैं, लेकिन ऐसा उनके साथ पहली बार हुआ, कि वे माता की बिना आरती लिए घर लौटे हों।
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गर्भगृह के बाहर तैनात पुलिस कर्मी भी ठीक नहीं
चैत्र नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में तैनात पुलिस मुलाजिमों का व्यवहार भी श्रद्धालुओं के प्रति ठीक नहीं है। वे श्रद्धालुओं के साथ सख्ती से पेश आ रहे हैं। खासकर मंदिर के गर्भगृह के बाहर तैनात पुलिस मुलाजिम । जब भी कोई श्रद्धालु उनसे मदद की गुहार लगाता है तो पुलिस मुलाजिम कहते है कि हम तुम्हारे नौकर लगे हैं। पब्लिक की सेवा सुरक्षा और सहयोग का नारा लगाने वाली पुलिस को ये बरताव भी श्रद्धालुओं को झेलना पड़ रहा है।
घंटों लाइन में लगने के बाद भी धक्के
चैत्र नवरात्र में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगने के बाद भी पुलिस के धक्के खाने पड़ रहे हैं। क्योंकि मंदिर परिसर में तैनात पुलिस मुलाजिम आम पब्लिक की मदद के लिए नहीं खड़े किए गए हैं। वे तो वीवीआईपी को दर्शन करवाने के लिए मंदिर के बारह तैनात किए गए हैं। जब भी कोई आम पब्लिक अपनी परेशानी बताता है तो उसे बाहर का रास्ता दिखा देते हैं।
कोट्स
पिछले छह सालों से मंदिर में माता के दर्शन के लिए सुबह जाता हूं। पहली बार वीरवार को ऐसा हुआ है कि सुबह की आरती में श्रद्धालुओं के लिए गेट नहीं खोला गया।
पिंकल बंसल, निवासी मनीमाजरा चंडीगढ़।
कोट्स
पिछले कई सालों से माता की दर्शन के लिए रोजाना माता मनसा देवी मंदिर में जाते हैं। ऐसा पहली बार देखने को मिला कि करीब 500 श्रद्धालु मंदिर परिसर के बारह खड़े हैं और श्रद्धालुओं के आरती के लिए मंदिर का गेट नहीं खोला गया।
बिट्टू, निवासी, मनीमाजरा चंडीगढ़।
कोट्स
इस घटना की पूरी तरह जानकारी नहीं हैं। इस मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बीजी गोयल, सीईओ, श्रीमाता मनसा देवी श्राइन बोर्ड पंचकूला।