{"_id":"5e29fb5c8ebc3e4b425e1100","slug":"panchkula-huccka-bar-nsui-drug-pkl-office-news-pkl3641484116","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीआई में सूचना न देने पर फूड व ड्रग्स विभाग को राज्य सूचना आयोग का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीआई में सूचना न देने पर फूड व ड्रग्स विभाग को राज्य सूचना आयोग का नोटिस
विज्ञापन
जिला पंचकूला में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार के संदर्भ में कांग्रेस छात्र इकाई एनएसयूआई आरटीआई सेल के राष्ट्रीय संयोजक दीपांशु बंसल ने 26 अप्रैल 2019 को आरटीआई के माध्यम से फूड व ड्रग्स विभाग से सूचना मांगी थी, लेकिन सूचना न मिलने के बाद बंसल ने प्रथम अपील डाली। इसी बीच राज्य ड्रग्स कंट्रोलर ने जिला ड्रग्स कंट्रोलर को जवाब देने को कहा, लेकिन जब ड्रग विभाग ने कोई सूचना नहीं दी तो 22 अगस्त और उसके बाद सात नवंबर को हरियाणा सूचना आयोग के समक्ष अपील की गई। इसके बाद आयोग ने बंसल की अपील पर कार्रवाई कर जिला पंचकूला के ड्रग्स कंट्रोलर व ड्रग्स विभाग के प्रथम अपीलेट अथॉर्टी को 30 जनवरी तक मामले के संबंध में लिखित जवाब देने के आदेश दिए हैं। साथ ही छह फरवरी को आयोग में इन पर्सन और किसी अधिकृत अफसर को मामले के सभी तथ्यों के साथ पेश होने के आदेश दिए है। दीपांशु ने बताया कि आयोग द्वारा मामले को गंभीरता से लेकर ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को तलब किया गया है। हालांकि कई बार जिला प्रशासन व सरकार को इन अवैध हुक्का बार्स को बंद करने के लिए बंसल द्वारा आग्रह किया जा चुका है। इसके साथ बंसल हाईकोर्ट के माध्यम से भी इन हुक्का बार्स को बंद करवाने के लिए तैयारी कर चुके हैं।
हरियाणा सरकार को भेजा जा चुका है लीगल नोटिस
दीपांशु बंसल ने हाईकोर्ट के वकील अमरबीर सलार के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीसी, ड्रग्स विभाग के कमिश्नर व एचएसवीपी के इस्टेट अफसर को हुक्का बार्स बंद करने के संदर्भ में 3 दिसंबर 2019 को लीगल नोटिस भेजा था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सभी हुक्का बार्स में रेड कर यह पाया कि अवैध रूप से हुक्का बार्स चल रहे हैं जो निकोटिन आदि के माध्यम से नशा सरेआम बेच रहे है और युवाओं को नशे की लत लगा रहे हैं।
25 हजार तक का जुर्माना व विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान
यदि हरियाणा सूचना आयोग चाहे तो संबंधित अधिकारी को सूचना न देने के लिए एक्ट के अनुसार 25 हजार तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है और लापरवाही बरतने के लिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दे सकता है।
विज्ञापन
दीपांशु ने क्या क्या पूछा था आरटीआई में?
दीपांशु बंसल ने पूछा था कि जिला पंचकूला में ड्रग्स विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार्स व कैफेस चिन्हित किए गए हैं, कितनों को अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह कहां और कब से कार्य कर रहे हैं और कौन-कौन इनको संचालित कर रहा है। इसके साथ ही कितनी बार हुक्का बार्स व कैफेस पर रेड की गई है, कितने सील व बंद हुए, कितनों पर प्रतिबंध लगाकर फाइन व जुर्माना लगाया गया है। विभाग द्वारा अब तक क्या क्या कार्रवाई की गई व भविष्य में क्या योजना है। इसके साथ ही कौन कौन से फ्लेवर्ड हुक्का व कौन कौन से फ्लेवर्स व किस किस तरह के हुक्का दिए जाने की अनुमति है जिसको लेकर अब सूचना आयोग ने ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को तलब किया है।
विज्ञापन
हरियाणा सरकार को भेजा जा चुका है लीगल नोटिस
दीपांशु बंसल ने हाईकोर्ट के वकील अमरबीर सलार के माध्यम से हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीसी, ड्रग्स विभाग के कमिश्नर व एचएसवीपी के इस्टेट अफसर को हुक्का बार्स बंद करने के संदर्भ में 3 दिसंबर 2019 को लीगल नोटिस भेजा था, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और सभी हुक्का बार्स में रेड कर यह पाया कि अवैध रूप से हुक्का बार्स चल रहे हैं जो निकोटिन आदि के माध्यम से नशा सरेआम बेच रहे है और युवाओं को नशे की लत लगा रहे हैं।
विज्ञापन
25 हजार तक का जुर्माना व विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान
यदि हरियाणा सूचना आयोग चाहे तो संबंधित अधिकारी को सूचना न देने के लिए एक्ट के अनुसार 25 हजार तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है और लापरवाही बरतने के लिए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दे सकता है।
विज्ञापन
दीपांशु ने क्या क्या पूछा था आरटीआई में?
दीपांशु बंसल ने पूछा था कि जिला पंचकूला में ड्रग्स विभाग द्वारा कुल कितने हुक्का बार्स व कैफेस चिन्हित किए गए हैं, कितनों को अनापत्ति पत्र व परमिशन दी गई है। यह कहां और कब से कार्य कर रहे हैं और कौन-कौन इनको संचालित कर रहा है। इसके साथ ही कितनी बार हुक्का बार्स व कैफेस पर रेड की गई है, कितने सील व बंद हुए, कितनों पर प्रतिबंध लगाकर फाइन व जुर्माना लगाया गया है। विभाग द्वारा अब तक क्या क्या कार्रवाई की गई व भविष्य में क्या योजना है। इसके साथ ही कौन कौन से फ्लेवर्ड हुक्का व कौन कौन से फ्लेवर्स व किस किस तरह के हुक्का दिए जाने की अनुमति है जिसको लेकर अब सूचना आयोग ने ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को तलब किया है।