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नौकरी बहाली की मांग को लेकर कंप्यूटर शिक्षक सड़क पर उतरे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2016 01:14 AM IST
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कंप्यूटर शिक्षक सड़क पर उतरे
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के करीब 2600 कंप्यूटर टीचर्स नौकरी बहाली की मांग को लेकर बुधवार को एक बार फिर से सड़क पर उतरे। शिक्षकों ने पंचकूला में शिक्षा सदन का घेराव किया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद शिक्षकों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश में राजकीय स्कूलों में तकनीकी शिक्षा देने के लिए अनुबंध के आधार पर लगे कंप्यूटर शिक्षकों का अनुबंध 31 मई को समाप्त हो चुका है।
ऐसे में प्रदेशभर में करीब 2600 कंप्यूटर शिक्षक नौकरी खो चुके हैं। सरकार द्वारा इन शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी मामले पर चुप्पी साधे हैं। पिछले वर्ष कंप्यूटर टीचर्स के लगातार आठ महीने के आंदोलन के बाद सितंबर 2015 में सरकार ने इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर मार्च 2016 तक नौकरी पर रखा था। नई भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है, जिसमें हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को रोकते हुए शिक्षकों के अनुबंध का फैसला सरकार पर छोड़ा हुआ है। शिक्षकों के भविष्य को लेकर ना ही सरकार कोई फैसला ले रही और ना अधिकारी कोई जवाब दे रहे हैं।
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शिक्षा विभाग अनुबंध बढ़ाने से किया मना
शिक्षकों के प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की तरफ से टीचर्स की मुलाकात शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त पीके दास से करवाई गई। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वित्त आयुक्त ने अनुबंध बढ़ाने से मना करते हुए सरकार पर फैसला छोड़ दिया।
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नई भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक
सरकार द्वारा अनुबंध के आधार पर भर्ती करने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। पंकज कुमार एवं अन्यों के नाम से लगाई गई याचिका में प्रदेश सरकार पर अनुबंध के कर्मचारी को दूसरे अनुबंध के कर्मचारी से बदलने का आरोप लगाया गया, कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील पर नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जिसकी अगली सुनवाई 5 जुलाई को होनी है। प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रेस प्रवक्ता सुरेश नैन और प्रधान बलराम धीमान का कहना है जब सरकार के पास अनुबंध पर कार्य करने के लिए पहले से ही टीचर्स मौजूद हैं, बावजूद सरकार कानूनी रूप से ऐसे कर्मचारियों को बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होगा मगर जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आता तब तक सरकार टीचर्स का अनुबंध बढ़ाया जाए।
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ऐसे में प्रदेशभर में करीब 2600 कंप्यूटर शिक्षक नौकरी खो चुके हैं। सरकार द्वारा इन शिक्षकों का अनुबंध बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी मामले पर चुप्पी साधे हैं। पिछले वर्ष कंप्यूटर टीचर्स के लगातार आठ महीने के आंदोलन के बाद सितंबर 2015 में सरकार ने इन शिक्षकों को अनुबंध के आधार पर मार्च 2016 तक नौकरी पर रखा था। नई भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है, जिसमें हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को रोकते हुए शिक्षकों के अनुबंध का फैसला सरकार पर छोड़ा हुआ है। शिक्षकों के भविष्य को लेकर ना ही सरकार कोई फैसला ले रही और ना अधिकारी कोई जवाब दे रहे हैं।
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शिक्षा विभाग अनुबंध बढ़ाने से किया मना
शिक्षकों के प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की तरफ से टीचर्स की मुलाकात शिक्षा विभाग के वित्त आयुक्त पीके दास से करवाई गई। लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वित्त आयुक्त ने अनुबंध बढ़ाने से मना करते हुए सरकार पर फैसला छोड़ दिया।
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नई भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक
सरकार द्वारा अनुबंध के आधार पर भर्ती करने के मामले में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। पंकज कुमार एवं अन्यों के नाम से लगाई गई याचिका में प्रदेश सरकार पर अनुबंध के कर्मचारी को दूसरे अनुबंध के कर्मचारी से बदलने का आरोप लगाया गया, कोर्ट ने याचिकाकर्ता की अपील पर नई भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जिसकी अगली सुनवाई 5 जुलाई को होनी है। प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रेस प्रवक्ता सुरेश नैन और प्रधान बलराम धीमान का कहना है जब सरकार के पास अनुबंध पर कार्य करने के लिए पहले से ही टीचर्स मौजूद हैं, बावजूद सरकार कानूनी रूप से ऐसे कर्मचारियों को बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया न्यायालय का फैसला सर्वमान्य होगा मगर जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आता तब तक सरकार टीचर्स का अनुबंध बढ़ाया जाए।